भाजपा ने मुजफ्फरनगर पुलिस के आदेश का बचाव किया, विपक्ष पर साधा निशाना
ब्रजेन्द्र अमित
- 18 Jul 2024, 10:55 PM
- Updated: 10:55 PM
नयी दिल्ली, 18 जुलाई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बृहस्पतिवार को मुजफ्फरनगर पुलिस के उस निर्देश का बचाव किया जिसमें कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाली सभी दुकानों पर मालिक और काम करने वाले लोगों का नाम लिखने को कहा गया है।
भाजपा के सूचना और प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख अमित मालवीय ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "भारत की 'धर्मनिरपेक्षता' इतनी कमजोर नहीं हो सकती है कि सभी भोजनालयों को मालिक व श्रमिकों के नाम और संपर्क नंबर प्रदर्शित करने के लिए जारी एक समान आदेश इसे नुकसान पहुंचाए।"
उन्होंने कहा कि लगभग दो दशक पहले मुंबई के व्यापारिक जिले में सभी भोजनालयों में भोजनालय के नाम, मालिक, संपर्क नंबर, बीएमसी (बृहन्मुंबई महानगरपालिका) की ओर से आखिरी बार की गई निरीक्षण की तिथि और स्वच्छता की गुणवत्ता प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया था।
उन्होंने कहा कि अगर यह भेदभावपूर्ण नहीं है तो मुजफ्फरनगर के आदेश को अलग नजरिए से क्यों देखा जाना चाहिए, क्योंकि यह उत्तर प्रदेश है।
मालवीय ने कहा, "यदि भोजन एक विकल्प है और कुछ बहुराष्ट्रीय कंपनियां, डिलीवरी ऐप सहित रेस्तरां मुस्लिम संवेदनाओं को पूरा करते हुए प्रमुखता से हलाल अनुपालन प्रमाण पत्र प्रदर्शित करती हैं तो यह उपवास करने वाले हिंदुओं (इस मामले में कांवड़ यात्रियों) के लिए अलग क्यों होना चाहिए, जो शुद्ध शाकाहारी रेस्तरां में खाना चाहते हैं, जहां उन्हें सात्विक भोजन परोसे जाने की संभावना अधिक है।"
उन्होंने सवाल किया कि क्या हिंदुओं को पसंद करने का समान अधिकार देना पाप है?
आलोचकों की आलोचना करते हुए उन्होंने उन धर्मनिरपेक्षतावादियों पर निशाना साधा जिन्होंने यह मान लिया है कि यह आदेश भेदभावपूर्ण और मुसलमानों के खिलाफ है।
उन्होंने कहा, "क्योंकि वे जानते हैं कि कई मुस्लिम अपने व्यवसायों के लिए खुले तौर पर हिंदू नाम रखते हैं और न केवल धार्मिक भावनाओं का उल्लंघन करते हैं, बल्कि धर्मांतरण और इससे भी बदतर करते हैं।’’
मालवीय ने कहा, "हमने पहले भी विक्रेताओं, श्रमिकों के थूकने, पेशाब करने और बहुत कुछ के घृणित वीडियो देखे हैं।"
कांग्रेस ने इस आदेश को 'भारत की संस्कृति पर हमला' करार दिया।
मुजफ्फरनगर के पुलिस प्रमुख अभिषेक सिंह ने सोमवार को कहा, "जिले में सावन माह की तैयारियां शुरू हो गई हैं। कांवड़ यात्रा का करीब 240 किलोमीटर का रूट जिले में पड़ता है। मार्ग में होटल, ढाबा और ठेले सहित सभी भोजनालयों को अपने मालिकों या इन दुकानों पर काम करने वालों के नाम प्रदर्शित करने के लिए कहा गया है।"
उन्होंने कहा, ''ऐसा यह सुनिश्चित करने के लिए किया गया है कि कांवड़ियों के बीच कोई भ्रम नहीं होना चाहिए और कानून-व्यवस्था की कोई समस्या उत्पन्न नहीं होनी चाहिए। सभी स्वेच्छा से इसका पालन कर रहे हैं।"
भाषा ब्रजेन्द्र