दिल्ली भाजपा ने आप सरकार पर प्रदूषण नियंत्रण के लिए प्राप्त राशि का उपयोग नहीं करने का आरोप लगाया
संतोष पवनेश
- 20 Jul 2024, 10:36 PM
- Updated: 10:36 PM
नयी दिल्ली, 20 जुलाई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को दिल्ली की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर प्रदूषण नियंत्रण के लिए केंद्र से प्राप्त विशेष धनराशि को खर्च करने में असफल रहने का आरोप लगाते हुए इस पर श्वेतपत्र पेश करने की मांग की।
दिल्ली में विपक्षी दल के नेताओं ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह विफलता केजरीवाल सरकार की ‘आपराधिक लापरवाही’ का प्रमाण है।
आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए आप ने कहा कि दिल्ली सरकार लगातार प्रदूषण कम करने पर काम कर रही है और यहां तक कि भाजपा नीत केंद्र सरकार ने भी संसद में स्वीकार किया है कि राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण में 31 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
आप ने एक बयान में कहा, ‘‘केंद्र सरकार ने केंद्र के करों में से दिल्ली का हिस्सा रोक दिया है। जब हमने करों में 2.07 लाख करोड़ रुपये का भुगतान करने वाले दिल्लीवासियों के लिए उचित हिस्सेदारी की मांग की, तो भाजपा ने निराधार आरोपों के साथ जवाब दिया। एक बार फिर केंद्र ने अपने सौतेले व्यवहार का प्रदर्शन किया।’’
दिल्ली भाजपा की प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी नेताओं ने मांग की कि दिल्ली सरकार को पिछले साढ़े नौ वर्षों में प्रदूषण नियंत्रण पर किए गए कार्यों का विवरण देते हुए एक श्वेत पत्र पेश करना चाहिए।
दक्षिणी दिल्ली के सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा, ‘‘यह सिर्फ भाजपा का आरोप नहीं है, बल्कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट है कि दिल्ली दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में से एक है।’’
नई दिल्ली से सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा कि केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत दिल्ली सरकार को 742.69 करोड़ रुपये आवंटित किए, लेकिन केजरीवाल सरकार ने इसका केवल 29.5 प्रतिशत ही खर्च किया है।
उन्होंने सरकार से इस बात पर भी जवाब मांगा कि राशि के 70 फीसदी हिस्से का उपयोग क्यों नहीं किया गया।
केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी ने पलटवार किया और पूछा कि केंद्र सरकार दिल्ली के हिस्से की राशि क्यों रोक रही है।
बिधूड़ी ने यह भी कहा कि शीर्ष अदालत ने माना है कि दिल्ली में प्रदूषण के दो सबसे बड़े कारण ‘पूरी तरह से अव्यवस्थित’ परिवहन प्रणाली और सड़कों की धूल है।
उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में एकमात्र स्मॉग टावर सक्रिय नहीं है और इसका रखरखाव भी नहीं किया गया है।
स्वराज ने आरोप लगाया कि कुछ महीनों में दिल्ली ‘गैस चैंबर’ में तब्दील हो जाएगी, लेकिन इसकी तैयारी करने के बजाय आप के मंत्री प्रेस कॉन्फ्रेंस करने में व्यस्त हैं।
भाजपा के वरिष्ठ नेता अरविंदर सिंह लवली ने कहा कि मानसून के मौसम के कारण दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक(एक्यूआई) का स्तर आमतौर पर जुलाई और अगस्त में सबसे अच्छा होता है, लेकिन ‘‘आज एक्यूआई का स्तर 164 है, जिससे इस बात की चिंता उत्पन्न होती है कि यह दिसंबर में कैसा होगा?’’
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने एक बयान में आरोप लगाया कि केजरीवाल सरकार ने दिल्ली को प्रदूषित राजधानी बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।
सचदेवा ने दावा किया कि, ‘‘केजरीवाल सरकार दिल्ली के लिए अभिशाप है और यही कारण है कि लोग प्रदूषित हवा में घुटकर जीने के लिए मजबूर हैं।''
दिल्ली भाजपा के सचिव हरीश खुराना ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि पूरे साल दिल्ली में पीएम2.5 का स्तर मानक से ढाई गुना और पीएम10 का स्तर मानक से साढ़े तीन गुना ऊपर रहा है।
उन्होंने कहा कि पीएम2.5 का मानक 40 है, लेकिन दिल्ली में इसका औसत स्तर 106 है, जबकि पीएम10 का मानक 60 है पर दिल्ली शहर में इसका औसत स्तर 219 है।
भाषा संतोष