राकांपा ने बजट में महाराष्ट्र को उपेक्षित बताया, भाजपा ने कहा कि हर वर्ग का ध्यान रखा गया
ब्रजेन्द्र अविनाश
- 26 Jul 2024, 07:16 PM
- Updated: 07:16 PM
नयी दिल्ली, 26 जुलाई (भाषा) बजट में महाराष्ट्र की उपेक्षा किए जाने का आरोप लगाते हुए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने शुक्रवार को राज्यसभा में सवाल किया कि राजनीतिक बाध्यता से देश कैसे चल पाएगा, वहीं भारतीय जनता पार्टी ने दावा किया कि बजट में हर वर्ग का ध्यान रखा गया है।
उच्च सदन में आम बजट 2024-25 एवं जम्मू कश्मीर के बजट पर एक साथ हो रही चर्चा में भाग लेते हुए राकांपा की फौजिया खान ने कहा ‘‘देश के बजट के हिस्से पर हर नागरिक का अधिकार होता है क्योंकि बजट का एक-एक पैसा देश के नागरिक की जेब से आता है और वे न्यूनतम अपेक्षा का हक रखते हैं, इसलिए बजट राजनीतिक हथियार कतई नहीं होना चाहिए।’’
उन्होंने दावा किया कि बजट में महाराष्ट्र की अनदेखी की गई है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र का 66 फीसदी हिस्सा सूखा प्रभावित घोषित है और मराठवाड़ा के दो हजार से अधिक किसानों ने पिछले दो साल में आत्महत्या की है।
उन्होंने कहा ‘‘आंध्र प्रदेश के अमरावती में एक सपना साकार करने के लिए 15 हजार करोड़ रुपये दिए गए। मेरे प्रदेश महाराष्ट्र की अमरावती में जहां पिछले छह माह में 557 किसानों ने आत्महत्या की, उस मराठवाड़ा के विदर्भ के लिए सिंचाई के वास्ते केवल 600 करोड़ दिए जाते हैं।’’
खान ने सवाल किया ‘‘राजनीतिक बाध्यता से देश कैसे चल पाएगा?’’
भाजपा के अरुण सिंह ने चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा कि बजट की आलोचना करने से पहले यह देखना चाहिए कि इसमें हर वर्ग का ध्यान रखा गया है। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तीकरण के लिए बजट में विभिन्न योजनाओं के माध्यम से तीन लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है जो सराहनीय कदम है।
उन्होंने कहा कि हमारी बड़ी आबादी गांव में बसती है और ग्रामीण विकास के लिए दो लाख 66 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि इस समय सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की तुलना में भारत का ऋण विश्व के सभी प्रमुख देशों की तुलना में बहुत कम है, और यह बड़ी बात है।
सिंह ने कहा कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ बनाने की इच्छा शक्ति अब रंग ला रही है क्योंकि रक्षा संबंधी कई कलपुर्जों-उपकरणों का देश में ही निर्माण किया जा रहा है और रक्षा निर्यात बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा ‘‘भारत की अर्थव्यवस्था आज दुनिया में सबसे तेज गति से चल रही है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष कह चुका है कि आने वाले समय में भारत विश्व के लिए संकट मोचक की भूमिका में होगा। यह मोदी सरकार की नीतियों का परिणाम है।’’
भाजपा के संजय सेठ ने बजट को ‘ऐतिहासिक’ करार देते हुए कहा कि यह सभी क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रावधान करता है और गरीब, अन्नदाता, मजदूर, महिला और व्यापारी सहित सभी के हितों का ध्यान रखता है।
साल 2004 से 14 के दौरान हुए विकास की तुलना पिछले 10 सालों के विकास से करते हुए सेठ ने दावा किया कि देश ने इस अवधि में कई गुना प्रगति की है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारी सरकार एक मिशन की तरह काम पूरा करने में विश्वास रखती है। यह बजट न केवल हमारी अर्थव्यवस्था की नींव मजबूत करेगा बल्कि भविष्य के लिए एक महत्वाकांक्षी दृष्टिकोण भी प्रस्तुत करता है।’’
उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के सदस्य सेठ ने कहा कि यह बजट राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण देश के सबसे बड़े सूबे को विकसित बनाने की राह पर ले जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘‘इस बजट में उत्तर प्रदेश को लगभग 37,0000 करोड़ मिलने की उम्मीद है। यह राशि केंद्रीय योजनाओं और विशेष सहायता से आएगी। उत्तर प्रदेश के 15 करोड लोगों को मुफ्त राशन मिलेगा। जैविक खेती का सबसे ज्यादा लाभ उत्तर प्रदेश को होगा।’’
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