भाजपा के सहयोगी दलों ने बिहार और आंध्र प्रदेश के लिए बजट घोषणाओं को सराहा
ब्रजेन्द्र प्रशांत
- 23 Jul 2024, 05:56 PM
- Updated: 05:56 PM
नयी दिल्ली, 23 जुलाई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सहयोगी दलों ने मंगलवार को आम बजट में बिहार के लिए की गई घोषणाओं के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की सराहना की और कहा कि बजट में किए गए उपाय राज्य को विकास के रास्ते पर ले जाएंगे और उसे ‘आत्मनिर्भर’ बनने में मददगार साबित होंगे।
भाजपा की एक अन्य महत्वपूर्ण सहयोगी तेलुग देशम पार्टी (तेदेपा) ने भी आंध्र प्रदेश के लिए बजट में उठाए गए कदमों की प्रशंसा की और मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि इससे राज्य के निर्माण की दिशा में मदद मिलेगी।
केंद्रीय मंत्री और जनता दल (यूनाइटेड) के नेता ललन सिंह ने विपक्ष के दावे की आलोचना की कि बिहार और आंध्र प्रदेश के लिए बजट में की गई घोषणाओं का उद्देश्य सरकार को बचाना है क्योंकि वह अस्तित्व के लिए दोनों राज्यों के क्षेत्रीय दलों पर निर्भर है।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं बचा है और अगर बजट में बिहार के लिए कोई घोषणा नहीं की गई होती तो यही दल राज्य की उपेक्षा पर बरस रहे होते।
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि बिहार के लिए बजट की घोषणाओं से ‘बिहार पहले, बिहारी पहले’ के उनके दृष्टिकोण को साकार करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने विपक्ष की आलोचना को खारिज करते हुए कहा कि बजट कुल मिलाकर समावेशी है और समाज के हर वर्ग पर केंद्रित है।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘निश्चित तौर पर मेरे लिए खुशी की बात है कि बिहार के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।’’
सिंह ने कहा कि इन कदमों से पिछड़े राज्य के और अधिक विकसित होने का मार्ग सुगम होगा जबकि उनकी ही पार्टी के सहयोगी और राज्यसभा सदस्य संजय झा ने कहा कि सरकार ने उनकी पार्टी द्वारा उठाई गई चिंताओं को दूर करने का काम किया है।
तेदेपा के 16 सांसद हैं और वह राजग में भाजपा की सबसे बड़ी सहयोगी पार्टी है जबकि लोकसभा में जद (यू) के 12 सदस्य हैं और इस तरह यह सत्तारूढ़ गठबंधन का तीसरा सबसे बड़ा घटक है।
केंद्र द्वारा बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने के इंकार को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस नेताओं के कटाक्ष के बारे में पूछे जाने पर झा ने कहा कि जब ये दल सत्ता में थे तो बिहार संकट में फंस गया था और उन्होंने 2004-14 के बीच अपने 10 साल के शासन के दौरान बिहार के लिए कुछ नहीं किया।
सिंह ने कहा कि उनकी पार्टी ने या तो विशेष दर्जा या विशेष वित्तीय पैकेज की मांग की है।
जद (यू) प्रवक्ता के.सी. त्यागी ने राजमार्गों के लिए 26,000 करोड़ रुपये से अधिक और बाढ़ से निपटने के कदमों के लिए 11,500 करोड़ रुपये के बजटीय आवंटन की सराहना की और इसे ‘विशेष वित्तीय सहायता’ करार दिया।
त्यागी ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नालंदा विश्वविद्यालय को विकसित करने और नालंदा-राजगीर गलियारे सहित पर्यटन स्थलों को विकसित करने के लिए कदमों की भी घोषणा की।
उन्होंने कहा कि गया, कोलकाता-अमृतसर गलियारे का मुख्यालय होगा। उन्होंने कहा कि बिहार को तीन नए एक्सप्रेसवे भी दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि बजट में राज्य में खेल के बुनियादी ढांचे को विकसित करने और बहु-पक्षीय संस्थानों से ऋण के लिए बिहार सरकार के अनुरोध में तेजी लाने पर भी जोर दिया गया है।
नायडू ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आंध्र प्रदेश के लोगों की ओर से, मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वित्त मंत्री, सीतारमण को हमारे राज्य की जरूरतों को पहचानने और वित्त वर्ष 24-25 के केंद्रीय बजट में आंध्र प्रदेश में राजधानी, पोलावरम, औद्योगिक मंजूरी और पिछड़े क्षेत्रों के विकास पर ध्यान केंद्रित करने के लिए धन्यवाद देता हूं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘केंद्र से यह समर्थन आंध्र प्रदेश के पुनर्निर्माण की दिशा में एक लंबा रास्ता तय करेगा। मैं इस प्रगतिशील और आत्मविश्वास बढ़ाने वाले बजट की प्रस्तुति के लिए आपको बधाई देता हूं।’’
केंद्रीय बजट में बिहार के लिए कई बड़े कदम उठाए जाने की घोषणा की गई। इनमें राज्य में विभिन्न परियोजनाओं के लिए 60,000 करोड़ रुपये से अधिक के परिव्यय का प्रस्ताव किया गया। इनमें तीन एक्सप्रेसवे, एक बिजली संयंत्र, विरासत गलियारों, नए हवाई अड्डे एवं खेल बुनियादी ढांचे के लिए योजनाओं की रूपरेखा पेश की गई।
आम बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने तीन सड़क संपर्क परियोजनाओं - पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे, बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेसवे, तथा बोधगया, राजगीर, वैशाली और दरभंगा एक्सप्रेसवे और बक्सर में गंगा नदी पर एक अतिरिक्त दो-लेन पुल के विकास के लिए केंद्र के समर्थन की घोषणा की।
भाषा ब्रजेन्द्र