दिव्यांगों का ‘मखौल’ उड़ाने पर युवराज सिंह और तीन अन्य क्रिकेटर की पुलिस से शिकायत
धीरज माधव
- 15 Jul 2024, 08:20 PM
- Updated: 08:20 PM
नयी दिल्ली, 15 जुलाई (भाषा) इंस्टाग्राम पर साझा किए गए वीडियो में कथित तौर पर दिव्यांगों का ‘मखौल’ उड़ाने के मामले में पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह, सुरेश रैना, युवराज सिंह और गुरकीरत मान के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है।
वीडियो को लेकर बढ़ते विवाद के बीच हरभजन सिंह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट जारी कर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि उनकी मंशा किसी का अपमान करना नहीं था।
‘नेशनल सेंटर फॉर प्रमोशन ऑफ एम्प्लॉइमन्ट फॉर डिसएबल्ड’ (एनसीपीईडीपी) के अध्यक्ष अरमान अली ने अमर कॉलोनी पुलिस थाना के प्रभारी से चारों क्रिकेटरों की शिकायत की है। इसके साथ ही उन्होंने मेटा इंडिया की उपाध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक संध्या देवनाथन के खिलाफ भी शिकायत की है।
अली ने शिकायत में सोशल मीडिया मंच ‘इंस्टाग्राम’ का स्वामित्व रखने वाली मेटा पर ऐसी सामग्री पोस्ट कर सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि अमर कॉलोनी पुलिस थाना को शिकायत मिली है और उसे जिले के साइबर प्रकोष्ठ को आगे की जांच के लिए भेजा जाएगा।
विश्वकप लीजेंड फाइनल में इंडिया चैंपियंस द्वारा पाकिस्तान चैंपियंस को पांच विकेट से हराने के बाद पूर्व खिलाड़ियों ने उक्त वीडियो सोशल मीडिया मंच ‘इंस्टाग्राम’ पर साझा किया था।
वीडियो में युवराज सिंह, हरभजन सिंह और रैना लंगड़ाते हुए और अपनी पीठ पकड़े हुए दिखाई दे रहे हैं, जिससे पता चलता है कि मैच के कारण उनके शरीर पर कितना शारीरिक असर पड़ा है।
वीडियो के साथ शीर्षक लिखा गया है, ‘‘बॉडी की तौबा-तौबा हो गई है 15 दिनों के लीजेंड क्रिकेट में...शरीर का हर हिस्सा टूट रहा है। हमारे भाइयों विक्की कौशल और करण औजला को हमारे तौबा-तौबा गाने के संस्करण से सीधी चुनौती। क्या गाना है।’’
दिव्यांग अधिकार कार्यकर्ताओं ने इस वीडियो को ‘घटिया मजाक’ बताया है।
शिकायत में कहा गया है कि इंस्टाग्राम अपने उपयोगकर्ता दिशानिर्देशों का पालन करने में विफल रहा, जिससे अपमानजनक सामग्री का प्रसार संभव हुआ।
अली ने शिकायत में कहा, ‘‘यह वीडियो भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 का खुला उल्लंघन है, जो प्रत्येक व्यक्ति को सम्मान के साथ जीने का अधिकार देता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह दिव्यांगों के अधिकार अधिनियम, 2016 की धारा 92 का भी उल्लंघन करता है, और निपुण मल्होत्रा बनाम सोनी पिक्चर्स फिल्म्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (2004 एससीसी ऑनलाइन एससी 1639) के मामले में तय किए गए उच्चतम न्यायालय के दिशानिर्देशों का भी उल्लंघन करता है।’’
उन्होंने अधिकारियों से घटना में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ तत्काल और उचित कार्रवाई करने का आग्रह किया तथा चर्चित हस्तियों को उनके कार्यों के लिए जवाबदेह ठहराने की आवश्यकता पर बल दिया, विशेषकर तब जब वे कमजोर समुदायों की गरिमा को ठेस पहुंचाते हों।
अली ने शिकायत दर्ज कराने के बाद ‘पीटीआई-भाषा’से बातचीत में कहा कि इन क्रिकेटरों द्वारा सामान्य माफी मांगा जाना काफी नहीं होगा। उन्होंने कहा, ‘‘उन्हें उनके कृत्यों के लिए दंडित किया जाना चाहिए।’’
हरभजन सिंह ने ‘एक्स’ पर जारी पोस्ट में कहा, ‘‘ मैं इंग्लैंड में चैंपियनशिप जीतने के बाद सोशल मीडिया पर हमारे ‘तौबा तौबा’ वाले हाल के वीडियो के बारे में शिकायत कर रहे हैं उन लोगों को स्पष्ट करना चाहता हूं कि हम किसी की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाना चाहते थे। हम हर व्यक्ति और समुदाय का सम्मान करते हैं और यह वीडियो सिर्फ 15 दिनों तक लगातार क्रिकेट खेलने के बाद हमारे शरीर पर पड़ने वाले असर को दर्शाने के लिए था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘टूटते शरीर... हम किसी का अपमान या अपमान करने की कोशिश नहीं कर रहे थे... फिर भी अगर लोगों को लगता है कि हमने कुछ गलत किया है... तो मैं अपनी तरफ से बस इतना ही कह सकता हूं कि सभी से माफी चाहता हूं... कृपया इसे यहीं रोकें और आगे बढ़ें। खुश और स्वस्थ रहें।’’
भाषा धीरज