दिल्ली कौशल विश्वविद्यालय ने समय सारणी से दोपहर का भोजनावकाश हटाया, लगातार होंगी कक्षाएं
जितेंद्र मनीषा
- 18 Jul 2024, 05:42 PM
- Updated: 05:42 PM
नयी दिल्ली, 18 जुलाई (भाषा) दिल्ली कौशल एवं उद्यमिता विश्वविद्यालय (डीएसईयू) ने ‘दोपहर का भोजनावकाश जैसी कोई चीज नहीं होती’ जैसे प्रसिद्ध मुहावरे को गंभीरता से लेते हुए अपनी समय सारिणी से दोपहर के भोजनावकाश को हटा दिया और लगातार एक के बाद एक कर, पूरे आठ घंटे की कक्षाएं लगा दीं।
विश्वविद्यालय ने हाल ही में एक अधिसूचना जारी कर विद्यार्थियों को दिया जाने वाला आधे घंटे का भोजनावकाश (दोपहर 12:30 बजे से एक बजे तक) हटा दिया है।
विश्वविद्यालय, सौंदर्यशास्त्र एवं सौंदर्य चिकित्सा में बीएससी, चिकित्सा एवं प्रयोगशाला विज्ञान और सुविधाएं एवं स्वच्छता प्रबंधन में बीबीए जैसे कौशल आधारित पाठ्यक्रम प्रदान करता है।
अधिकारियों के मुताबिक, “दोपहर का भोजन करने के लिए यहां-वहां पांच मिनट का समय विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त है क्योंकि बच्चे बड़े हो चुके हैं।”
विश्वविद्यालय के इस कदम से विद्यार्थियों में गुस्सा है और वे समयसारिणी बदले जाने पर आपत्ति जता रहे हैं।
एक विद्यार्थी ने नाम नहीं प्रकाशित करने की शर्त पर बताया, “पहले हमें साढ़े 12 बजे से एक बजे तक दोपहर का भोजनावकाश मिलता था, जो हमारी समयसारिणी में था। हालांकि विश्वविद्यालय ने इसे हटा लिया और पूर्वाह्न नौ बजे से शाम पांच बजे तक लगातार कक्षाएं लगा दीं, वह भी बिना किसी कारण के।”
विद्यार्थियों ने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली स्थित डीएसईयू के सभी 22 परिसरों की समय सारिणी से दोपहर के भोजनावकाश को हटा दिया गया है।
डीएसईयू की संयुक्त निदेशक (अकादमिक) कामना सचदेवा ने इस कदम के बारे में बताया कि भोजनावकाश को हटा दिया गया है क्योंकि विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अनुसार अपने सभी परिसरों के लिए एक केंद्रीकृत समय सारिणी तैयार करने की योजना बना रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि शिक्षकों को विद्यार्थियों को उनकी अगली कक्षा से पांच मिनट पहले छोड़ने के लिए कहा गया है ताकि विद्यार्थी अगली कक्षा से पहले अपना भोजन खत्म कर सकें।
सचदेवा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “समय सारिणी में आधे घंटे का भोजनावकाश रखना जरूरी नहीं है। हमने सभी परिसरों के निदेशकों से कहा है कि अगर उनकी समय सारिणी में भोजनावकाश फिट बैठता है तो वे अनुमति दे सकते हैं। विद्यार्थियों को भोजन करने के लिए उनकी कक्षा से पांच मिनट पहले छुट्टी दी जा सकती है, जो पर्याप्त समय है।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि डीएसईयू पालियों में कक्षाएं चलाता है और विद्यार्थियों की पहली पाली अपराह्न डेढ़ बजे समाप्त होती है।
उन्होंने बताया, “इन विद्याथियों को भोजनावकाश की जरूरत नहीं है क्योंकि वह कक्षाएं खत्म होने के बाद अपने घर जा सकते हैं। यह कॉलेज के विद्यार्थी हैं न कि स्कूल के, जिन्हें भोजनावकाश चाहिये।’’
भाषा जितेंद्र