दलित किशोर को पेशाब पिलाने के प्रयास का मामला: पीड़ित परिवार से मिले समाज कल्याण मंत्री
जितेंद्र सिम्मी
- 17 Jul 2024, 10:08 PM
- Updated: 10:08 PM
श्रावस्ती, 17 जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष असीम अरुण ने श्रावस्ती जिले में एक दलित किशोर को कथित तौर पर पेशाब पिलाने का प्रयास करने के मामले के पीड़ित के परिवार से बुधवार को मुलाकात की।
अरुण ने पीड़ित परिजन से मुलाकात कर उन्हें भरोसा दिलाया कि उन्हें न्याय मुहैया कराया जाएगा और उन्होंने अधिकारियों को अदालत में प्रभावी पैरवी कर दोषियों को सजा दिलाने के निर्देश दिए।
अरुण ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘17 साल के किशोर के साथ घृणित अपराध हुआ है। पुलिस को मिले सबूतों के आधार पर कार्रवाई की गयी है। आरोपियों को उनकी गलती की सजा जरूर मिलेगी और पीड़ित परिवार को आर्थिक ताकत भी मिलनी चाहिए। बाबा साहब आम्बेडकर ने भी कहा था कि आर्थिक ताकत से सामाजिक ताकत अपने आप आती है।’’
समाज कल्याण मंत्री ने कहा, ‘‘पीड़ित परिवार में दो बेटे हैं। दोनों बच्चों को कौशल विकास का प्रशिक्षण दिलाकर उनके स्थायी रोजगार की व्यवस्था की जाएगी। जब वे अपने पैरों पर खड़े होंगे तो ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होंगी। इसी तरह हर परिवार को ताकत देने के लिए हमें काम करना है।’’
अरुण ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निरोधक) अधिनियम के तहत पीड़ित को जल्द से जल्द सहायता राशि दिए जाने का आश्वासन दिया।
उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न होने पाए।
श्रावस्ती जिले में एक दलित किशोर को बोतल में भरकर कथित तौर पर पेशाब पिलाने के प्रयास के मामले में पुलिस ने तीन अभियुक्तों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।
इससे पहले, पुलिस ने बताया था कि जिले के गिलौला थाने के रामपुर त्रिभौना निवासी एक युवक ने नौ जुलाई 2024 को पुलिस अधीक्षक से मिलकर कथित घटना की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया था कि गांव के निवासी किशन उर्फ भूरे तिवारी ने बीती एक जुलाई को उसके 15 वर्षीय छोटे भाई से एक वाहन पर डीजे रखवाने को कहा था और उसे डीजे रखवाने के बाद जेनरेटर भी लदवाने को कहा गया।
उसने बताया था कि किशोर के मना करने पर गांव के ही निवासी दिलीप मिश्रा व सत्यम तिवारी ने उसे रोक कर कहा कि जनरेटर लदवाने बाद ही उसे वहां से जाने दिया जाएगा।
शिकायत के अनुसार, इसी दौरान दिलीप मिश्रा ने शराब की बोतल में पेशाब कर उसे जबरन पिलाने का प्रयास किया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि किशोर के विरोध करने पर उसे मारा पीटा गया और तमंचा दिखाते हुए जान से मारने की धमकी दी गई।
पीड़ित द्वारा मामले की शिकायत श्रावस्ती के पुलिस अधीक्षक से किए जाने पर स्थानीय पुलिस ने अभियोग दर्ज कर तीनों आरोपियों किशन उर्फ भूरे तिवारी, दिलीप मिश्रा व सत्यम तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है।
इस घटना को लेकर जिले में राजनीति तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता एवं श्रावस्ती लोकसभा क्षेत्र से सांसद राम शिरोमणि वर्मा मंगलवार को पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे थे। इसके बाद प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण बुधवार को पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे।
भाषा सं. सलीम
जितेंद्र