कर्नाटक में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर राज्यसभा में भाजपा और कांग्रेस का हंगामा
ब्रजेन्द्र ब्रजेन्द्र मनीषा
- 26 Jul 2024, 02:50 PM
- Updated: 02:50 PM
नयी दिल्ली, 26 जुलाई (भाषा) राज्यसभा में शुक्रवार को उस समय हंगामा होने लगा जब सभापति जगदीप धनखड़ ने कर्नाटक में भ्रष्टाचार से संबंधित एक मुद्दे पर चर्चा के लिए सदन के सूचीबद्ध कामकाज को निलंबित करने के सत्तारूढ़ पार्टी के सदस्यों के नोटिस को खारिज कर दिया लेकिन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक सदस्य को शून्यकाल के दौरान इस मामले को उठाने की अनुमति दे दी।
राज्यसभा की प्रक्रिया एवं कामकाज संचालन के नियम 267 के तहत प्राप्त सभी नोटिस खारिज किए जाने के विरोध में सत्ता पक्ष के सदस्यों ने शोरगुल व हंगामा किया जबकि विपक्ष, मुख्य रूप से कांग्रेस के सदस्यों ने भाजपा के इरण्ण कडाडी को कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम (केएमवीएसटीडीसी) में भ्रष्टाचार के मुद्दे को शून्यकाल में उठाने की अनुमति देने पर आपत्ति जताई।
भाजपा के कडाडी, बृजलाल, नरेश बंसल और सुधांशु त्रिवेदी ने नोटिस दिए थे।
धनखड़ को बार-बार दोनों पक्षों के सदस्यों से, उनके फैसले को स्वीकार करने और सदन में व्यवस्था बहाल करने के लिए आग्रह करना पड़ा।
करगिल युद्ध के शहीदों को श्रद्धांजलि देने और सूचीबद्ध दस्तावेज सदन के पटल पर रखे जाने के तुरंत बाद सभापति ने कहा कि पिछले दो दिनों के दौरान नियम 267 के तहत कोई नोटिस नहीं दिया गया, लेकिन उन्हें सत्तारूढ़ दल के चार सांसदों से आज चार नोटिस प्राप्त हुए हैं।
उन्होंने कहा कि इन सदस्यों ने निर्धारित कार्य को निलंबित कर केएमवीएसटीडीसी में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर चर्चा की मांग की है।
उन्होंने कहा, ‘‘ये सभी (नोटिस) सत्तारूढ़ पार्टी के हैं। ये नोटिस मेरे निर्देशों की अनदेखी करते हैं जो स्पष्ट हैं। बहुत महत्व के मुद्दे हो सकते हैं। पहले कई बार (विपक्ष द्वारा) 267 के तहत उठाए गए हैं। मैंने उन सभी को अस्वीकार कर दिया। ऐसा कोई मुद्दा जो अन्यथा अत्यधिक तात्कालिकता और समकालीन प्रासंगिकता का हो, नियम 267 को लागू करने की मांग करता है।’’
उन्होंने नोटिस खारिज करते हुए कहा कि कडाडी को उनके शून्यकाल के उल्लेख के हिस्से के रूप में मुद्दा उठाने की अनुमति दी गई है।
केएमवीएसटीडीसी के मुद्दे पर बोलने के लिए कडाडी की बारी आने पर कांग्रेस सदस्यों ने यह कहते हुए आपत्ति जताई कि शून्यकाल की सूची में उनका नाम नहीं है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने कहा कि चूंकि कडाडी का नाम सूची में नहीं है, इसलिए सभापति उन्हें किसी और दिन इस मुद्दे पर बोलने की अनुमति दे सकते हैं।
धनखड़ ने कहा कि नियम 267 के तहत नोटिस पर अपना फैसला देते हुए उन्होंने कई बार स्पष्ट रूप से सूचित किया था कि कडाडी को चल रहे शून्यकाल के दौरान मुद्दा उठाने की अनुमति दी गई है।
द्रमुक के तिरुचि शिवा ने सभापति से अनुरोध किया कि अन्य सदस्यों को भी अनुमति दी जानी चाहिए जैसा कि कडाडी को दी गई है।
इस पर धनखड़ ने कहा कि अगर कोई सदस्य इस तरह की अनुमति मांगता है तो वह इसकी अनुमति दे देंगे।
बाद में, कडाडी ने विपक्ष के विरोध के बीच कन्नड में केएमवीएसटीडीसी में कथित भ्रष्टाचार पर अपनी बात रखी। इस दौरान विपक्षी सदस्य, विशेषकर कांग्रेस के सदस्य शोरगुल और हंगामा करते रहे।
भाषा ब्रजेन्द्र ब्रजेन्द्र