भाजपा सांसद ने हवाई किराये के नियमन संबंधी कांग्रेस सदस्य के निजी संकल्प का समर्थन किया
हक वैभव हक सुरेश
- 26 Jul 2024, 07:15 PM
- Updated: 07:15 PM
नयी दिल्ली, 26 जुलाई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद भर्तृहरि महताब ने शुक्रवार को लोकसभा में कांग्रेस सदस्य शफी परम्बिल के उस निजी संकल्प का समर्थन किया जिसमें विमान किरायों के विनियमन के लिए एक समिति या निकाय के गठन की मांग की गई है।
परम्बिल ने गैर-सरकारी सदस्यों के कामकाज के तहत निजी संकल्प पेश किया।
इस पर चर्चा में भाग लेते हुए महताब ने कहा कि इस संकल्प को पारित किए जाने की जरूरत है।
उन्होंने कांग्रेस सदस्य से कहा, ‘‘(नागर विमानन) मंत्री जी आपको इसे वापस लेने के लिए मनाएंगे, लेकिन मेरी राय है कि आप इसे वापस मत लीजिए...मैं सत्तापक्ष से हूं, लेकिन यह गैर-सरकारी संकल्प है इसलिए यह कह रहा हूं।’’
महताब ने यह भी कहा कि देश में हवाई किरायों के विनियमन के लिए केंद्रीय प्रतिभूति विनियम बोर्ड (सेबी) की तर्ज पर एक संस्था बननी चाहिए।
उनका कहना था, ‘‘डीजीसीए (नागर विमानन महानिदेशालय) बहुत सारे काम के बोझ तले दबा है। शायद उसके पास अत्यधिक किराये के मुद्दे को देखने का समय नहीं है। इसलिए सेबी की तरह अलग इकाई बननी चाहिए जो किराये पर निगरानी रख सके तथा जरूरत पड़ने पर जुर्माना भी लगा सके।’’
भाजपा के निशिकांत दुबे ने विमानों के किराये पर नियंत्रण के लिए कांग्रेस सांसद परम्बिल के विचार से सहमति जताई।
हालांकि उन्होंने कहा कि विपक्षी सदस्य आज विमानन क्षेत्र के इस तरह के हालात की बात कर रहे हैं, लेकिन उन्हें याद रखना चाहिए कि आज ये हालात क्यों पैदा हुए।
दुबे ने विमानन क्षेत्र के एक कानून का उल्लेख करते हुए कहा कि इंदिरा गांधी के प्रधानमंत्रित्व काल में बनाए गए इस कानून में नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) को विनियमन का अधिकार दिया गया था।
उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी की अगुवाई वाली राजग सरकार ने इस कानून को कायम रखा, लेकिन उनकी सरकार हटते ही 2004 में तत्कालीन संप्रग सरकार ने इस कानून को समाप्त कर दिया।
उन्होंने कहा कि सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए कि कुछ विमानन कंपनियां छोटी जगहों पर या कम लाभ वाले स्थानों के लिए विमान परिचालन क्यों नहीं करना चाहतीं।
दुबे ने कहा कि जिस तरह वाजपेयी की सरकार के समय दूरसंचार में सभी कंपनियों के लिए हर क्षेत्र में सेवा देने की नीति बनाई गई थी, इसी तरह सभी कंपनियों को लाभ वाले बाजार के साथ सामाजिक प्रतिबद्धता के तहत भी कुछ उड़ानों का परिचालन करना चाहिए।
भाजपा सांसद ने नागर विमानन मंत्री राममोहन नायडू को विमानन कंपनियों द्वारा सीट भरने के आधार पर ‘डायनामिक’ मूल्य के तहत किराया वसूलने की प्रणाली के संबंध में सर्वे कराने का सुझाव दिया।
उन्होंने कहा कि देखने में आया है कि पहली सभी सीट भरी हुई दिखाकर किराया बढ़ाया जाता है और बाद में उड़ान के समय पता चलता है कि विमान में 10-20 सीट खाली रहती हैं।
कांग्रेस के गुरजीत सिंह औजला ने कहा कि किरायों पर नियंत्रण करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन हो सकता है।
उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधने के लिए भाजपा सांसद निशिकांत दुबे पर कटाक्ष करते हुए कहा कि दुबे ‘कांग्रेसजीवी’ हो गए हैं।
द्रमुक सांसद कलानिधि वीरास्वामी ने तमिलनाडु में विमान सेवाओं से जुड़े कुछ मुद्दे उठाए।
भाषा हक वैभव हक