कन्नड़ फिल्मों के अभिनेता दर्शन की पत्नी विजयलक्ष्मी ने उप मुख्यमंत्री शिवकुमार से मुलाकात की
धीरज पवनेश
- 24 Jul 2024, 07:30 PM
- Updated: 07:30 PM
बेंगलुरु, 24 जुलाई (भाषा) कन्नड़ फिल्मों के अभिनेता दर्शन थुगुदीपा की पत्नी विजयलक्ष्मी ने बुधवार को कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डी.के.शिवकुमार से उनके आवास पर जाकर मुलाकात की।
शिवकुमार ने एक दिन पहले ही कहा था कि अगर कन्नड़ अभिनेता के खिलाफ अन्याय हुआ है तो वह उनकी मदद करेंगे।
दर्शन, उनकी मित्र पवित्रा गौड़ा एवं उनके 15 अन्य सहयोगी रेणुकास्वामी हत्याकांड से जुड़े मामले में इस समय जेल में बंद हैं।
शिवकुमार ने बाद में संवाददाताओं को बताया कि यह मुलाकात दर्शन के बेटे विनीश थुगुदीपा के स्कूल में प्रवेश कराने को लेकर थी।
उन्होंने कहा, ‘‘उनका बेटा पहले हमारे स्कूल में पढ़ता था और बाद में उसे दूसरे स्कूल में स्थानांतरित कर दिया गया था। अब वह चाहती हैं कि उनका बेटा मेरे स्कूल में दोबारा से पढ़े। वह हमारे स्कूल में दोबारा प्रवेश के लिए आई थीं। उन्होंने मुझसे मुलाकात की क्योंकि प्रधानाचार्य ने प्रवेश देने से इनकार कर दिया है।’’
शिवकुमार ने कहा, ‘‘ मैंने उनसे कहा कि मैं इस संबंध में प्रधानाचार्य से बात करूंगा क्योंकि प्रवेश परीक्षा सहित कई औपचारिकताएं पूरी करनी होती हैं।’’
उप मुख्यमंत्री ने रामनगर में कहा था कि अगर अभिनेता के साथ अन्याय हुआ है तो वह उनकी मदद करेंगे। इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘मैंने ऐसा कहा क्योंकि दर्शन के प्रशंसक नारेबाजी कर अभिनेता के लिए न्याय की मांग कर रहे थे। दर्शन न्यायिक हिरासत में हैं और पुलिस मामले की जांच कर रही है। मैं जांच या न्यायिक प्रक्रिया में कभी हस्तक्षेप नहीं करता। कानून अपना काम करेगा।’’
मामले की जांच कर रही पुलिस के मुताबिक दर्शन के प्रशंसक रेणुकास्वामी ने गौड़ा को कथित तौर पर अश्लील संदेश भेजे थे जिससे अभिनेता नाराज हो गए और कथित तौर पर उनकी हत्या कर दी गई। रेणुकास्वामी का शव नौ जून को यहां सुमनहल्ली में एक अपार्टमेंट के बगल में बरसाती नाले से मिला था।
पुलिस ने बताया कि मामले में आरोपी संख्या एक गौड़ा , रेणुकास्वामी की हत्या की अहम कारण थी। उसने बताया कि जांच में सबूत मिले हैं कि गौड़ा ने ही अन्य आरोपियों को उकसाया, उनके साथ मिलकर साजिश रची और अपराध का हिस्सा बनी।
कांग्रेस पर लग रहे आरोपों कि उसने सामाजिक कल्याण विभाग के अपर निदेशक बी. कल्लेश का ‘इस्तेमाल’ राज्य संचालित निगम में कथित भ्रष्टाचार की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज कराने के लिए किया, पर शिवकुमार ने कहा, ‘‘ कांग्रेस को किसी का इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं है।’’
उप मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ उन्होंने (कल्लेश) शिकायत की और प्राथमिकी दर्ज की गई। मुझे जानकारी मिली है कि अदालत ने रोक लगा दी है। कल्लेश को भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित कर दिया गया है और कानून अपना काम करेगा।’’
कर्नाटक उच्च न्यायालय ने मंगलवार को कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम लिमिटेड में करोड़ों रुपये के कथित घोटाले की जांच कर रहे दो ईडी अधिकारियों के खिलाफ बेंगलुरु पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर की जा रही जांच पर रोक लगा दी।
यह प्राथमिकी कल्लेश की शिकायत पर दर्ज की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि ईडी के दो अधिकारी उनपर मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और पूर्व मंत्री बी नागेंद्र का नाम लेने के लिए दबाव बना रहे थे।
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