लोकसभा में 35 वर्ष से कम उम्र के लोगों के लिए 10 सीट आरक्षित करने संबंधी निजी विधेयक पेश
आशीष नेत्रपाल
- 26 Jul 2024, 08:51 PM
- Updated: 08:51 PM
नयी दिल्ली, 26 जुलाई (भाषा) कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने 35 वर्ष से कम आयु के लोगों के लिए लोकसभा में 10 सीट आरक्षित करने संबंधी एक निजी विधेयक शुक्रवार को सदन में पेश किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संसद में युवा सदस्य स्पष्ट रूप से अल्पमत में हैं और इससे ‘‘लोकतंत्र को नुकसान’’ हो रहा है।
थरूर द्वारा पेश किए गए विधेयक के लिए संविधान के अनुच्छेद 81 में संशोधन की आवश्यकता होगी जो संसद के निचले सदन की संरचना को परिभाषित करता है। वर्तमान में 543 सदस्यीय सदन की औसत आयु 55 वर्ष है।
विधेयक के अनुसार, ‘‘भारत की 50 प्रतिशत से अधिक जनसंख्या 25 वर्ष से कम आयु की है तथा 65 प्रतिशत से अधिक जनसंख्या 35 वर्ष से कम आयु की है। देश की औसत आयु 28 वर्ष है। भारत एक युवा देश है।’’
विधेयक में कहा गया, ‘‘हालांकि, इसके नेता नहीं हैं। भारतीय सांसद की औसत आयु 55 वर्ष है। विशेष रूप से युवा नागरिक अपर्याप्त उपस्थिति के साथ ‘बहिष्कृत बहुमत’ हैं। आज, 35 वर्ष से कम आयु के लोग दुनिया की आधी से अधिक आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं, लेकिन राजनीति में निर्वाचित प्रतिनिधियों के रूप में, वे स्पष्ट रूप से अल्पमत में हैं। यह अपने आप में लोकतंत्र की कमी है।’’
थरूर ने बाद में ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘हम पहले से ही जनसंख्या की औसत आयु और संसद की औसत आयु के बीच सबसे बड़े अंतर का विश्व रिकॉर्ड रखते हैं। यह आवश्यक है कि देश की सर्वोच्च विधायी इकाई में युवाओं की आवाज सुनी जाए।’’
थरूर ने विधेयक के बारे में कहा, ‘‘यदि मतदाता ऐसे प्रतिनिधियों की तलाश कर रहे हैं जो उनके हितों को प्रतिबिंबित करते हों, तो वे ऐसे उम्मीदवारों को चुन सकते हैं जो लगभग उनकी उम्र के हों। लोकसभा में सीट आरक्षित करने का यह ठोस उपाय हमारे युवाओं को यह संदेश देगा कि राजनीति में उनका भी स्थान है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘युवा वयस्कों को ऐसे प्रतिनिधियों की आवश्यकता है जिनसे वे जुड़ सकें और जो उनकी आकांक्षाओं के प्रति संवेदनशील हों तथा उन मुद्दों को उठाने के लिए प्रेरित हों जो उन्हें प्रभावित करते हैं। हमारी युवा आबादी दुनिया में सबसे बड़ी आबादी में से एक है और इससे जनसांख्यिकीय लाभांश पैदा होता है जो भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।’’
शुक्रवार को लोकसभा में 31 निजी विधेयक पेश किए गए।
सांसदों द्वारा पेश किए गए अन्य विधेयकों में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के चंद्रशेखर आजाद द्वारा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के बच्चों के लिए आवासीय विद्यालय स्थापित करने से संबंधित विधेयक भी शामिल है। उन्होंने निजी क्षेत्र में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण प्रदान करने से संबंधित विधेयक भी पेश किया।
कांग्रेस सांसद डीन कुरियाकोस ने रेबीज की रोकथाम और नियंत्रण के लिए प्रभावित जानवरों को विनियमित और नियंत्रित करने के लिए एक विधेयक पेश किया।
थरूर ने तिरुवनंतपुरम में केरल उच्च न्यायालय की एक स्थायी पीठ की स्थापना और ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 में संशोधन की मांग करते हुए दो अन्य विधेयक भी पेश किए।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे ने भारी बारिश, चक्रवात और अन्य कारणों से आई बाढ़ के पीड़ितों के पुनर्वास और कल्याण की मांग करते हुए एक विधेयक पेश किया। कांग्रेस सांसद शफी परम्बिल ने हवाई किराए के नियमन की मांग करते हुए एक विधेयक पेश किया।
भाषा आशीष