मेरे राजनीतिक करियर में एक भी ‘काला धब्बा’ नहीं: सिद्धरमैया
नेत्रपाल माधव
- 18 Jul 2024, 06:52 PM
- Updated: 06:52 PM
बेंगलुरु, 18 जुलाई (भाषा) कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम लिमिटेड में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर बृहस्पतिवार को विधानसभा में हंगामा हुआ। मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने आरोपों को खारिज करने की कोशिश करते हुए कहा कि उनके चार दशकों के राजनीतिक करियर में एक भी ‘‘काला धब्बा’’ नहीं है।
मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रही विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आरोपों के बीच सत्तारूढ़ कांग्रेस के सदस्यों ने मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच पर संदेह व्यक्त किया और आरोप लगाया कि ऐसा लगता है कि इसका उद्देश्य राज्य में सरकार को अस्थिर करना है।
कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम लिमिटेड से जुड़ा कथित अवैध धन हस्तांतरण घोटाला 26 मई को लेखा अधीक्षक चंद्रशेखर पी. के आत्महत्या करने व एक नोट छोड़ने के बाद सामने आया था।
सुसाइड नोट में निगम के बैंक खाते से 187 करोड़ रुपये के अनधिकृत हस्तांतरण का खुलासा हुआ था। साथ ही इसमें कहा गया था कि इसमें से 88.62 करोड़ रुपये अवैध रूप से ‘नामी’ आईटी कंपनियों, हैदराबाद में स्थित सहकारी बैंक व अन्य से कथित तौर पर जुड़े विभिन्न खातों में डाले गए थे।
अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री बी. नागेन्द्र ने घोटाले के संबंध में अपने खिलाफ आरोप लगने के बाद छह जून को इस्तीफा दे दिया था। वह फिलहाल प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में हैं जो मामले की जांच कर रहा है।
सिद्धरमैया ने इस मुद्दे पर उन्हें और उनकी सरकार को निशाना बनाए जाने पर विपक्षी दल पर पलटवार करते हुए कहा, ‘‘यह दलित नहीं है, यह संविधान के अनुसार अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति है, आप (भाजपा) दलितों के बारे में कितना भी बोलें, कोई भी आपको दलित या एससी/एसटी समर्थक नहीं कह सकता। सत्ता में रहने के दौरान आपके कार्यक्रमों से यह स्पष्ट हुआ कि भाजपा के लोग सामाजिक न्याय के विरोधी हैं।’’
भाजपा विधायकों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई। पार्टी के वरिष्ठ विधायक सी. एन. अश्वत्थ नारायण ने कहा, ‘‘हम बताते हैं कि कैसे कांग्रेस सरकार और सिद्धरमैया सामाजिक न्याय के खिलाफ हैं।’’
इस पर मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘क्या मुझे कुछ चीजें (अनियमितताएं या भ्रष्टाचार) सामने लानी चाहिए?...मैं कुछ चीजें सामने लाऊंगा। मैं सामने लाऊंगा कि किसके समय में क्या हुआ।’’
अश्वत्थ नारायण ने पलटवार करते हुए कहा, ‘‘सामने लाओ... किसने कहा नहीं, तुम्हें सत्ता दी गई है क्योंकि तुमने दावा किया था कि तुम चीजों को ठीक कर दोगे और तुम भ्रष्टाचार के खिलाफ हो।"
उन्होंने सिद्धरमैया से कहा, ‘‘आपका 100 प्रतिशत (भ्रष्टाचार) है....आपको शर्म आनी चाहिए। आपकी अनैतिक सरकार है, आपको शर्म आनी चाहिए।’’
इस पर कांग्रेस सदस्यों ने कड़ी आपत्ति जताई और सदन में काफी हंगामा हुआ। सिद्धरमैया ने भी भाजपा पर निशाना साधा और अश्वत्थ नारायण को ‘‘भ्रष्टाचार का पितामह’’ बताते हुए कहा, ‘‘...आपको शर्म आनी चाहिए।’’
भाजपा के कई विधायक पार्टी और इसके नेता का बचाव करने के लिए खड़े हो गए।
अश्वत्थ नारायण ने सवाल किया, ‘‘क्या आप हमें यह कहकर धमकी दे रहे हैं कि आप चीजें बाहर लाएंगे?’’
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘क्या आप मुझ पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा रहे हैं? मुझे मंत्री बने (पहली बार) 40 साल हो गए, चालीस साल में मुझ पर कोई काला धब्बा नहीं लगा...आप झूठ बोल रहे हैं।’’
भाषा
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