शहीद अजय, बिजेंद्र का राजस्थान में अंतिम संस्कार; दो अन्य की पार्थिव देह के गृहनगर पहुंचने का इंतजार
आशीष वैभव
- 17 Jul 2024, 10:13 PM
- Updated: 10:13 PM
नयी दिल्ली, 17 जुलाई (भाषा) जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में शहीद हुए चार सैन्यकर्मियों में से दो जवानों अजय सिंह और बिजेंद्र का बुधवार को राजस्थान में उनके पैतृक स्थानों पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
दार्जिलिंग निवासी कैप्टन बृजेश थापा और आंध्र प्रदेश के नायक डी राजेश के पार्थिव शरीर अभी तक उनके पैतृक घरों तक नहीं पहुंचे हैं। ये दोनों भी मुठभेड़ में शहीद हो गए थे।
कैप्टन थापा का पार्थिव शरीर बृहस्पतिवार सुबह पश्चिम बंगाल के बागडोगरा से उनके पैतृक स्थान लेबोंग ले जाया जाएगा, जबकि नायक राजेश का पार्थिव शरीर आज ही विशाखापत्तनम हवाई अड्डे पर लाए जाने की उम्मीद है। राजेश का पैतृक गांव श्रीकाकुलम जिले में स्थित चेतलाथंद्रा विशाखापत्तनम से करीब तीन घंटे की दूरी पर है।
देसा वन क्षेत्र में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में चारों शहीद हो गए जहां राष्ट्रीय राइफल्स और जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवानों ने घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया था।
सोमवार रात को हुआ यह हमला, कठुआ जिले में सेना के गश्ती वाहन पर आतंकवादियों द्वारा घात लगाकर किए गए हमले के एक सप्ताह बाद हुआ है, जिसमें पांच सैनिक मारे गए थे और कई घायल हो गए थे। पिछले तीन सप्ताह में यह जम्मू क्षेत्र में तीसरी बड़ी आतंकवादी घटना थी।
कैप्टन थापा का पार्थिव शरीर बुधवार को हवाई मार्ग से उत्तरी पश्चिम बंगाल के बागडोगरा लाया गया। दार्जिलिंग के सांसद राजू बिस्ता, पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला और अन्य ने सिलीगुड़ी के पास बेंगडुबी सैन्य अड्डे पर अधिकारी को श्रद्धांजलि दी।
बिस्ता के मुताबिक थापा का पार्थिव शरीर बृहस्पतिवार को लेबोंग स्थित उनके पैतृक घर ले जाया जाएगा। सांसद बिस्ता ने कहा कि कैप्टन थापा समेत शहीदों का खून व्यर्थ नहीं जाएगा।
अपने परिवार में तीसरी पीढ़ी के सैन्य अधिकारी कैप्टन थापा 27 वर्ष के थे और पांच वर्ष पहले ही भारतीय सेना में शामिल हुए थे।
शहीद अधिकारी की मां नीलिमा ने बताया कि वह सेना की 145 एयर डिफेंस रेजिमेंट से थे और 10 राष्ट्रीय राइफल्स में प्रतिनियुक्ति पर थे।
राजस्थान के दो जवान अजय सिंह और बिजेंद्र सिंह को झुंझुनू जिले में उनके पैतृक गांवों में सैन्य व राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।
जवानों के पार्थिव शरीर बुधवार सुबह विशेष विमान से जयपुर लाये गये, जहां से उन्हें झुंझुनू जिले में उनके पैतृक गांवों में ले जाया गया।
अजय सिंह भैसावता कलां और बिजेंद्र सिंह डुमोली कलां गांव के रहने वाले थे। जवानों की अंत्येष्टि से पहले तिरंगा यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में लोग जवानों को अंतिम विदाई देने के लिए शामिल हुए।
राज्य सरकार में गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम, उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ और खेतड़ी विधायक धर्मपाल गुर्जर राज्य सरकार की ओर से शोक व्यक्त करने तथा शहीदों के परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे।
इससे पहले, शहीदों के पार्थिव शरीर सुबह जयपुर हवाई अड्डे पर लाए गए, जहां राज्य सरकार में स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा तथा सेना के अधिकारियों ने शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की।
भाषा आशीष