बुनियादी ढांचे तथा स्टार्टअप को समर्थन, इस्पात क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देगा व रोजगार सृजन करेगा: आईएसए
निहारिका
- 24 Jul 2024, 12:56 PM
- Updated: 12:56 PM
नयी दिल्ली, 24 जुलाई (भाषा) इस्पात उद्योग के शीर्ष संगठन ने बुधवार को कहा कि बजट में अनुसंधान एवं विकास के लिए बढ़ाई गई धनराशि और स्टार्टअप तथा एमएसएमई को दिए गए समर्थन से इस्पात विनिर्माण में नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।
भारतीय इस्पात संघ (आईएसए) ने एक बयान में कहा कि इसके अलावा 11.11 लाख करोड़ रुपये का आवंटन राष्ट्रीय बुनियादी ढांचे को बढ़ाने, लाखों नौकरियों का सृजन करने और इस्पात उद्योग को सीधे लाभ पहुंचाने के लिए किया गया है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को अपने बजट भाषण में बुनियादी ढांचे, विनिर्माण, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, स्टार्टअप और हरित ऊर्जा सहित कई क्षेत्रों के लिए कई उपायों की घोषणा की।
आईएसए ने कहा कि बजट में सड़क, रेलवे, बंदरगाह तथा शहरी विकास पर जोर दिया गया है, जिससे न केवल रोजगार सृजन होगा, बल्कि समग्र उत्पादकता में भी सुधार होगा। अनुसंधान व विकास के लिए बढ़ाई गई धनराशि और स्टार्टअप तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) को दिए गए समर्थन से इस्पात निर्माण में नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।
जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड (जेएसपीएल) के चेयरमैन नवीन जिंदल ने कहा, ‘‘ इन नौ मजबूत स्तंभों पर लक्षित पहल राजकोषीय विवेक को दर्शाती है। देश के समावेशी विकास का भी वादा करती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नीत हमारी सरकार ने एक बार फिर अधिक समृद्ध भारत के लिए एक मजबूत नींव रखी है।’’
टाटा स्टील के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक टी. वी. नरेन्द्रन ने कहा कि समूचे बुनियादी ढांचे के विकास के एक प्रमुख घटक के रूप में इस्पात की मांग में वृद्धि होगी, खासकर आवास तथा जलापूर्ति के लिए बजटीय आवंटन में वृद्धि के साथ...।
विशाखापत्तनम स्थित आरआईएनएल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) अतुल भट्ट ने कहा, ‘‘ बजट में आंध्र प्रदेश की नई राजधानी, पोलावरम परियोजना, औद्योगिक केंद्रों और आंध्र प्रदेश के पिछड़े क्षेत्रों के विकास के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल हैं। इन पहलों से क्षेत्र में इस्पात की खपत बढ़ने और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।’’
आर्सेलर मित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) दिलीप ओमन ने कहा, ‘‘ ऊर्जा परिवर्तन में तेजी लाने पर निरंतर ध्यान देना भी बेहद सराहनीय है। हालांकि, हमें उम्मीद है कि सरकार बहुत कम कीमतों पर इस्पात के आयात पर अंकुश लगाने के लिए निर्णायक कदम उठाएगी, जो एक गंभीर चिंता का विषय है।’’
सेल के चेयरमैन अमरेंदु प्रकाश ने कहा कि संपर्क बढ़ाने और मजबूत बुनियादी ढांचे के निर्माण की यह प्रतिबद्धता इस्पात की खपत को बढ़ाएगी....जिससे विभिन्न क्षेत्रों को लाभ मिलेगा और देश की समग्र आर्थिक समृद्धि में मदद मिलेगी।
कामधेनु समूह के सीएमडी सतीश कुमार अग्रवाल ने कहा, ‘‘ शहरी गरीबों के लिए एक करोड़ मकानों के निर्माण के लिए 10 लाख करोड़ रुपये का आवंटन और (सार्वजनिक निजी भागीदारी) पीपीपी मोड में औद्योगिक श्रमिकों के लिए छात्रावास जैसे किराये के आवास बनाने के लिए परिवर्तनीय अंतर वित्त पोषण सहायता की घोषणा से आवास क्षेत्र को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलेगा।’’
भाषा