झारखंड सरकार ने संविदा पुलिस सहायकों से आंदोलन समाप्त करने की अपील की
प्रीति अमित
- 19 Jul 2024, 11:44 PM
- Updated: 11:44 PM
रांची, 19 जुलाई (भाषा) झारखंड सरकार ने शुक्रवार को प्रदर्शनकारी संविदा पुलिस सहायकों की सेवा एक वर्ष बढ़ाने का वादा करते हुए उनसे अपना आंदोलन समाप्त करने का आग्रह किया।
ये संविदा पुलिस सहायक पुलिस विभाग में सीधी भर्ती के साथ मानदेय में वृद्धि की मांग कर रहे हैं।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज करने के लिए राज्य की हेमंत सोरेन सरकार पर निशाना साधा।
वरिष्ठ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने दिन में आंदोलनकारी एसपीओ के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की।
पुलिस मुख्यालय में अतिरिक्त महानिदेशक राज कुमार मलिक ने पत्रकारों से कहा, ‘‘हमने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया है कि उन्हें पुलिस विभाग की विभिन्न नियुक्तियों में छूट मिलेगी। विशेष रूप से उन्हें आबकारी, होमगार्ड, जेल सिपाही और अग्निशमन सेवाओं में कांस्टेबल पदों के लिए आवेदन करते समय आयु में छूट और अन्य रियायतें दी जाएंगी।’’
आंदोलनकारी विशेष पुलिस अधिकारी (एसपीओ) अपनी मांगों को लेकर दबाव बनाने के लिए मुख्यमंत्री आवास के पास डेरा डाले हुए थे, हालांकि बाद में वे मोराबादी मैदान चले गए। वे करीब एक सप्ताह से मोराबादी मैदान में प्रदर्शन कर रहे हैं।
रांची के एसएसपी चंदन कुमार सिन्हा और वरिष्ठ अधिकारियों ने आंदोलनकारियों से आंदोलन खत्म करने की अपील की है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिस ने मुख्यमंत्री आवास के पास प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए हल्का लाठीचार्ज किया।
इससे पहले प्रधान सचिव (गृह) वंदना दादेल और डीजीपी अजय कुमार सिंह ने आंदोलनकारी एसपीओ के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की और उनसे आंदोलन समाप्त करने का आग्रह किया।
मलिक ने स्पष्ट किया कि हालांकि पुलिस बल में सीधी भर्ती संभव नहीं है, फिर भी आयु में छूट जैसे विशेष प्रावधान प्रदान किए जाएंगे, जिससे उन्हें अन्य अभ्यर्थियों के साथ निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मिल सके।
उन्होंने कहा, ‘‘उन्हें बताया गया कि पुलिस विभाग में अन्य साढ़े छह हजार पदों के लिए भर्ती जल्द ही होगी और वह इसके लिए पात्र हैं। इसके अलावा, हमने उन्हें आश्वासन दिया कि अगर वह अपना आंदोलन समाप्त करते हैं तो नौ अगस्त को समाप्त हो रहे उनके कार्यकाल को एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने उन्हें आश्वासन दिया है कि आंदोलन के दौरान उनके अनुशासित आचरण और शीघ्र अपने काम पर लौटने की शर्त पर उनका मानदेय 25 प्रतिशत बढ़ाया जाएगा।’’
रांची के उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा ने भी एसपीओ से अपना आंदोलन समाप्त करने का आग्रह करते हुए कहा कि सरकार मानदेय में बढ़ोतरी और आबकारी, वन और पुलिस विभागों में नियुक्तियों में छूट देने सहित उनकी अधिकांश मांगों पर सहमत हो गई है।
उन्होंने बताया कि प्रशासन ने किसी भी अप्रिय घटना को नियंत्रित करने के लिए मजिस्ट्रेट और पुलिसकर्मियों की तैनाती के अलावा अन्य उपाय सहित सभी प्रबंध किए हैं।
इस बीच, विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 'स्थायी रोजगार की मांग को लेकर रांची में पिछले 17 दिनों से प्रदर्शन कर रहे सहायक पुलिसकर्मियों पर झामुमो-कांग्रेस सरकार द्वारा किए गए लाठीचार्ज' की निंदा की।
केंद्रीय मंत्री और झारखंड के लिए भाजपा के चुनाव प्रभारी शिवराज सिंह चौहान ने राज्य में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) नीत सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि इसके शासन में झारखंड का हर वर्ग परेशान है।
शिवराज सिंह चौहान ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''हेमंत सोरेन जी आपने लाठीचार्ज करवाकर ठीक नहीं किया। ये तो अपने झारखंड के गरीब बेटा-बेटी हैं जो आपसे अपना हक मांग रहे हैं। आप अपनी जनता पर लाठीचार्ज करके जुल्म कर रहे हैं। आपके इस अत्याचार को झारखंड नहीं भूलेगा। सोरेन बाबू, आपकी सरकार के अब कुछ ही दिन बचे हैं।''
भाजपा नेता लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने भी लाठीचार्ज की निंदा करते हुए कहा कि झारखंड सरकार अपने किए गए वादों को पूरा करने में असमर्थ रही है और भाजपा को राज्य चुनावों में अपने अच्छे प्रदर्शन का भरोसा है, क्योंकि लोकसभा चुनावों में वह 52 विधानसभा सीट पर आगे थी।
भाषा प्रीति