अखिलेश, ममता ने कहा : केंद्र की भाजपा नीत सरकार लंबी नहीं टिकेगी
शफीक अमित
- 21 Jul 2024, 10:58 PM
- Updated: 10:58 PM
(तस्वीरों के साथ)
कोलकाता, 21 जुलाई (भाषा) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव ने रविवार को ‘‘नैतिक रूप से पराजित’’ भाजपा की आलोचना की और दावा किया कि केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राजग सरकार लंबे समय तक नहीं टिकेगी।
बनर्जी और यादव ने यह टिप्पणी यहां तृणमूल कांग्रेस की ‘शहीद दिवस’ रैली को संबोधित करते हुए की। यह रैली लोकसभा चुनाव के लगभग छह सप्ताह बाद आयोजित की गई है। इस चुनाव में तृणमूल कांग्रेस और सपा ने क्रमशः पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश में भाजपा के मुकाबले महत्वपूर्ण जीत हासिल की थी।
तृणमूल कांग्रेस और सपा दोनों ही राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन का हिस्सा हैं।
दोनों नेताओं के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा ने कहा कि वे सत्ता में आने का सपना देखने के लिए स्वतंत्र हैं लेकिन ऐसा कभी नहीं होगा।
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता और सांसद समिक भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘लोगों ने लगातार तीसरी बार राजग सरकार के लिए वोट दिया है। टीएमसी, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी सत्ता में आने और प्रधानमंत्री पद पर आसीन होने का सपना देखना जारी रख सकती हैं। लेकिन ऐसा कभी नहीं होगा। उन्हें 2029 के लोकसभा चुनाव के बाद भी विपक्ष में बैठने के लिए तैयार रहना चाहिए।’’
इससे पहले, यादव ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार लंबे समय तक नहीं टिकेगी क्योंकि ‘‘सांप्रदायिक ताकतों’’ को भले ही कुछ समय के लिए सफलता मिल सकती है, लेकिन अंततः उनकी हार होगी।
उन्होंने भाजपा या राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का नाम लिए बिना कहा, ‘‘केंद्र में यह सरकार ज्यादा दिन नहीं टिकेगी और जल्द ही गिर जाएगी। ऐसी सांप्रदायिक ताकतें किसी भी कीमत पर सत्ता में बने रहना चाहती हैं, लेकिन उनके मंसूबे कामयाब नहीं होंगे।’’
सपा नेता ने कहा, ‘‘केंद्र में सांप्रदायिक ताकतें साजिशें रच रही हैं और देश को अस्थिर करने की कोशिश कर रही हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जो ताकतें देश को सांप्रदायिक आधार पर बांटना चाहती हैं, उन्हें भले ही कुछ समय के लिए सफलता तो मिल सकती है, लेकिन अंत में वे पराजित होंगी। ऐसी सांप्रदायिक ताकतें किसी भी कीमत पर सत्ता में रहना चाहती हैं।’’
वहीं, बनर्जी ने भी कहा कि केंद्र की भाजपा नीत राजग सरकार लंबे समय तक नहीं टिकेगी क्योंकि यह ‘‘डरा-धमका कर’’ बनाई गई है।
इस दौरान उन्होंने किसी का नाम लिए बिना आर्थिक लाभ के लिए मंत्री पद ‘‘त्यागने’’ का आरोप लगाते हुए केंद्र सरकार में भाजपा के राजग सहयोगियों की आलोचना की।
उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव में सपा के अच्छे प्रदर्शन के लिए मुख्यमंत्री बनर्जी ने यादव की सराहना भी की। उन्होंने कहा, ‘‘केंद्र की सरकार लंबे समय तक नहीं टिकेगी। यह स्थिर सरकार नहीं है और जल्द ही गिर जाएगी।’’
बनर्जी ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार में शामिल भाजपा के सहयोगी दलों को ‘‘कायर और लालची बताया, जिन्होंने आर्थिक प्रलोभनों के आगे घुटने टेक दिए।’’
