ग्रामीण क्षेत्र के 15 करोड़ घरों तक नल से जलापूर्ति के लिए दिए गए कनेक्शन: सरकार
धीरज प्रशांत
- 23 Jul 2024, 07:13 PM
- Updated: 07:13 PM
नयी दिल्ली, 23 जुलाई (भाषा) भारत के 15 करोड़ से अधिक ग्रामीण घरों को नल से जलापूर्ति करने के लिए अबतक कनेक्शन दिए गए हैं। आधिकारिक आंकड़ों में यह खुलासा हुआ।
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर.पाटिल ने इस उपलब्धि की प्रशंसा करते हुए कहा, ‘‘ इस मील के पत्थर ने न केवल देशवासियों को शुद्ध जल का उपहार दिया है बल्कि उनके जीवन की गुणवत्ता में भी सुधार लाया है।’’
आंकड़ों के मुताबिक 2019 में शुरू जल जीवन मिशन (जेजेएम) के तहत 77.65 प्रतिशत या 15,00,27,135 घरों तक नल से जलापूर्ति के कनेक्शन दिए गए हैं।
जेजेएम के तहत इस साल के अंत तक सभी ग्रामीण परिवारों को नल से जलापूर्ति करने के लिए कनेक्शन देने का लक्ष्य तय किया गया है।
आंकड़ों के मुताबिक गोवा, तेलंगाना, हरियाणा, गुजरात, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, पुडुचेरी, दादरा और नागर हवेली और दमन एवं दीव, अंडमान निकोबार में शत प्रतिशत ग्रामीण घरों तक नल से जल की आपूर्ति करने के लिए कनेक्शन दिए जा चुके हैं।
कई अन्य राज्य भी इस उपलब्धि के करीब पहुंच रहे हैं जैसे बिहार में 96.08 प्रतिशत, उत्तराखंड में 95.02 प्रतिशत, लद्दाख में 93.25 प्रतिशत और नगालैंड में 91.58 प्रतिशत ग्रामीण घरों तक नल के कनेक्शन दिए जा चुके हैं।
विज्ञप्ति के मुताबिक कुल मिलाकर 2.28 लाख गांवों और 190 जिलों ने ‘हर घर जल’ का दर्जा प्राप्त कर लिया है जबकि 100 जिलों और 1.25 लाख से अधिक गांवों को ‘हर घर जल’ के रूप में प्रमाणित किया गया है।
विज्ञप्ति के मुताबिक जेजेएम ने 5.24 लाख ग्राम जल और स्वच्छता समितियां (वीडब्ल्यूएससी) भी स्थापित की हैं और जलापूर्ति जरूरतों, लागत अनुमानों और कार्यान्वयन कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने के लिए 5.12 लाख ग्राम कार्य योजनाएं (वीएपी) तैयार की गई हैं।
विज्ञप्ति के मुताबिक इस मिशन के तहत जल नमूना परीक्षण के लिए 2,163 प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं और 24.59 लाख से अधिक महिलाओं को फील्ड टेस्टिंग किट (एफटीके) का उपयोग करने के लिए प्रशिक्षित किया गया है।
सरकार के मुताबिक सभी आर्सेनिक और फ्लोराइड प्रभावित बस्तियों में अब सुरक्षित पेयजल सुलभ है, पीने योग्य पानी की आपूर्ति की विश्वसनीयता और स्थिरता बनाए रखने के लिए कड़े उपाय किए गए हैं।
विज्ञप्ति में कहा गया कि घरेलू कनेक्शन से परे जेजेएम ने सार्वजनिक स्थलों पर इन सुविधाओं को विकसित करने मे काफी प्रगति की है। इस समय 88.91 विद्यालयों और 85.08 प्रतिशत आंगनवाड़ी केंद्रों में नल से जल की आपूर्ति की जा रही है।
विज्ञप्ति के मुताबिक मिशन का उल्लेखनीय असर आंकाक्षी जिलों में देखने को मिला है जहां शुरुआत के समय केवल 21.38 लाख घरों तक नल से जलापूर्ति हो रही थी। यह संख्या 23 जुलाई 2024 तक बढ़कर 2.11 करोड़ हो गई है।
भाषा धीरज