ममता ने केंद्रीय बजट को राजनीतिक रूप से पक्षपातपूर्ण और गरीब विरोधी बताया
नोमान प्रशांत
- 23 Jul 2024, 09:04 PM
- Updated: 09:04 PM
कोलकाता, 23 जुलाई (भाषा) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को पेश केंद्रीय बजट को “गरीब विरोधी और राजनीतिक रूप से पक्षपातपूर्ण’’ करार दिया और केंद्र सरकार पर राज्य के हितों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया।
बनर्जी ने इस बात पर निराशा जताई कि बजट आम जनता के कल्याण को प्राथमिकता देने के बजाय राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सहयोगियों को खुश करने के लिए बनाया गया है।
उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार राज्य की मांगों की अनदेखी करती रही तो बंगाल के लोग इसका विरोध करेंगे।
ममता ने विधानसभा परिसर में पत्रकारों से कहा, “केंद्रीय बजट में बंगाल को पूरी तरह से वंचित रखा गया है, जिसमें गरीबों के हितों का ध्यान नहीं रखा गया है। बजट दिशाहीन है। यह केवल एक राजनीतिक मिशन की पूर्ति के लिए है। मुझे इसमें कोई उम्मीद नहीं दिखती।”
बनर्जी ने केंद्र सरकार में शामिल भाजपा के सहयोगी दलों की इस बात के लिए आलोचना की कि वे कथित तौर पर मंत्री पद न लेकर वित्तीय लाभ ले रहे हैं। हालांकि उन्होंने किसी दल का नाम नहीं लिया।
उन्होंने कहा, “मैंने कभी ऐसी सरकार नहीं देखी जो (सहयोगी दलों) को मंत्री पद या (लोकसभा) अध्यक्ष पद न देकर वित्तीय सहायता दे रही हो। मैं सरकार को दोष नहीं देती; उन्होंने (राजग सहयोगियों ने) इसे क्यों स्वीकार किया? मुझे इस बात से कोई परेशानी नहीं है कि (केंद्र ने) आंध्र और बिहार को वित्तीय पैकेज दिया है। लेकिन कानून भेदभावपूर्ण नहीं हो सकता।”
बनर्जी ने कहा, “उन्होंने बंगाल को लगातार वंचित रखा है, जो कोई छोटा राज्य नहीं है। यह भेदभाव क्यों?”
मुख्यमंत्री ने केंद्र पर मनरेगा योजनाओं के तहत धन रोकने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, “केंद्र पर राज्य का कुल बकाया 1.71 लाख करोड़ रुपये है। बंगाल एक बड़ा राज्य है जिसकी अंतरराष्ट्रीय सीमा बांग्लादेश से लगती है। अगर केंद्र सरकार हमें वंचित करेगी है, तो बंगाल के लोग चुनाव के दौरान इसका हिसाब चुकता करेंगे।”
बनर्जी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा की वरिष्ठ नेता और विधायक अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि केंद्र ने राज्य के लिए किसी वित्तीय पैकेज की घोषणा नहीं करके सही काम किया है।
उन्होंने कहा, “केंद्र बंगाल को वित्तीय पैकेज क्यों दे, ताकि टीएमसी (तृणमूल कांग्रेस) के नेताओं को धन हड़पने में मदद मिले? टीएमसी सरकार केंद्रीय धन का इस्तेमाल कर रही है, लेकिन कोई उपयोग प्रमाण पत्र नहीं दे रही है। क्या यह संवैधानिक है? टीएमसी सरकार भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी हुई है।”
भाषा
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