‘सबका साथ सबका विकास’ प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी: भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा प्रमुख सिद्दीकी
अमित आशीष
- 20 Jul 2024, 07:53 PM
- Updated: 07:53 PM
नयी दिल्ली, 20 जुलाई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रमुख जमाल सिद्दीकी ने शनिवार को कहा कि ‘सबका साथ, सबका विकास’ की गारंटी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की है, जिन्होंने अक्सर पसमांदा मुसलमानों के पिछड़ेपन के बारे में चिंता जतायी है।
सिद्दीकी ने पश्चिम बंगाल के नेता शुभेंदु अधिकारी की इस दलील को खारिज कर दिया कि पार्टी को यह नारा छोड़ देना चाहिए और अल्पसंख्यकों के लिए अपनी शाखा बंद कर देनी चाहिए।
सिद्दीकी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी, जिन्होंने लोकसभा चुनावों में राज्य में पार्टी के खराब प्रदर्शन को लेकर पार्टी की एक बैठक में नाराजगी भरी टिप्पणी की थी, भाजपा के लिए अपेक्षाकृत नये हैं और उन्हें पार्टी विचारक दीन दयाल उपाध्याय द्वारा गढ़े गए 'अंत्योदय' के मार्गदर्शक दर्शन को समझने में समय लगेगा।
सिद्दीकी ने कहा कि मोदी ने इस विचार को आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा, "सबका साथ, सबका विकास प्रधानमंत्री की गारंटी है।"
सिद्दीकी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में उत्तर प्रदेश सरकार के उस निर्देश का समर्थन भी किया, जिसमें कांवड़ मार्ग पर खाने-पीने की चीजें बेचने वाले सभी ढाबों और ठेला मालिकों को अपना नाम प्रदर्शित करने को कहा गया है। उन्होंने विपक्ष द्वारा इस कदम की आलोचना किये जाने की निंदा की।
अधिकारी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया जताते हुए सिद्दीकी ने कहा कि भाजपा का अल्पसंख्यक मोर्चा समाज के सबसे वंचित वर्गों तक पार्टी की पहुंच का एक प्रमुख हिस्सा है। उन्होंने पसमांदा मुसलमानों के विकास की कमी के बारे में मोदी की चिंताओं को याद दिलाया। अल्पसंख्यक समुदाय के पिछड़े वर्गों को पसमांदा मुसलमान कहा जाता है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने अपनी वोट बैंक की राजनीति के लिए पिछड़े वर्गों का शोषण किया है। उन्होंने कहा कि जैसे शरीर के लिए आत्मा होती है, वैसे ही भाजपा के लिए 'सबका साथ, सबका विकास' की विचारधारा है।
अधिकारी ने अपनी टिप्पणी से विवाद उत्पन्न होने के बाद दावा किया कि उनकी टिप्पणी को गलत समझा गया और उन्होंने मोदी के 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास' के आह्वान का समर्थन किया।
सिद्दीकी ने स्वीकार किया कि हो सकता है कि चुनाव के दौरान अल्पसंख्यकों ने भाजपा को बड़ी संख्या में वोट नहीं दिया हो, पर मोदी ने अक्सर उन लोगों के लिए काम करने की बात कही है जिन्होंने उन्हें वोट दिया और जिन्होंने नहीं दिया।
भाजपा के अल्पसंख्यक मोर्चा प्रमुख ने कहा, "एक राजनीतिक दल के रूप में भाजपा का लक्ष्य सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि सभी की सेवा करना है।"
हालांकि, उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार के विवादास्पद निर्देश का स्पष्ट रूप से समर्थन किया। उन्होंने कहा कि अतीत में यह देखा गया है कि कुछ लोग व्यवसाय करने या यहां तक कि परेशानी पैदा करने के लिए अपना नाम बदल लेते हैं और इससे कई बार हिंदू तीर्थयात्रियों की भावनाएं आहत होती हैं जो यात्रा के दौरान धार्मिक रूप से स्वीकृत आहार का पालन करते हैं।
उन्होंने कहा कि यह निर्देश हर धर्म के लोगों के लिए है और किसी भी तरह से मुसलमानों को अपना व्यवसाय करने से नहीं रोकता है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में मुसलमान यात्रा के दौरान व्यवसायिक गतिविधियों में शामिल होते हैं।
सिद्दीकी ने कहा कि वे तीर्थयात्रियों के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं स्थापित करते रहे हैं और उन्हें कभी कोई समस्या नहीं आई। उन्होंने कहा, "मैं वहां जमाल सिद्दीकी के रूप में जाता हूं। अगर किसी का कोई बुरा इरादा नहीं है, तो जमाल खुद को जयराम के रूप में क्यों पेश करता है।"
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल कई बार परेशानी पैदा करने के लिए अपने समर्थकों को फर्जी पहचान के तहत भेजते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश की विपक्ष द्वारा आलोचना उनकी वोट बैंक की राजनीति के कारण है और यह देश को वैश्विक रूप से बदनाम करने का प्रयास है, जबकि मोदी सब कुछ देश की अंतरराष्ट्रीय छवि को बढ़ाने के लिए कर रहे हैं।
भाषा अमित