जम्मू कश्मीर: डोडा में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में कैप्टन समेत सेना के चार जवान शहीद
सुभाष वैभव
- 16 Jul 2024, 11:17 PM
- Updated: 11:17 PM
जम्मू, 16 जुलाई (भाषा) जम्मू कश्मीर के डोडा जिले में, पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के हथियारों से लैस आतंकवादियों के साथ भीषण मुठभेड़ में एक कैप्टन समेत सेना के चार जवान शहीद हो गए।
जम्मू क्षेत्र में तीन हफ्तों में यह तीसरी बड़ी आतंकी घटना है।
सोमवार रात हुए इस हमले से सप्ताह भर पहले कठुआ जिले में आतंकवादियों ने सेना के गश्ती वाहन पर घात लगाकर हमला किया था, जिसमें पांच जवान शहीद हो गए थे और इतनी संख्या में सैन्य कर्मी घायल हुए। इस हमले की जम्मू और अन्य क्षेत्रों में व्यापक निंदा की गई।
दार्जिलिंग के रहने वाले कैप्टन बृजेश थापा, आंध्र प्रदेश के नायक डोक्कारी राजेश, तथा राजस्थान के सिपाही बिजेन्द्र और अजय कुमार सिंह देसा वन क्षेत्र में हुई गोलीबारी में घायल हो गए थे। वहां राष्ट्रीय राइफल्स और जम्मू कश्मीर पुलिस के जवानों ने घेराबंदी और तलाश अभियान शुरू किया था।
मुठभेड़ के बाद, राष्ट्रीय राइफल्स और जम्मू कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान समूह सहित सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों का सफाया करने के लिए देसा वन क्षेत्र में व्यापक अभियान शुरू किया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि वह जम्मू कश्मीर के डोडा जिले में आतंकवाद रोधी अभियान में सेना के चार कर्मियों की मौत से ‘‘बहुत दुखी’’ हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि सुरक्षाबल इस क्षेत्र से आतंकवाद के संकट को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने भी जम्मू कश्मीर के डोडा जिले में आतंकवाद रोधी अभियान के बारे में राजनाथ सिंह को जानकारी दी।
एक आधिकारिक बयान में सेना ने कहा कि देसा वन क्षेत्र में सोमवार देर शाम गोलीबारी शुरू हो गई, जहां राष्ट्रीय राइफल्स और जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवानों ने घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया था।
सेना ने कहा, ‘‘शुरुआती गोलीबारी में सेना के चार जवान घायल हुए, जिनकी बाद में मृत्यु हो गई।’’
सेना ने बयान में कहा कि वह सीमा पार से घुसपैठ कर आए विदेशी आतंकवादियों को खत्म करने के लिए जम्मू कश्मीर पुलिस के साथ संयुक्त और समन्वित अभियान चला रही है, जो जम्मू क्षेत्र के उधमपुर, डोडा और किश्तवाड़ जिलों के ऊपरी इलाकों में और उसके बाद कश्मीर की ओर बढ़ रहा है।
कैप्टन थापा के पिता कर्नल भुवनेश के. थापा (सेवानिवृत्त) ने याद किया कि उनका बेटा उनसे प्रेरित था और बचपन से ही भारतीय सेना में शामिल होना चाहता था। सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी ने कहा, "मुझे अपने बेटे पर गर्व है। यह सेना का अभियान है और ऐसे अभियान में हमेशा जोखिम रहता है।"
सेना ने कहा, ‘‘उत्तरी कमान की सभी इकाइयां जम्मू कश्मीर में आतंकवाद के संकट को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिसके लिए लगातार अभियान जारी रहेंगे।’’
सेना ने कहा कि विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल बढ़ाने के लिए कई उपाय किए गए हैं।
इसकी आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है, "इनमें जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के साथ संयुक्त प्रशिक्षण तथा सेना, पुलिस और अन्य खुफिया एजेंसियों के बीच खुफिया जानकारी साझा करने की मजबूत व्यवस्था शामिल है।"
हाल के दिनों में हुई घटनाओं के मद्देनजर सेना ने कहा कि आतंकवाद विरोधी अभियान प्रमुखता से जारी रहेंगे।
नौ जुलाई को किश्तवाड़ जिले की सीमा से लगे घढ़ी भगवाह जंगल में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ के बाद आतंकवादी भाग गए थे। इससे पहले 26 जून को जिले के गंडोह इलाके में दिनभर चले अभियान में तीन आतंकवादियों को मार गिराया गया था।
इसी तरह, 12 जून को भीषण गोलीबारी में पांच सैन्यकर्मी और एक विशेष पुलिस अधिकारी के घायल होने के बाद डोडा में आतंकवाद विरोधी अभियान तेज कर दिए गए थे। अगले दिन गंडोह में एक अन्य मुठभेड़ में एक पुलिसकर्मी घायल हो गया था।
जम्मू क्षेत्र 2005 से 2021 के बीच सुरक्षाबलों द्वारा आतंकवाद का सफाया करने के बाद अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण रहा, लेकिन इस क्षेत्र में पिछले महीने आतंकवादी हमलों में वृद्धि देखी गई। इसमें तीर्थयात्रियों को लेकर जा रही बस पर हमला भी शामिल है जिसमें नौ लोग मारे गए थे और 40 घायल हो गए थे।
इस बीच विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि एक के बाद इस तरह की भयावह घटनाएं अत्यंत चिंताजनक हैं और सेना के जवान तथा उनके परिवार ‘भाजपा की गलत नीतियों का दंश झेल रहे हैं।’
जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े संगठन कश्मीर टाइगर्स ने हमले की जिम्मेदारी ली है।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी समेत सेना के सभी रैंक के अधिकारियों ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी।
सिन्हा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘हम अपने सैनिकों की शहादत का बदला लेंगे और आतंकवादियों तथा उनके मददगारों के नापाक मंसूबों को नाकाम करेंगे। मैं लोगों से आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने और हमें उनके बारे में जानकारी देने का आह्वान करता हूं ताकि हम आतंकवाद विरोधी अभियानों को तेज कर सकें तथा आतंकियों के तंत्र को बेअसर कर सकें।’’
उन्होंने कहा, ‘‘डोडा जिले में हमारी सेना के जवानों और जम्मू-कश्मीर पुलिसकर्मियों पर हुए कायरतापूर्ण हमले की खबर से मुझे गहरा दुख हुआ है। हमारे देश की रक्षा के लिए बलिदान देने वाले बहादुर सैनिकों को श्रद्धांजलि। शोक संतप्त परिवारों के सदस्यों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है।’’
भाषा सुभाष