पूंजीपतियों के चंदे पर निर्भर भाजपा लोकतंत्र की हत्या की साजिश रचने में व्यस्त है: कल्पना सोरेन
संतोष माधव
- 16 Mar 2024, 04:42 PM
- Updated: 04:42 PM
रांची, 16 मार्च (भाषा) जेल में बंद झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की आलोचना करते हुए कहा कि पूंजीपतियों के चंदे और चुनावी बॉण्ड पर निर्भर भगवा दल लोकतंत्र की हत्या की साजिश रचने में व्यस्त है जबकि उनके पति 45 से अधिक दिनों से ‘अन्यायपूर्ण कारागार’ में हैं।
कल्पना सोरेन ने चार मार्च को गिरिडीह जिले में झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के 51वें स्थापना दिवस समारोह में राजनीतिक यात्रा शुरू की। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2019 में हेमंत सोरेन के नेतृत्व में गठबंधन सरकार के सत्ता में आने के बाद से ही विरोधियों द्वारा एक साजिश रची गई थी।
कथित भूमि धोखाधड़ी से जुड़े धन शोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 31 जनवरी को हेमंत सोरेन को गिरफ्तार कर लिया था।
कल्पना ने ‘एक्स’ पर अपने पोस्ट में कहा, ‘‘हेमंत जी को ‘अन्यायपूर्ण कारावास’ में रहते हुए 45 दिन से अधिक हो गए हैं...आज ‘हाथी उड़ाने वाले लोग’ (भाजपा) चुनावी बॉण्ड और पूंजीपतियों से प्राप्त अन्य चंदे की मदद से लोकतंत्र की हत्या की साजिश रचने में व्यस्त हैं।’’
झारखंड में रघुबर दास के नेतृत्व वाली पिछली भाजपा सरकार के शासनकाल के दौरान फरवरी 2017 में रांची में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का शुभंकर ‘उड़ता हुआ हाथी’ था।
कल्पना ने पोस्ट में कहा कि भाजपा का जनजातियों, दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यक वर्गों से कोई लेनादेना नहीं है।
फिहलाह यह स्पष्ट नहीं है कि क्या वह झारखंड की किसी सीट से लोकसभा चुनाव लड़ेंगी क्योंकि विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) की ओर से अब तक उम्मीदवारों की सूची का ऐलान नहीं किया गया है।
मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने शुक्रवार को कहा था कि संसदीय चुनाव के लिए पार्टी उम्मीदवारों के नामों की घोषणा जल्द ही की जाएगी। अंतिम रूप से अभी निर्णय नहीं लिया गया है, लेकिन इस बात की बहुत अधिक संभावना है कि झामुमो जमशेदपुर लोकसभा क्षेत्र सहित पांच सीट पर अपने उम्मीदवार उतारेगा और सिंहभूम (सुरक्षित) सीट पर भी चुनाव लड़ सकता है।
कल्पना ने अपनी पोस्ट में कहा, ‘‘मैं उनसे (हेमंत सोरेन) सप्ताह में एक बार कुछ समय के लिए मिल पाती हूं। वह अपने पिता और मां के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित रहते हैं। राज्य के बारे में पूछने के साथ-साथ वह हमारे बच्चों के बारे में भी पूछते हैं। राज्य के लोगों के प्रति हेमंत जी का प्यार और समर्पण मुझे ताकत प्रदान करता रहता है। इस अन्यायपूर्ण कारावास में भी, वह मुस्कुराते हैं और कहते हैं कि आप एक मां हैं, आप हर चीज का ख्याल रखेंगी।’’
कल्पना ने कहा कि कुछ दिन पहले ही हेमंत जी ने महिला कांस्टेबल की सुविधाओं के संबंध में सरकार को अनुरोध भेजा था।
पोस्ट में कहा गया है, ‘‘झारखंड सहित देश की जेलों में बंद कैदियों में सबसे ज्यादा संख्या आदिवासी, दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों की है। मुझे याद है कि मुख्यमंत्री रहते हुए हेमंत जी ने ऐसे कुछ कैदियों को रिहा करने का निर्देश भी दिया था।’’
