उदयपुर में संदिग्ध 'चांदीपुरा' संक्रामक बीमारी को लेकर विशेष सतर्कता के निर्देश
पृथ्वी नोमान
- 15 Jul 2024, 09:39 PM
- Updated: 09:39 PM
जयपुर, 15 जुलाई (भाषा) चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने राजस्थान के उदयपुर जिले में संदिग्ध 'चांदीपुरा' संक्रामक बीमारी को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, विभाग द्वारा संदिग्ध संक्रामक बीमारी चांदीपुरा को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है और विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
उदयपुर जिले के खेरवाड़ा ब्लॉक के दो गांवों में इस संदिग्ध बीमारी को लेकर सूचना मिली थी। जिले के चिकित्सकों को बच्चों में पायी गयी इस संदिग्ध बीमारी के बारे में गंभीरतापूर्वक सावधानी बरतने और विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिये गये हैं।
जनस्वास्थ्य के निदेशक डॉ. रवि प्रकाश माथुर ने बताया कि गुजरात सीमा पर स्थित खेरवाड़ा ब्लॉक के नलफला और अखीवाड़ा गांवों के दो बच्चों का गुजरात के हिम्मतनगर में उपचार किया जा रहा है तथा उपचार के दौरान जांच में इनके विशेष प्रकार के संक्रमण से पीड़ित होने का पता चला।
उन्होंने बताया कि शुरुआती उपचार में विलंब के कारण एक बच्चे को बचाया नहीं जा सका, जबकि दूसरे बच्चे का चिकित्सालय में उपचार जारी है और उसके स्वास्थ्य में तेजी से सुधार आ रहा है।
माथुर ने एक बयान में बताया कि गुजरात चिकित्सा प्रशासन द्वारा संक्रामक रोग ‘चांदीपुरा’ की जांच के लिए नमूने पुणे के राष्ट्रीय विषाणु संस्थान (एनआईवी) भेजे गये हैं।
उन्होंने बताया कि इस रोग के संक्रमण के मामले गुजरात में पाये गये थे और राजस्थान में इस रोग का कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है।
माथुर ने बताया कि दर्ज किये गये दोनों मामलों में बच्चे खेरवाड़ा ब्लॉक के हैं और इस क्षेत्र के निवासी रोजगार के लिए गुजरात के सीमावर्ती क्षेत्रों में पलायन करते हैं।
उन्होंने बताया कि 11 जुलाई को बच्चों के संक्रमण की सूचना मिलते ही संबंधित चिकित्सा अधिकारियों को सावधानी बरतने और निगरानी बढ़ाने के निर्देश जारी कर दिये गये हैं।
माथुर के मुताबिक, गुजरात में उपचाराधीन बच्चों की वास्तविक रिपोर्ट आना शेष है।
निदेशक, जनस्वास्थ्य ने बताया कि ‘चांदीपुरा’ एक वायरल संक्रमण है जो मच्छर, घुन व रेतीली मक्खी के माध्यम से फैलता है तथा इसके उपचार में विलंब होने पर गंभीर स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है।
उन्होंने बताया कि ‘चांदीपुरा’ संक्रमण के मुख्य लक्षण में बुखार आना, उल्टी होना और आकस्मिक दौरे पड़ना शामिल है।
माथुर के मुताबिक, जिन लोगों को ऐसे लक्षण हैं, वे विशेष सतर्कता बरतें और चिकित्सक की देखरेख में यथाशीघ्र उपचार कराएं।
उन्होंने बताया कि उदयपुर जिले से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार ‘चांदीपुरा’ संक्रमण के गंभीर लक्षणों वाला कोई अन्य मरीज उपचारधीन नहीं है और प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सर्वे-निगरानी बढ़ाने, नमूने अविलंब एसएमएस मेडिकल कॉलेज भिजवाने, कीट-मच्छररोधी गतिविधियां चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
भाषा पृथ्वी