प्रासंगिक बने रहने के लिए आतंकवाद, छद्म युद्ध का सहारा ले रहा पाकिस्तान: प्रधानमंत्री मोदी
सिम्मी पवनेश
- 26 Jul 2024, 06:09 PM
- Updated: 06:09 PM
(तस्वीरों के साथ)
द्रास, 26 जुलाई (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कारगिल युद्ध में भारत की जीत की 25वीं वर्षगांठ पर इस्लामाबाद को कड़ी चेतावनी देते हुए शुक्रवार को कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद और छद्म युद्ध का इस्तेमाल कर अपनी प्रासंगिकता बनाए रखने की कोशिश कर रहा है, लेकिन भारतीय सैनिक उसके सभी आतंकवादी प्रयासों को पूरी ताकत से कुचल देंगे।
मोदी ने द्रास में कारगिल स्मारक पर आयोजित एक समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि 1999 के युद्ध में सच्चाई के सामने झूठ और आतंकवाद को घुटने टेकने पर मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने अपने अतीत से कुछ नहीं सीखा है।
उन्होंने कहा, ‘‘आज मैं ऐसे स्थान से बोल रहा हूं, जहां से आतंकवाद के आका मेरी आवाज सीधे सुन सकते हैं। मैं आतंकवाद के सरपरस्तों को बताना चाहता हूं कि उनके नापाक मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे।’’
मोदी ने आतंकवाद की निंदा करते हुए कहा कि पाकिस्तान को अतीत में हमेशा हार का सामना करना पड़ा है। साथ ही कहा कि आतंकवादियों के नापाक मंसूबे कभी सफल नहीं होंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘पाकिस्तान ने अतीत से कोई सबक नहीं लिया है और वह प्रासंगिक बने रहने के लिए आतंकवाद और छद्म युद्ध की आड़ में युद्ध जारी रखे हुए है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे वीर जवान आतंकवाद को कुचल देंगे और दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।’’
प्रधानमंत्री ने कारगिल युद्ध में सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी और कहा, ‘‘कारगिल में हमने न केवल युद्ध जीता, बल्कि सत्य, संयम और शक्ति का एक अविश्वसनीय उदाहरण प्रस्तुत किया।’’
मोदी ने कहा कि देश के सैनिकों द्वारा दिया गया बलिदान अमर है।
उन्होंने कहा, ‘‘कारगिल विजय दिवस हमें याद दिलाता है कि राष्ट्र के लिए दिया गया बलिदान अमर है। भले ही महीने, साल, दशक और सदियां बीत जाएं, देश की सीमाओं की रक्षा के लिए कुर्बान हुए लोगों के बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। राष्ट्र हमारे सशस्त्र बलों के पराक्रमी महानायकों का सदैव ऋणी और कृतज्ञ रहेगा।’’
भारतीय सेना ने लद्दाख में स्थित कारगिल की बर्फीली चोटियों पर लगभग तीन महीने तक चले युद्ध में जीत हासिल करते हुए 26 जुलाई 1999 को ‘ऑपरेशन विजय’ की सफल समाप्ति की घोषणा की थी। पाकिस्तान पर भारत की जीत के उपलक्ष्य में इस दिन को ‘कारगिल विजय दिवस’ के रूप में मनाया जाता है।
मोदी ने श्रद्धांजलि समारोह में अपने संबोधन में कहा कि कारगिल युद्ध में जीत किसी सरकार या किसी पार्टी की नहीं थी।
उन्होंने कहा, ‘‘यह जीत देश की है, यह जीत देश की विरासत है। यह देश के गौरव और स्वाभिमान का पर्व है।’’
मोदी ने कारगिल युद्ध के दिनों को याद करते हुए कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि उस समय उन्हें सैनिकों के बीच रहने का मौका मिला और उन्हें अब भी याद है कि कैसे सैनिकों ने इतनी ऊंचाई पर एक कठिन अभियान को अंजाम दिया था।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं देश के उन वीर सपूतों को नमन करता हूं जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।’’
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के विकास में आने वाली हर बाधा को दूर करेगा।
मोदी ने कहा कि पांच अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 को हटाए जाने को अगले महीने पांच साल पूरे हो जाएंगे और आज का जम्मू-कश्मीर सपनों से भरे नए भविष्य की बात कर रहा है। लद्दाख को पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर राज्य से अलग कर केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया था।
उन्होंने जम्मू-कश्मीर में प्रगति का उदाहरण देते हुए केंद्र शासित प्रदेश में जी-20 बैठकें आयोजित किए जाने, बुनियादी ढांचे और पर्यटन के विकास पर सरकार के ध्यान केंद्रित करने, सिनेमा हॉल खोले जाने और साढ़े तीन दशक के बाद मुहर्रम के महीने में शिया जुलूस की अनुमति दिए जाने का उल्लेख किया।
मोदी ने कहा, ‘‘धरती का यह स्वर्ग शांति और समृद्धि की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।’’
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन से पहले हिमाचल प्रदेश और केंद्र-शासित प्रदेश लद्दाख के बीच हर मौसम में संपर्क सुविधा प्रदान करने वाली सुरंग के निर्माण के लिए ‘‘पहला विस्फोट’’ किया।
शिंकुन ला सुरंग परियोजना में 4.1 किलोमीटर लंबी दोहरी-ट्यूब सुरंग शामिल है, जिसका निर्माण लेह को सभी मौसम में संपर्क प्रदान करने के लिए निमू-पदुम-दारचा रोड पर लगभग 15,800 फुट की ऊंचाई पर किया जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘‘यह सुरंग लद्दाख के विकास और बेहतर भविष्य के लिए नयी संभावनाओं के द्वार खोलेगी।’’
मोदी ने लद्दाख के लोगों को बधाई देते हुए कहा कि यह सुरंग उनके जीवन को और आसान बनाएगी और क्षेत्र में प्रतिकूल मौसम के कारण उन्हें होने वाली अनेक कठिनाइयां कम होंगी।
प्रधानमंत्री ने लद्दाख के लोगों के जीवन को आसान बनाने और उनके लिए अधिक सेवाएं प्रदान करने के सरकार के प्रयासों को रेखांकित करते हुए कहा कि बजट में पिछले पांच साल में लगभग छह गुना वृद्धि करते हुए इसे 1,100 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 6,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘चाहे सड़क हो, बिजली हो, पानी हो, शिक्षा हो, बिजली आपूर्ति हो, रोजगार हो, हर क्षेत्र में लद्दाख की दिशा बदल रही है।’’
सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए महत्वाकांक्षी लक्ष्यों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने सेला सुरंग सहित 330 से अधिक परियोजनाएं पूरी की हैं, जो ‘‘नए भारत’’ की क्षमताओं और दिशा को दर्शाती हैं।
भाषा सिम्मी