कल्पना ने कहा कि सत्तारूढ़ झामुमो के नेतृत्व वाले गठबंधन ने पांच फरवरी को अपना बहुमत साबित करने के बाद और उनके पति ने झारखंड विधानसभा में एक उग्र भाषण दिया था। कल्पना सोरेन ने घोषणा की कि ‘अन्याय और दमन’ के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी।
कल्पना को पहले मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे माना जा रहा था, लेकिन उन्हें शिबू सोरेन की बड़ी बहू सीता सोरेन के विरोध का सामना करना पड़ा। कल्पना ने कहा था, ‘‘मैंने लड़ाई लड़ी है और लड़ती रहूंगी! हमने जीत दर्ज की है और हम जीतेंगे।’’
उन्होंने पोस्ट किया था, ‘‘जब तक झारखंड के योद्धा (हेमंत सोरेन) केंद्र और भाजपा की साजिश को हरा कर हमारे साथ नहीं आ जाते, तब तक मैं उनका अकाउंट संभालूंगी। हमारे बहादुर पूर्वजों ने अन्याय और दमन के खिलाफ लड़ाई लड़ी और अब फिर से इसका समय आ गया है। आपका प्यार और आशीर्वाद वैसे ही बने रहे।’’
‘एमटेक’ और ‘एमबीए’ की पढ़ाई कर चुकीं कल्पना सोरेन ने अपनी स्कूली शिक्षा ओडिशा के मयूरभंज जिले के बारीपदा में पूरी की। उन्होंने भुवनेश्वर में रहकर इंजीनियरिंग और एमबीए की डिग्री प्राप्त की।
मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के नेतृत्व वाली जेएमएम गठबंधन सरकार ने 81 सदस्यीय विधानसभा में 47 विधायकों के समर्थन से बहुमत हासिल किया था जबकि 29 विधायकों ने विरोध में मतदान किया था।
विश्वास मत से पहले सदन में बोलते हुए हेमंत सोरेन ने कहा था, ‘‘31 जनवरी भारत के इतिहास में एक काला अध्याय था। राजभवन के इशारे पर एक मुख्यमंत्री को गिरफ्तार किया गया था...भाजपा नहीं चाहती कि एक आदिवासी मुख्यमंत्री झारखंड में पूरे पांच साल पूरे करे। उन्होंने अपने शासनकाल में भी इसकी अनुमति नहीं दी।’’
हमेंत ने कहा था, ‘‘मैं अब आंसू नहीं बहाऊंगा। मैं उचित समय पर सामंती ताकतों को करारा जवाब दूंगा।’’ हेमंत सोरेन ने भाजपा को अपने ऊपर लगे भ्रष्टाचार के आरोप साबित करने की चुनौती देते हुए कहा कि अगर आरोप साबित हो गए तो वह राजनीति छोड़ देंगे।
हेमंत सोरेन को 31 जनवरी को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया था, जिससे अटकलें लगाई जाने लगी थीं कि कल्पना सत्ता संभालेंगी। लेकिन उनके परिवार में दरार उभर आई और उनकी भाभी और झामुमो विधायक सीता सोरेन ने कल्पना को मुख्यमंत्री बनाने के किसी भी कदम का खुले तौर पर विरोध किया।
पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के बड़े बेटे दुर्गा की विधवा सीता सोरेन ने कहा था, ‘‘मैं पूछना चाहूंगी कि केवल कल्पना सोरेन ही क्यों, जो विधायक भी नहीं हैं और उनके पास कोई राजनीतिक अनुभव भी नहीं है...किस परिस्थिति में उनका नाम उछाला जा रहा है, जबकि पार्टी में इतने सारे वरिष्ठ नेता हैं।’’
हेमंत सोरेन ने पहले अपनी पत्नी के गांडेय विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की अटकलों को खारिज कर दिया था और इसे भाजपा की ‘कल्पना’ करार दिया था।
लेकिन दिसंबर में सत्तारूढ़ झामुमो के गांडेय से विधायक सरफराज अहमद के इस्तीफे से अटकलें फिर शुरू हो गईं। भाजपा ने दावा किया कि अहमद को पद छोड़ने के लिए मजबूर किया गया ताकि सोरेन की पत्नी ईडी के समन से संबंधित किसी भी स्थिति में गांडेय से चुनाव लड़ सकें।
भाषा संतोष