बजट में मूंगफली के नाम पर बिहार को छिलका थमा दिया गया: राजद सांसद मनोज झा
ब्रजेन्द्र ब्रजेन्द्र माधव
- 25 Jul 2024, 03:17 PM
- Updated: 03:17 PM
नयी दिल्ली, 25 जुलाई (भाषा) राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा बिहार और आंध्र प्रदेश को बजट में ‘पकौड़ा और जलेबी’ दिए जाने संबंधी टिप्पणी किए जाने के अगले ही दिन राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद मनोज झा ने बृहस्पतिवार को कहा कि सरकार ने वास्तव में ‘मूंगफली के नाम पर छिलके’ थमा दिए हैं।
राज्यसभा में बुधवार को केंद्रीय बजट 2024-25 पर खरगे की टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर, झा ने कहा, ‘‘मैं खरगे जी से बात करूंगा और सदन में भी कहूंगा। उन्होंने (सरकार ने) मूंगफली के नाम पर छिलके दिए हैं।’’
खरगे ने बुधवार को केंद्रीय बजट में विपक्षी दलों के साथ हुए भेदभाव का मुद्दा उठाते हुए कहा था कि बिहार और आंध्र प्रदेश को उनकी थालियों में ‘पकौड़ा और जलेबी’ दी गई जबकि अन्य राज्यों को कुछ नहीं मिला।
समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने कहा कि बजट राजनीतिक है और बजट में उत्तर प्रदेश की अनदेखी की गई है।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर राजनीति नहीं होती तो आंध्र और बिहार को विशेष पैकेज क्यों मिलते? उत्तर प्रदेश ने भाजपा को इतनी सीटों से जिताया, फिर भी उन्होंने उत्तर प्रदेश को कोई विशेष पैकेज नहीं दिया।’’
राष्ट्रीय लोकदल के नेता और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने हालांकि कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सदन में नेताओं के आरोपों का जवाब देंगी।
उन्होंने कहा, ‘‘वित्त मंत्री सदन में इसका जवाब देंगी। यह पहली बार नहीं है जब कुछ राज्यों का उल्लेख किया गया है या कुछ योजनाओं का उल्लेख किया गया है। निर्मला जी एक अनुभवी वित्त मंत्री हैं, उन्होंने कुछ राज्यों का नाम लिया, किसी को भी ईर्ष्या नहीं होनी चाहिए।’’
केंद्रीय बजट में बिहार के लिए कई बड़े कदम उठाए जाने की घोषणा की गई। इनमें राज्य में विभिन्न परियोजनाओं के लिए 60,000 करोड़ रुपये से अधिक के परिव्यय का प्रस्ताव किया गया। इनमें तीन एक्सप्रेसवे, एक बिजली संयंत्र, विरासत गलियारों, नए हवाई अड्डे एवं खेल बुनियादी ढांचे के लिए योजनाओं की रूपरेखा पेश की गई।
आम बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बिहार में तीन सड़क संपर्क परियोजनाओं - पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे, बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेसवे, तथा बोधगया, राजगीर, वैशाली और दरभंगा एक्सप्रेसवे और बक्सर में गंगा नदी पर एक अतिरिक्त दो-लेन पुल के विकास के लिए केंद्र के समर्थन की घोषणा की।
भाषा ब्रजेन्द्र ब्रजेन्द्र