क्षेत्रीय उद्योग सम्मेलन में मप्र को 17,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले: मुख्यमंत्री
सं दिमो जितेंद्र पाण्डेय
- 20 Jul 2024, 08:52 PM
- Updated: 08:52 PM
जबलपुर, 20 जुलाई (भाषा) मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शनिवार को कहा कि क्षेत्रीय उद्योग सम्मेलन में राज्य को 17,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं।
उन्होंने कहा कि जबलपुर में रक्षा उत्पादन इकाइयों में सेना के लिए टैंक बनाने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
उन्होंने कपड़ा और परिधान क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए एक अत्याधुनिक कौशल विकास केंद्र स्थापित करने की घोषणा भी की।
उन्होंने कहा, ''हमने 70-75 वर्षों में उन लोगों को पीछे छोड़कर अपना खोया हुआ गौरव वापस पा लिया है, जिन्होंने हमें 250 वर्षों तक लूटा... हम वापस पटरी पर आ गए हैं। भारत अब पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।''
यादव ने स्पष्ट रूप से वैश्विक अर्थव्यवस्था में अमेरिका, चीन, जर्मनी और जापान के बाद ब्रिटेन को पीछे छोड़कर भारत के पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का जिक्र किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश ''प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गतिशील नेतृत्व में आगे बढ़ने के लिए तैयार है।'' राज्य में उद्योग के लिए अपार संभावनाएं हैं।
कार्यक्रम के दौरान यादव ने 1,500 करोड़ रुपये के निवेश के साथ 67 उद्योगों की आधारशिला रखी और उद्घाटन किया, जिससे 4,500 रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
मुख्यमंत्री के अनुसार, सम्मेलन में राज्य को 17,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले।
मध्य प्रदेश में उद्योग के लिए अपार संभावनाएं होने का जिक्र करते हुए यादव ने कहा, ''प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है, इसलिए मध्य प्रदेश सभी को आकर्षित कर रहा है।''
उन्होंने कहा कि जबलपुर में रक्षा उत्पादन इकाइयों में सेना के लिए टैंक बनाने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जो वर्तमान में हॉवित्जर का उत्पादन करते हैं।
यादव ने कहा, ''समय तेजी से बदल रहा है। महाकौशल क्षेत्र में 517 सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के साथ सोलह औद्योगिक क्षेत्र उभरे हैं।''
उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश में 275 दवा कंपनियों के उत्पादों को 160 देशों में निर्यात किया जा रहा है, और दुनिया की बड़ी दवा कंपनियां राज्य में काम कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में ब्रांडेड खाद्य पदार्थों की 70 इकाइयां हैं।
यादव ने कहा, ''मेरी सरकार मध्य प्रदेश में हीरा पॉलिशिंग उद्योग स्थापित करने के लिए कदम उठाएगी, क्योंकि राज्य (पन्ना जिले में) में खनन किए गए हीरे बाहर पॉलिश किए जाते हैं।''
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित अत्याधुनिक कौशल विकास केंद्र कपड़ा और परिधान क्षेत्र को बढ़ावा देगा और महिलाओं को प्रशिक्षण भी देगा।
बाद में पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कुल निवेश प्रस्तावों में 15 निवेशकों से मिले प्रस्ताव शामिल हैं, जिन्होंने 5,000 करोड़ रुपये के निवेश का वादा किया है।
उन्होंने कहा, ''340 एकड़ भूमि के आवंटन के लिए 265 औद्योगिक इकाइयों को आशय पत्र जारी किए गए हैं, जिससे 1,800 करोड़ रुपये का निवेश आएगा और 12,000 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा।''
यादव ने कहा कि रक्षा उपकरणों के निर्माण के लिए अशोक लीलैंड और सशस्त्र वाहन निगम लिमिटेड के बीच 600 करोड़ रुपये का समझौता ज्ञापन किया गया है।
उन्होंने बताया कि प्रमुख निवेशकों में हेडलबर्ग सीमेंट 1,500 करोड़ रुपये के निवेश से दमोह जिले में संयंत्र लगाएगी, वॉल्वो-आयशर कमर्शियल व्हीकल्स 1,500 करोड़ रुपये के निवेश से भोपाल में इकाई स्थापित करेगी और एसआरएफ फार्मास्यूटिकल्स राज्य में इकाई लगाकर 2,500 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।
ताइवान, मलेशिया, ब्रिटेन, फिजी, कोस्टा रिका और इंडोनेशिया सहित 4,000 से अधिक प्रतिनिधियों ने इस व्यापारिक कार्यक्रम में भाग लिया और इस दौरान खरीदारों-विक्रेताओं की 700 बैठकें आयोजित की गईं।
उन्होंने बताया कि सम्मेलन रक्षा, खान और खनिज, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण, कपड़ा और परिधान तथा पर्यटन क्षेत्रों पर केंद्रित था।
भाषा सं दिमो जितेंद्र