‘एक्रीडिटेशन’ नहीं मिलने पर भारत के कोरियाई तीरंदाजी कोच नाराज
नमिता आनन्द
- 20 Jul 2024, 05:16 PM
- Updated: 05:16 PM
पेरिस, 20 जुलाई (भाषा) पेरिस खेलों के लिए ‘एक्रीडिटेशन’ नहीं मिलने से नाराज भारत के कोरियाई तीरंदाजी कोच बाएक वूंग की ने शनिवार को कहा कि 30 अगस्त को उनका अनुबंध खत्म हो जायेगा जिसके बाद वह इस पद पर जारी नहीं रहेंगे। साथ ही उन्होंने भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के खराब प्रशासन की आलोचना की।
मार्सिले में भारतीय टीम की तैयारी की देखरेख के बाद फ्रांस की राजधानी पहुंचे वूंग की ने कहा कि उन्हें महत्वपूर्ण समय पर ओलंपिक कोचिंग की भूमिका से हटा दिया गया और अब वह वापसी की टिकट बुक किये जाने के बाद भारत लौटेंगे।
61 वर्षीय कोच ने कहा, ‘‘मैं एक कोरियाई कोच हूं और मैंने पेरिस ओलंपिक के लिए भारतीय तीरंदाजों की तैयारी के लिए अनुबंध किया था। लेकिन ऐसे महत्वपूर्ण समय पर मुझे ओलंपिक कोचिंग की भूमिका से हटा दिया गया और मेरे उड़ान कार्यक्रम ने मुझे घर लौटने की जानकारी दी। ’’
वह पेरिस के एक होटल में ठहरे हुए हैं और ओलंपिक के लिए अपने ‘एक्रीडिटेशन’ (मान्यता कार्ड) का इंतजार कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मेरा अनुबंध 30 अगस्त तक है और मैंने ओलंपिक के लिए ही इस करार पर हस्ताक्षर किये थे। अब मैं सोनीपत पहुंचने के बाद कोरिया जाने की औपचारिकताओं के लिए तैयारी की योजना बना रहा हूं।’’
वूंग की ने स्पष्ट करते हुए कहा कि वह अपने अनुबंध को आगे नहीं बढ़ायेंगे।
2012 लंदन ओलंपिक में तीरंदाजी के दिग्गज दक्षिण कोरिया को दो स्वर्ण पदक दिलाने वाले वूंग की ने सवाल उठाया कि अगर उन्हें भारतीय टीम में शामिल नहीं किया जाना था तो उन्हें कोचिंग के लिए अनुबंधित करने के पीछे क्या तर्क था।
वूंग की ने कहा, ‘‘मैं पेरिस ओलंपिक में पदक दिलाने के लिए दो साल से भारतीय तीरंदाजों के साथ काम कर रहा हूं। लेकिन आईओए के लचर और खराब प्रशासन की वजह से विदेशी कोचों को बाहर रखा गया है। ’’
वूंग की ने कहा, ‘‘पता नहीं उन्होंने कोरियाई कोच नियुक्त करने के लिए पैसा क्यों लगाया था। इससे भी अहम है कि ओलंपिक से कुछ दिन पहले ही ऐसा किया गया। मैं ओलंपिक अभ्यास या प्रतियोगिता स्थलों के पास नहीं रह सकता। ’’
भारत के छह तीरंदाज 26 जुलाई से 11 अगस्त तक होने वाले ओलंपिक में हिस्सा लेंगे।
आईओए ने कुश्ती, टेबल टेनिस और बैडमिंटन जैसे खेलों में कई निजी कोचों और सहयोगी स्टाफ को मंजूरी दी है।
वूंग की ने कहा कि अगर वह टीम के साथ रहते तो इससे भारत के पेरिस में तीरंदाजी में पदक जीतने की संभावना निश्चित रूप से बढ़ सकती थी और उन्होंने कोरिया को सबसे मजबूत प्रतिद्वंद्वी करार किया।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं इसकी गारंटी नहीं दे सकता। कोरिया के तीरंदाजी मजबूत हैं और अगर कोरिया और भारत फाइनल में खेलते हैं तो 90 प्रतिशत मौका है कि भारतीय तीरंदाज हार जायें। लेकिन अगर मैं कोच बॉक्स में रहता तो कोरियाई तीरंदाज मेरी वजह से थोड़े दबाव में आ जाते। जिससे भारत का जीतने का प्रतिशत निश्चित रूप से बढ़ जाता। ’’
भाषा नमिता आनन्द