घोटालों और धन की हेराफेरी कर कर्नाटक को ‘दिवालियापन’ की ओर धकेल रही है कांग्रेस: भाजपा
ब्रजेन्द्र संतोष
- 26 Jul 2024, 07:10 PM
- Updated: 07:10 PM
नयी दिल्ली, 26 जुलाई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार अपने ‘राजनीतिक हितों’ को साधने के लिए घोटालों और धन की हेराफेरी कर राज्य को ‘दिवालियापन’ की ओर धकेल रही है।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया की राज्य में दो कथित घोटालों में संलिप्तता का दावा करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने इन मामलों में शामिल ‘कुछ लोगों’ को बचाने के लिए भाजपा सदस्यों को लोकसभा और राज्यसभा में मुद्दा नहीं उठाने दिया।
राज्यसभा में शुक्रवार को शून्यकाल के दौरान उस समय हंगामा हुआ जब सभापति जगदीप धनखड़ ने कर्नाटक में भ्रष्टाचार से संबंधित एक मुद्दे पर चर्चा के लिए सदन के सूचीबद्ध कामकाज को निलंबित करने के भाजपा सदस्यों के नोटिस को खारिज कर दिया।
धनखड़ ने हालांकि भाजपा के एक सदस्य को शून्यकाल के दौरान सदन में मामला उठाने की अनुमति दी।
लोकसभा में झारखंड और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों को केंद्र शासित प्रदेश घोषित करने संबंधी टिप्पणी और कर्नाटक सरकार के एक मंत्री से जुड़े कथित घोटालों को लेकर विपक्ष और सत्ता पक्ष के हंगामे के बीच कुछ देर के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
संसद भवन परिसर में पत्रकारों से बातचीत में जोशी ने कहा, ‘‘कर्नाटक एक प्रगतिशील राज्य है लेकिन अस्पतालों में दवाएं नहीं हैं, वहां उचित सड़कें नहीं हैं। इस बार भारी बारिश के कारण कई मकान ढह गए और पानी लोगों के घरों में प्रवेश कर गया, लेकिन राज्य सरकार ने उन्हें कोई वित्तीय सहायता नहीं दी।’’
धारवाड़ के सांसद ने दावा किया कि राज्य परिवहन की बसें इसलिए खड़ी हैं कि उन्हें चलाने के लिए डीजल खरीदने के लिए पैसे नहीं हैं।
जोशी ने कहा, ‘‘कांग्रेस के शासन में कर्नाटक में दो-तीन घोटाले हुए और मुख्यमंत्री इनमें से दो घोटालों में सीधे तौर पर संलिप्त हैं।’’
केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि प्रगतिशील और फलते-फूलते राज्य कर्नाटक को कांग्रेस सरकार दिवालिया होने की ओर धकेल रही है और ‘राज्य में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के कल्याण के लिए आवंटित धन का इस्तेमाल गारंटी (कांग्रेस के चुनावी वादे) को लागू करने के लिए किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस सदस्यों ने भाजपा सांसदों को शुक्रवार को संसद में मुद्दे नहीं उठाने दिए क्योंकि कर्नाटक की मौजूदा स्थिति के लिए पार्टी आलाकमान जिम्मेदार है।
उन्होंने कहा, ‘‘कर्नाटक की कांग्रेस सरकार भ्रष्ट है। यही कारण है कि उन्होंने भाजपा सदस्यों को राज्यसभा में यह मुद्दा नहीं उठाने दिया। लोकसभा में उन्होंने हंगामा किया। इसका मतलब है कि कांग्रेस आलाकमान की भी इसमें (घोटालों में) हिस्सेदारी थी।’’
भाजपा ने मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (मुडा) और कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम से जुड़े कथित घोटालों में सिद्धारमैया की संलिप्तता का दावा करते हुए कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है।
विवादास्पद योजना में लेआउट बनाने के लिए अधिग्रहित अविकसित भूमि के बदले में भूमि खोने वाले को 50 प्रतिशत विकसित भूमि आवंटित करने की परिकल्पना की गई है।
संसद परिसर में संवाददाताओं से बातचीत में भाजपा के राज्यसभा सदस्य और राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासन में कर्नाटक में भ्रष्टाचार और अराजकता चरम पर है।
उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस ने अपने राजनीतिक हितों को पूरा करने के लिए अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति से जुड़े कोष का तथाकथित गारंटी के लिए इस्तेमाल किया। भ्रष्टाचार के माध्यम से राजनीतिक और व्यक्तिगत हितों के लिए सबसे वंचित वर्ग के उत्थान से जुड़ी निधियों का उपयोग एक बहुत ही गंभीर, संवेदनशील और दर्दनाक मुद्दा है। हम इसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हैं।’’
उन्होंने कांग्रेस पर संसद के दोनों सदनों में हंगामा करने का आरोप लगाया।
भाषा ब्रजेन्द्र
ब्रजेन्द्र