सितंबर में चुनावों के बाद ओसीए के पहले भारतीय प्रमुख बनेंगे रणधीर सिंह
सुधीर आनन्द
- 22 Jul 2024, 08:31 PM
- Updated: 08:31 PM
नयी दिल्ली, 22 जुलाई (भाषा) पूर्व अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज अनुभवी खेल प्रशासक रणधीर सिंह एशियाई ओलंपिक परिषद (ओसीए) के पहले भारतीय अध्यक्ष बनने की राह पर हैं क्योंकि आठ सितंबर को होने वाले चुनाव में वह शीर्ष पद के लिए एकमात्र उम्मीदवार बचे हैं।
अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के पूर्व सदस्य और भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के पूर्व महासचिव 77 साल के रणधीर अभी महाद्वीप की शीर्ष ओलंपिक संस्था के कार्यवाहक प्रमुख हैं।
ओसीए ने बयान में कहा, ‘‘ओसीए चुनाव आयोग पुष्टि कर सकता है कि ओसीए के कार्यवाहक अध्यक्ष रणधीर सिंह आठ सितंबर 2024 को ओसीए आम सभा के चुनाव के लिए नामित होने वाले एकमात्र उम्मीदवार हैं।’’
बयान के अनुसार, ‘‘न्यायमूर्ति रोहिंटन नरीमन (भारत के उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश) की अध्यक्षता में चुनाव समिति ने आज ओसीए संविधान, चुनाव नियमों और दिशानिर्देशों के अनुसार ओसीए के सदस्य एनओसी (राष्ट्रीय ओलंपिक समिति) द्वारा 21 जुलाई 2024 की समय सीमा तक प्रस्तुत सभी नामांकित उम्मीदवारों के सीवी और पात्रता आवश्यकताओं की समीक्षा करने के लिए बैठक की।’’
इसमें कहा गया, ‘‘समिति ने सर्वसम्मति से सिंह के नामांकन को मंजूरी दे दी जिन्हें भारत के एनओसी द्वारा नामित किया गया था और ओसीए के 27 सदस्य एनओसी द्वारा समर्थित किया गया था।’’
मंगोलियाई ओलंपिक समिति के अध्यक्ष बट्टूशिग बैटबोल्ड को चुनाव समिति द्वारा अयोग्य माना गया क्योंकि वह संविधान के प्रासंगिक अनुच्छेदों में निर्धारित पात्रता आवश्यकताओं को पूरा नहीं करते हैं। इसके अनुसार उम्मीदवार को या तो कम से कम आठ वर्षों तक अपने एनओसी के अध्यक्ष के रूप में कार्य करना चाहिए या कम से कम आठ वर्षों तक ओसीए कार्यकारी बोर्ड के सदस्य के रूप में कार्य करना चाहिए और उसे दो एनओसी द्वारा समर्थित होना चाहिए।
इसके बाद चुनाव समिति को मंगोलिया एनओसी के महासचिव द्वारा सूचित किया गया कि बैटबोल्ड ने ओसीए अध्यक्ष पद से अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली है।
सितंबर 2021 में आईओसी ने रणधीर को ओसीए का कार्यवाहक प्रमुख नियुक्त किया था जब शेख अहमद अल-फहद अल-सबाह को जिनेवा की अदालत ने दोषी ठहराया था और कुवैत के इस प्रशासक ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। रणधीर ने शेख अहमद अल-फहद अल-सबाह के अध्यक्ष रहते 1991 से 2015 तक ओसीए महासचिव के रूप में कार्य किया था।
जुलाई 2023 में शेख अहमद अल-फहद अल-सबाह के भाई शेख तलाल अल फहद अल-सबाह को बैंकॉक में हुए चुनावों में ओसीए अध्यक्ष के रूप में चुना गया था लेकिन आईओसी ने चुनावों को मान्यता देने से इनकार कर दिया और फैसला सुनाया कि शेख अहमद अल-फहद अल-सबाह का ओसीए चुनावों पर ‘निश्चित तौर पर प्रभाव’ था। आईओसी ने शेख अहमद अल-फहद अल-सबाह पर तीन साल का प्रतिबंध लगा दिया था।
कोविड-19 महामारी के कारण हांगझोउ एशियाई खेलों को 2022 से 2023 तक एक साल के लिए स्थगित करने का निर्णय रणधीर के नेतृत्व में लिया गया था। इसके बाद एशियाई खेलों में सफलता मिली जिससे उनकी नेतृत्व क्षमता का पता चला।
पंजाब के पटियाला में जन्मे रणधीर लंबे समय तक आईओसी के सदस्य और आईओए के अध्यक्ष रहे भलिंद्र सिंह के बेटे हैं। वे पटियाला के महाराजा भूपिंदर सिंह के पोते हैं।
अपने निशानेबाजी करियर के दौरान रणधीर ने स्कीट और ट्रैप दोनों स्पर्धाओं में कई राष्ट्रीय खिताब जीते। वे 1978 में बैंकॉक में एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय निशानेबाज बने।
रणधीर ने 1968 से 1984 तक मिश्रित ट्रैप में पांच ओलंपिक खेलों में भाग लिया। वे कर्णी सिंह के बाद पांच ओलंपिक में भाग लेने वाले दूसरे भारतीय थे। उन्होंने चार एशियाई खेलों में पदक जीते। वह 1987 से 2012 तक आईओए के महासचिव रहे और 2010 दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों की आयोजन समिति के उपाध्यक्ष थे। वह 2001 से 2014 तक अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के सदस्य थे। वह 2014 से आईओसी के मानद सदस्य हैं।
भाषा सुधीर आनन्द