केजरीवाल जल बोर्ड से जुड़े धनशोधन मामले में ईडी के सामने पेश नहीं हुए
अमित माधव
- 18 Mar 2024, 06:14 PM
- Updated: 06:14 PM
नयी दिल्ली, 18 मार्च (भाषा) दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दिल्ली जल बोर्ड में कथित अनियमितताओं से जुड़े धनशोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समन पर सोमवार को उसके सामने पेश नहीं हुए।
वहीं आम आदमी पार्टी (आप) ने समन को "गैरकानूनी" बताया और केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर केजरीवाल को निशाना बनाने और उन्हें लोकसभा चुनाव में प्रचार करने से रोकने के लिए ईडी का ‘‘इस्तेमाल’’ करने आरोप लगाया।
पार्टी ने आरोप लगाया, "समन अवैध है। भाजपा ईडी का इस्तेमाल करके लोकसभा चुनाव लड़ना चाहती है।"
भाजपा की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने पलटवार करते हुए कहा कि आप के राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल ने ईडी के समन पर बार-बार पेश नहीं होकर अपना "सम्मान" गंवा दिया है और आरोप लगाया है कि दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) में घोटाला हुआ है।
ईडी ने दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) में कथित अनियमितताओं से जुड़े धनशोधन मामले की जांच के सिलसिले में केजरीवाल को सोमवार को पूछताछ के लिए बुलाया था। उन्हें दिल्ली आबकारी नीति से जुड़े धनशोधन मामले में भी पूछताछ के लिए समन जारी किया गया है। केजरीवाल इस मामले में अब तक आठ समन को अवैध बताते हुए एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए हैं।
संघीय जांच एजेंसी ने केजरीवाल को इस मामले में नौवां समन जारी करके उन्हें 21 मार्च को आबकारी नीति से जुड़े धनशोधन मामले में पूछताछ के लिए पेश होने के लिए कहा है।
आप की दिल्ली इकाई के संयोजक गोपाल राय से जब केजरीवाल को समन के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, "यह समझ से परे है कि ईडी भाजपा के राजनीतिक एजेंडे को पूरा करना कब बंद करेगी। ईडी ने नोटिस दिए और मुख्यमंत्री ने उन्हें जवाब देते हुए कहा कि वे अवैध हैं। ईडी उनके खिलाफ अदालत में गई। जब मामला अदालत में है तो दूसरा नोटिस भेजने की क्या जल्दी है।''
राय ने कहा कि यदि भाजपा केजरीवाल को गिरफ्तार करना चाहती है तो उन्हें समन की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, "वे उन्हें किसी भी समय गिरफ्तार कर सकते हैं।"
आप नेता राय ने कहा, "यदि आप संविधान और कानून में विश्वास करते हैं, तो अदालत के फैसले का इंतजार करें। हम भी इंतजार कर रहे हैं। अदालत इस मामले पर एक अप्रैल को सुनवाई करेगी।"
दिल्ली भाजपा नेता और नयी दिल्ली लोकसभा सीट से पार्टी की उम्मीदवार बांसुरी स्वराज ने कहा कि ईडी के समन पर पेश नहीं होकर केजरीवाल साबित कर रहे हैं कि वह एक ''लापरवाह'' नेता हैं।
उन्होंने ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा, ‘‘आज भी केजरीवाल जांच से भाग गए। विभिन्न अदालतों ने...मनीष सिसोदिया और सत्येन्द्र जैन जैसे आप के नेताओं की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। केजरीवाल इस तथ्य से निराश हैं कि उनकी पार्टी के नेताओं की जमानत खारिज कर दी गई है और वह जांच से भाग रहे हैं।"
ईडी ने दिल्ली की एक मजिस्ट्रेट अदालत के समक्ष दो शिकायतें दायर की हैं, जिसमें कथित दिल्ली आबकारी नीति घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले में उन्हें जारी किए गए कई समन को नजरअंदाज करने के लिए केजरीवाल के खिलाफ मुकदमा चलाने का अनुरोध किया गया है। पिछले शनिवार को अदालत ने उन्हें दो शिकायतों में जमानत दे दी थी।
दिल्ली की कैबिनेट मंत्री आतिशी ने आरोप लगाया कि ईडी को "राजनीतिक उपकरण के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।’’
उन्होंने ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा, ‘‘ईडी अरविंद केजरीवाल को लगातार समन क्यों भेज रही है जब अदालत समन की वैधता से संबंधित मामले की सुनवाई कर रही है? अदालत इस मामले पर विचार कर रही है। ईडी कानून का सम्मान क्यों नहीं कर रही है और अदालत के आदेश का इंतजार क्यों नहीं कर रही है?’’
आतिशी ने आरोप लगाया, "जब उन्हें (केजरीवाल को) जमानत मिल चुकी है तो ईडी समन क्यों भेज रही है? जैसे ही चुनाव की घोषणा हुई, एक पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक को दो मामलों में समन भेजा गया। यह अरविंद केजरीवाल को लोकसभा चुनाव में प्रचार करने से रोकने के लिए किया जा रहा है।"
उन्होंने कहा कि ईडी को कानूनी प्रक्रिया का सम्मान करना चाहिए और जब तक अदालत अपना फैसला नहीं सुना देती, उन्हें ये "अवैध" समन भेजना बंद कर देना चाहिए।
भाषा अमित