कश्मीर में हजारों लोगों ने मुहर्रम जुलूस निकाला, बिहार में फलस्तीन ध्वज लहराने पर तीन गिरफ्तार
राजकुमार दिलीप
- 15 Jul 2024, 10:27 PM
- Updated: 10:27 PM
नयी दिल्ली, 15 जुलाई (भाषा) मुहर्रम (इस्लामी महीने) के महीने की आठवीं तारीख को उत्तर भारत में शिया समुदाय ने जगह-जगह मुहर्रम जुलूस निकाला। श्रीनगर में लगातार दूसरे साल यह जुलूस निकाला गया, जबकि बिहार के नवादा में इस मौके पर फलस्तीनी ध्वज लहराने पर तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया।
पैगंबर मोहम्मद के नवासे इमाम हुसैन और उनके परिवार के सदस्यों तथा साथियों की इराक के कर्बला में मुहर्रम महीने की एक से 10 तारीख के बीच घेराबंदी की गई थी और कई लोगों का कत्ल कर दिया गया था। इमाम हुसैन का कत्ल मुहर्रम महीने की दसवीं तारीख को किया गया था, जिसे आशूरा कहा जाता है।
कश्मीर के शिया समुदाय के लोगों ने सोमवार को श्रीनगर के गुरुबाजार-डलगेट मार्ग पर शांतिपूर्ण तरीके से मुहर्रम जुलूस निकाला। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि जुलूस में कुछ लोगों ने फलस्तीनी ध्वज ले रखे थे और उन्होंने फलस्तीन में लोगों के विरूद्ध हो रही हिंसा को खत्म करने की मांग की।
कश्मीर में आतंकवाद के उभरने के बाद मुहर्रम के जुलूस पर प्रतिबंध लगा दिया गया था, क्योंकि अधिकारियों को आशंका थी कि अलगाववादी इस विशाल जनसमूह का दुरुपयोग गलत उद्देश्यों के लिए कर सकते हैं।
श्रीनगर में जुलूस सोमवार तड़के गुरुबाजार इलाके से शुरू हुआ और जहांगीर चौक एवं मौलाना आजाद रोड होते हुए डलगेट पर समाप्त हुआ।
हजारों की संख्या में लोग सुबह साढ़े पांच बजे गुरुबाजार में एकत्र हुए। अधिकारियों ने जुलूस के लिए सीमित समय दिया था, ताकि सामान्य जनजीवन प्रभावित न हो।
बिहार के नवादा में मुहर्रम से पहले रविवार को एक जुलूस के दौरान कथित तौर पर फलस्तीनी ध्वज लहराने पर पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया ।
पकरीबरांवा के अनुमंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) महेश चौधरी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि पुलिस ने जिले के धमौल इलाके में हुई इस घटना की जांच शुरू की है।
चौधरी ने कहा, ‘‘ तत्काल जांच शुरू की गई। स्थानीय पुलिस की जांच के आधार पर जुलूस के दौरान फलस्तीनी झंडा लहराने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया।’’
चौधरी ने कहा कि जरूरी अनुमति लिए बगैर जुलूस निकाला गया। उन्होंने कहा कि कि फलस्तीनी ध्वज को तुरंत जब्त कर लिया गया।
बिहार पुलिस ने 13 जुलाई को दरभंगा जिले में एक जुलूस में फलस्तीनी ध्वज लहराने के आरोप में दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
उत्तर प्रदेश में शांति भंग होने की आशंका से पुलिस ने जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के अध्यक्ष और कुंडा के विधायक रघुराज प्रताप सिंह के पिता उदय प्रताप सिंह को घर में नजरबंद कर दिया।
प्रशासन ने कहा कि उदय प्रताप सिंह के करीब एक दर्जन समर्थकों को भी घर में नजबंद कर दिया गया है, जो 17 जुलाई को रात नौ बजे तक 68 घंटे तक चलेगा।
कुंडा के क्षेत्राधिकारी अजीत सिंह ने बताया कि उदय प्रताप और उनके समर्थक हर साल शेखपुर आशिक क्षेत्र में मुहर्रम जुलूस (ताजिया) मार्ग पर 10 साल पहले मर गये एक बंदर की बरसी पर भंडारा (सामुदायिक भोज) आयोजित करने का प्रयास करते हैं।
उन्होंने कहा कि एहतियात के तौर पर जिलाधिकारी संजीव रंजन और उपसंभागीय मजिस्ट्रेट भरत राम के आदेश पर उदय प्रताप के आवास 'भद्री कोठी' के मुख्य द्वार पर नोटिस चिपका दिया गया है।
उन्होंने कहा कि नजरबंद किये गये लोगों के घरों के बाहर पुलिस तैनात कर दी गयी है।
उत्तर प्रदेश के अमेठी में मुहर्रम जुलूस के दौरान भड़काऊ नारे लगाए जाने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की है।
यह घटना रविवार को उस समय घटी, जब मुसाफिरखाना क्षेत्र में जुलूस निकाला गया और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया।
पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
भाषा
राजकुमार