वित्त मंत्री सीतारमण ने कांग्रेस पर झूठ फैलाने का आरोप लगाया
आशीष वैभव
- 14 Jul 2024, 10:49 PM
- Updated: 10:49 PM
चंडीगढ़, 14 जुलाई (भाषा) केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कांग्रेस पर भाजपा नीत केंद्र सरकार के खिलाफ ‘‘झूठ फैलाने और गलत बयानबाजी’’ करने का आरोप लगाया और पार्टी कार्यकर्ताओं से तथ्यों और आंकड़ों के साथ इस ‘‘झूठ’’ का पर्दाफाश करने को कहा।
सीतारमण ने चंडीगढ़ भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही। बाद में उन्होंने व्यापारियों के साथ बैठक की और उनके मुद्दों को समझा तथा उनकी मांगों को जाना।
हाल में संपन्न हुए लोकसभा चुनावों का हवाला देते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नेता ने कहा कि कांग्रेस पिछले 10 आम चुनावों में 250 सीटों का आंकड़ा छूने में विफल रही है।
पिछले 10 लोकसभा चुनावों में कांग्रेस के प्रदर्शन की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘इसके बावजूद उनमें एक बनावटी आत्मविश्वास है।’’
सीतारमण ने कहा, ‘‘13 राजनीतिक दलों वाला ‘इंडी’ गठबंधन सिर्फ 232 सीटें जीत सका, जबकि भाजपा ने अपने दम पर 240 सीटें जीतीं।’’ उन्होंने यह भी कहा कि इस साल के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस 14 राज्यों में एक भी सीट नहीं जीत सकी।
वित्त मंत्री ने कांग्रेस पर ‘‘झूठ फैलाने’’ और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के कुछ बयानों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का आरोप लगाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी पार्टी ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए अधिग्रहित भूमि को लेकर लोगों को मुआवजा, अल्पकालिक सैन्य भर्ती के लिए अग्निपथ योजना और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) समेत कई मुद्दों पर झूठ फैलाने की कोशिश की है।
सीतारमण ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि उनकी सरकार ने राम मंदिर के लिए अधिग्रहित भूमि के लिए कुल 1,733 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया है। उन्होंने कांग्रेस पर अग्निपथ योजना के खिलाफ गलत बयान देने का भी आरोप लगाया।
वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘हमें कांग्रेस की रणनीति को गंभीरता से समझना चाहिए। झूठ फैलाकर और गलत बयानबाजी करके भाजपा पर हमला करने की कोशिश की जा रही है।’’ उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टी द्वारा फैलाए जाने वाले हर ‘‘झूठे बयान’’ का, सोशल मीडिया पर भी, तथ्यों और आंकड़ों के साथ तुरंत जवाब दिया जाना चाहिए।
संसद में कांग्रेस नेताओं के आचरण पर उन्होंने कहा कि वे सदन में सवाल उठाते हैं लेकिन जब मंत्री उन सवालों का जवाब देते हैं तो वे सदन से बहिर्गमन कर जाते हैं। वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘यह रचनात्मक विपक्ष की भूमिका नहीं है।’’
भाषा आशीष