बनर्जी ने सवाल किया, ‘‘क्या कभी किसी ने मंत्रालयों के बदले पैसे की पेशकश के बारे में सुना है? वे कायर, बेशर्म और लालची हैं। उन्होंने अपनी पहचान का त्याग कर दिया।’’
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने अखिलेश यादव की तारीफ करते हुए कहा, ‘‘आपने उत्तर प्रदेश में जो ‘खेला’ किया उसके बाद (उप्र की) भाजपा सरकार को इस्तीफा दे देना चाहिए था लेकिन बेशर्म सरकार एजेंसियों और अन्य साधनों का दुरुपयोग करके सत्ता में बनी हुई है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘आप एजेंसियों का दुरुपयोग करके हमें दबा नहीं सकते... केवल बंगाल ही भारत के अस्तित्व को बचा सकता है। बंगाल के बिना भारत का अस्तित्व नहीं हो सकता।’’
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने दावा किया कि भाजपा के नेतृत्व वाली राजग सरकार जल्द ही गिर जाएगी।
उन्होंने दावा किया, ‘‘भाजपा के पास अब बहुमत नहीं है। मौजूदा केंद्र सरकार जिस तरह से सत्ता में आई है - केंद्रीय जांच एजेंसियों और निर्वाचन आयोग का दुरुपयोग करके - वह लंबे समय तक टिके रहने में सक्षम नहीं होगी।’’
बनर्जी ने भाजपा, कांग्रेस और माकपा पर पश्चिम बंगाल में ‘‘अंदरुनी समझौता’’ करने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दलों का एकमात्र उद्देश्य राज्य में विकास प्रयासों को बाधित करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मैं राज्य सरकार की नौकरियों में 10 लाख भर्तियां करने की तैयारी कर रही हूं। हालांकि, जब भी मैं ऐसी पहल की घोषणा करने का प्रयास करती हूं, तो ये दल अदालत में उनके खिलाफ जनहित याचिकाएं दायर करते हैं। कभी-कभी वे नौकरी सृजन को रोकने की कोशिश करते हैं, जबकि अन्य समय में वे पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण लाभ में बाधा डालने का प्रयास करते हैं।’’
मुख्यमंत्री ने राज्य में भीड़ के हमलों की हाल की घटनाओं का जिक्र करते कहा, ‘‘लोगों के साथ अन्याय न करें और न ही इसे बर्दाश्त करें, दोषी पाए जाने पर हम तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों को भी नहीं बख्शेंगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं चाहती हूं कि पार्टी कार्यकर्ता जनता के मित्र बनें। मैं नगर पालिका और पंचायत प्रतिनिधियों, विधायकों तथा सांसदों से कहना चाहती हूं कि वे सुनिश्चित करें कि हमें उनके खिलाफ कोई शिकायत न मिले।’’
मुख्यमंत्री बनर्जी ने कहा, ‘‘अगर हमें कोई शिकायत मिलती है तो हम उचित कार्रवाई करेंगे। सभी जानते हैं कि अगर कोई अन्याय होता है तो हम तृणमूल कांग्रेस के लोगों को भी नहीं छोड़ते।’’
बनर्जी की यह टिप्पणी राज्य के कुछ इलाकों में तृणमूल कांग्रेस नेताओं की भीड़ हिंसा और सार्वजनिक रूप पिटायी करने की घटनाओं में कथित संलिप्तता को लेकर लोगों में व्याप्त असंतोष के संदर्भ में आई है। इनमें से कई मामलों में गिरफ्तार किए गए लोग तृणमूल कांग्रेस से जुड़े हुए हैं।
पार्टी के निर्वाचित प्रतिनिधियों को सख्त संदेश देते हुए बनर्जी ने कहा कि काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘लालची मत बनो। सादा खाना खाओ, लेकिन भ्रष्टाचार मत करो। हम उन लोगों से कोई संबंध नहीं रखेंगे जो चुने जाने के बाद लोगों की सेवा नहीं करते। हमें अपनी जीत पर विनम्र होना चाहिए।’’
भाषा शफीक