मणिपुर की एक सीट पर दो चरणों में होगा मतदान, राहत शिविरों से मतदान कर सकेंगे लोग
वैभव दिलीप
- 16 Mar 2024, 10:20 PM
- Updated: 10:20 PM
इंफाल, 16 मार्च (भाषा) मणिपुर की दो लोकसभा सीटों के लिए चुनाव 19 अप्रैल और 26 अप्रैल को होंगे और बाहरी मणिपुर लोकसभा सीट के लिए भी दो चरणों में मतदान होगा।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने शनिवार को यहां यह जानकारी देते हुए कहा कि हिंसा प्रभावित राज्य में शिविरों में रहने वाले लोगों को उनके शिविर से मतदान की अनुमति होगी।
निर्वाचन आयोग ने लोकसभा चुनाव के लिए आज कार्यक्रम की घोषणा की और 543 के बजाय 544 सीटों का उल्लेख होने पर जब संवाददाताओं ने सवाल किया तो कुमार ने कहा कि बाहरी मणिपुर लोकसभा सीट को दो बार गिने जाने की वजह से ऐसा हुआ है, क्योंकि वहां दो चरणों में चुनाव होगा।
भीतरी मणिपुर के साथ ही बाहरी मणिपुर के कुछ हिस्सों में मतदान पहले चरण में 19 अप्रैल को होगा, वहीं बाहरी मणिपुर के बाकी केंद्रों पर मतदान दूसरे चरण में 26 अप्रैल को होगा।
मणिपुर के हालात के बारे में पूछे जाने पर कुमार ने कहा, ‘‘हम सभी बंदोबस्त करेंगे। हमने एक योजना बनाई है, जिसकी हमने अधिसूचना जारी कर दी है।’’
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रदीप कुमार झा ने शनिवार को कहा कि राज्य में 2955 मतदान केंद्रों में से 1058 को ‘संवेदनशील’ चिह्नित किया गया है।
झा ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘19 अप्रैल को पहले चरण के मतदान में 47 विधानसभा क्षेत्र शामिल होंगे, वहीं दूसरे चरण में 26 अप्रैल को 13 विधानसभा क्षेत्रों में लोकसभा चुनाव के लिए मतदान होगा। नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 27 मार्च है।’’
उन्होंने कहा कि संवेदनशील मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग और वीडियोग्राफी होगी और यहां केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की अतिरिक्त तैनाती होगी।
उत्तर पूर्व में ही मिजोरम की एकमात्र लोकसभा सीट के लिए मतदान 19 अप्रैल को होगा।
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मधुप व्यास ने कहा कि राज्य में 8.6 लाख से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे।
असम में 14 लोकसभा सीट के लिए 19 अप्रैल से तीन चरणों में मतदान होगा। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा शनिवार को घोषित चुनाव कार्यक्रम में यह जानकारी दी गई है।
चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, 19 और 26 अप्रैल को पांच-पांच सीट पर मतदान होगा, जबकि चार सीट पर सात मई को मतदान होगा।
इसके अनुसार पहले चरण में काजीरंगा, सोनितपुर, लखीमपुर, डिब्रूगढ़ और लखीमपुर में 19 अप्रैल को मतदान होगा। दूसरे चरण में दरांग-उदलगुरी, दीफू (आरक्षित), करीमगंज, सिलचर (आरक्षित) और नगांव के मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे।
चुनाव कार्यक्रम के मुताबिक, तीसरे और अंतिम चरण में सात मई को कोकराझार (आरक्षित), धुबरी, बरपेटा और गुवाहाटी निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान होगा।
पहले चरण की अधिसूचना 20 मार्च को जारी होगी और नामांकन पत्र दाखिल करने की आखिरी तारीख 27 मार्च है। नामांकन पत्रों की जांच 28 मार्च को होगी और नाम वापस लेने की आखिरी तारीख 30 मार्च है।
दूसरे चरण की अधिसूचना 28 मार्च को जारी होगी, नामांकन पत्र दाखिल करने की आखिरी तारीख चार अप्रैल, नामांकन पत्रों की जांच पांच अप्रैल और नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख आठ अप्रैल है।
चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, तीसरे चरण की अधिसूचना 12 अप्रैल को जारी होगी, नामांकन पत्र दाखिल करने की आखिरी तारीख 19 अप्रैल है, नामांकन पत्रों की जांच 20 अप्रैल और नाम वापस लेने की आखिरी तारीख 24 अप्रैल है।
मतगणना चार जून को होगी।
मौजूदा लोकसभा में भाजपा के पास नौ, कांग्रेस के पास तीन और एआईयूडीएफ के पास एक सीट है, जबकि असम से एक निर्दलीय सांसद है।
अरुणाचल प्रदेश में 19 अप्रैल को लोकसभा और विधानसभा चुनाव के लिये एक चरण में मतदान होगा।
कांग्रेस ने अरुणाचल में एक चरण में चुनाव कराने के आयोग के फैसले का स्वागत किया।
पार्टी ने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने में पूर्ण सहयोग का संकल्प व्यक्त किया।
भाषा
वैभव