राजस्थान में जनसंख्या नियंत्रण नीति के बयानों को लेकर सियासत गर्माई
रंजन वैभव
- 16 Jul 2024, 08:28 PM
- Updated: 08:28 PM
जयपुर, 16 जुलाई (भाषा) राजस्थान में जनसंख्या वृद्धि पर नियंत्रण के लिए कानून या नीति बनाने की मांग को लेकर भाजपा नेताओं के बयानों पर राजनीति गरमा गई है। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक जहां विकास से जुड़े कारणों का हवाला देते हुए जनसंख्या नियंत्रण विधेयक की मांग कर रहे हैं वहीं कांग्रेस का आरोप है कि यह पहल एक विशेष समुदाय को निशाना बनाने के लिए की जा रही है।
भाजपा के विधायक बालमुकुंदाचार्य ने कहा कि संतुलन और विकास के लिए जनसंख्या नियंत्रण विधेयक लाया जाना चाहिए।
हवामहल (जयपुर) सीट से विधायक बालमुकुंदाचार्य के बयान का एक वीडियो सोमवार को सामने आया था जिसमें वह कहते सुने जा सकते हैं कि 'एक समुदाय विशेष में लोगों की चार बेगम और 36 बच्चे' हैं और इसकी इजाजत नहीं दी जा सकती।
बालमुकंदाचार्य ने विधानसभा परिसर में मंगलवार को संवाददाताओं से बातचीत में इस बात पर जोर दिया कि जनसंख्या वृद्धि नियंत्रण कानून बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जनसंख्या वृद्धि की वजह से जो समस्याएं उत्पन्न होती हैं उनसे सब अवगत हैं और यह मांग आज से नहीं, बहुत समय से है।
विधायक ने कहा कि अब जिस प्रकार से जनसंख्या में वृद्धि हो रही है वह विकास की गति में अवरोधक है।
उन्होंने कहा समृद्ध और विकसित देश बनाना है तो सभी की सहमति से जनसंख्या नियंत्रण कानून बनना चाहिए जो सभी के लिए हितकारी रहेगा।
बालमुकुंदाचार्य ने कहा, ‘‘मैंने मेरे विधानसभा क्षेत्र में एक ई रिक्शा चलाने वाले से बातचीत की तो पता चला कि उसकी 13 संतान हैं।’’
उन्होंने कहा एक बहन मेरे कार्यालय में आई थीं और कहा कि वह अपने पति की तीसरी पत्नी हैं और वह चौथी शादी करने जा रहा है उसे रोको।
विधायक ने कहा, ‘‘मैंने उससे कहा कि अब तो कानून बन गया, आप पुलिस थाने जाओ.. महिला थाने में जाओ।’’
उन्होंने कहा, “यह सरकारी या गैर-सरकारी लाभ की बात नहीं है…. बात यह है कि देश के विकास में, कुछ वर्ग कुछ परिवार ऐसे हैं जो कहते हैं 'हम दो हमारे दो’ और कुछ ऐसे हैं जो कहते हैं कि जो हो रहा है भगवान कृपा से हो रहा है, उसे होने दो।''
विधायक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार के शासनकाल में गरीबों के कल्याण के लिए अनगिनत योजनाएं हैं और बिना किसी भेदभाव के सब को उनका लाभ मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने तीन तलाक की समस्याओं का समाधान माताओं, बहनों की पीड़ा देखकर ही निकाला।
भाजपा विधायक ने कहा, ''मोदी के आने के बाद बिना तुष्टीकरण और भेदभाव के सर्वांग भारत का विकास हो रहा है.. उस विकास में सबको सहभागी बनना चाहिए, योगदान देना चाहिए।’’
इससे पहले रविवार को, शहरी विकास और आवास मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने भी कहा था कि केंद्र सरकार के स्तर पर प्रयास किया जा रहा है कि जिन जोड़ों के दो या तीन से अधिक बच्चे हैं उन्हें सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं मिलना चाहिए।
इन टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए, कांग्रेस विधायक हरिमोहन शर्मा ने मंगलवार को कहा कि राज्य में भाजपा सरकार की मंशा जनसंख्या के बारे में चिंता करने के बजाय केवल एक विशेष समुदाय को निशाना बनाने की है।
उन्होंने कहा कि अगर जनसंख्या वृद्धि पर नियंत्रण का कानून बनता है तो कांग्रेस इसका स्वागत करेगी लेकिन भाजपा का मकसद सिर्फ एक समुदाय को निशाना बनाना है।
उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘‘भाजपा की वर्तमान सरकार राजनीतिक दृष्टिकोण से और किसी वर्ग विशेष को लक्षित करने के उद्देश्य से बात करती है। आज भी मुख्यमंत्री ने जनसंख्या वृद्धि पर चिंता व्यक्त की और अप्रत्यक्ष रूप से किसी एक समुदाय पर निशाना साधा। अगर जनसंख्या नियंत्रण वृद्धि का कानून आया तो हम स्वागत करेंगे। लेकिन इनका (भाजपा) का उद्देश्य जनसंख्या नियंत्रण से अधिक किसी संप्रदाय विशेष को निशाना बनाने का है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं मुख्यमंत्री से अनुरोध करूंगा कि इस प्रकार निशाना साधने के बजाय हिंदू समाज और अन्य समाजों के गरीब तबकों के लोगों को दो वक्त की रोटी देने की चिंता करें ताकि जो हिंदू समाज वर्तमान में जिंदा है वो तो सुरक्षित रह सके।’’
भाषा कुंज पृथ्वी
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