सत्य की जीत, भाजपा की साजिशों की हार: ईडी मामले में केजरीवाल को अंतरिम जमानत मिलने पर आप
अमित सुरेश
- 12 Jul 2024, 07:13 PM
- Updated: 07:13 PM
नयी दिल्ली, 12 जुलाई (भाषा) आम आदमी पार्टी (आप) ने कथित आबकारी नीति घोटाले से जुड़े प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के धनशोधन मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को अंतरिम जमानत देने के उच्चतम न्यायालय के आदेश को शुक्रवार को "सत्य की जीत" और उनके खिलाफ "भाजपा की साजिश की हार" बताया।
हालांकि, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा कि उच्चतम न्यायालय का आदेश आम आदमी पार्टी (आप) की जीत नहीं है, क्योंकि आदलत ने आबकारी नीति मामले में केजरीवाल के दोषी होने को लेकर अपनी ‘मुहर’ लगा दी है।
‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल जमानत मिलने के बावजूद अभी जेल में ही रहेंगे, क्योंकि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने बाद में उन्हें कथित शराब घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार कर लिया था।
‘आप’ नेता आतिशी, सौरभ भारद्वाज और संदीप पाठक ने एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में शीर्ष अदालत के फैसले को ‘‘ऐतिहासिक’’ और ‘‘सच की जीत’’ करार दिया।
इससे पहले, ‘आप’ ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर ‘‘सत्यमेव जयते’’ लिखा।
केजरीवाल को पिछले महीने आबकारी नीति से जुड़े धनशोधन मामले में राउज एवेन्यू अदालत ने जमानत दे दी थी, लेकिन दिल्ली उच्च न्यायालय ने इस आदेश पर रोक लगा दी थी।
आतिशी ने दावा किया कि राउज एवेन्यू अदालत और उच्चतम न्यायालय के फैसले साबित करते हैं कि केजरीवाल की गिरफ्तारी और पिछले दो सालों से "तथाकथित" शराब घोटाले के नाम पर आप नेताओं और मंत्रियों को "प्रताड़ित करना" भाजपा द्वारा रची गई साजिश है।
उन्होंने आरोप लगाया, "भाजपा ने यह पूरी साजिश दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार के काम को रोकने के लिए रची है। इसीलिए उसने बिना किसी सबूत के मुख्यमंत्री को झूठे मामले में जेल में डाल दिया।"
दिल्ली की कैबिनेट मंत्री आतिशी ने कहा कि केजरीवाल को जमानत देते हुए निचली अदालत ने कहा था कि ईडी के पास "उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है" और एजेंसी मामले में "पक्षपातपूर्ण रवैया" अपना रही है।
आतिशी ने दावा किया, ‘‘आज उच्चतम न्यायालय ने निचली अदालत के फैसले पर मुहर लगाते हुए ईडी मामले में केजरीवाल को जमानत दे दी। भाजपा जानती थी कि चूंकि निचली अदालत ने केजरीवाल को जमानत दे दी है, इसलिए उच्चतम न्यायालय भी ऐसा ही करेगा। इसलिए उन्होंने केजरीवाल को गिरफ्तार करवाने के लिए अपने दूसरे राजनीतिक हथियार ‘सीबीआई’ का इस्तेमाल किया।"
उन्होंने कहा कि देश की न्यायपालिका ने "भाजपा की एक के बाद एक साजिशों को उजागर किया है।"
आतिशी ने कहा, "भाजपा को अपना अहंकार खत्म करना चाहिए और विपक्षी दलों के खिलाफ साजिश करना बंद करना चाहिए। सत्य को परेशान किया जा सकता है, लेकिन पराजित नहीं किया जा सकता। अरविंद केजरीवाल की जमानत ने देश को यह स्पष्ट कर दिया है कि वह पहले भी सत्य के साथ खड़े थे, आज भी हैं और भविष्य में भी सत्य के साथ खड़े रहेंगे।"
आप के राज्यसभा सदस्य संदीप पाठक ने उच्चतम न्यायालय के आदेश को पूरे देश के लिए "ऐतिहासिक" करार देते हुए कहा कि कुछ अदालती फैसले ऐसे होते हैं जो देश की दिशा तय करते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘अदालत के आदेश ने भाजपा द्वारा रचे गए तथाकथित शराब घोटाले को ध्वस्त कर दिया है। इससे पहले पीएमएलए विशेष अदालत के आदेश ने भी इस मामले की सच्चाई देश के सामने उजागर की थी।’’
केजरीवाल को अंतरिम जमानत देते हुए शीर्ष अदालत ने कहा कि यह केजरीवाल पर निर्भर करता है कि वह मुख्यमंत्री बने रहें या नहीं।
उच्चतम न्यायालय के न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति दीपांकर दत्त की पीठ ने कहा कि केजरीवाल 90 दिनों से अधिक समय से कारावास में हैं। पीठ ने कहा, ‘‘हम इस तथ्य से अवगत हैं कि अरविंद केजरीवाल एक निर्वाचित नेता हैं।’’
इसने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) मामले में उनकी गिरफ्तारी की वैधता से संबंधित प्रश्नों को भी एक वृहद पीठ के पास भेज दिया। अदालत ने कहा कि चूंकि मामला जीवन के अधिकार से संबंधित है और गिरफ्तारी का मुद्दा एक वृहद पीठ को भेजा गया है, इसलिए केजरीवाल को अंतरिम जमानत पर रिहा किया जाना चाहिए।
आप के राज्यसभा सदस्य पाठक ने कहा, "अदालत ने इस मामले का अध्ययन किया है और इसे एक वृहद पीठ को भेज दिया है। हमारा मानना है कि उच्चतम न्यायालय जो भी करेगा, वह देश के लिए अच्छा होगा और भविष्य में देश को दिशा देगा।"
भारद्वाज ने कहा कि अदालत ने माना है कि धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धारा 19 "विषयपरक" है। इसी धारा के तहत ईडी ने केजरीवाल को गिरफ्तार किया है।
मंत्री ने कहा, ‘‘इस मामले में धारा 19 को लागू करना केवल ईडी अधिकारियों की धारणा है। गौर करने वाली बात यह है कि जिस पीएमएलए कानून के तहत जमानत के प्रावधान इतने सख्त हैं, उसमें गिरफ्तारी के नियम भी उच्च स्तर के होंगे। यह संभव नहीं है कि आप हर छोटी-छोटी बात पर किसी को गिरफ्तार कर लें और फिर जमानत न दें। इसी तरह अगर किसी कानून में जमानत आसान है, तो उसमें गिरफ्तारी भी आसान है।"
भारद्वाज ने कहा कि आप को उम्मीद है कि केजरीवाल को सीबीआई द्वारा दर्ज आबकारी नीति मामले में भी जमानत मिल जाएगी।
भाषा अमित