उत्तराखंड उपचुनाव: मंगलौर विधानसभा उपचुनाव में हिंसा, बद्रीनाथ में शांतिपूर्ण रहा मतदान
जितेंद्र सिम्मी
- 10 Jul 2024, 11:37 PM
- Updated: 11:37 PM
देहरादून, 10 जुलाई (भाषा) उत्तराखंड की मंगलौर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए बुधवार को मतदान के दौरान एक मतदान केंद्र पर प्रतिद्वंद्वी दलों के समर्थकों के बीच झड़प में चार लोग घायल हो गए।
मंगलौर विधानसभा सीट पर 67.28 फीसदी मतदाताओं ने मतदान किया।
वहीं बद्रीनाथ विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव के लिए मतदान शांतपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया। बद्रीनाथ में 47.68 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाला।
हालांकि, निर्वाचन अधिकारियों ने यहां बताया कि अंतिम मतदाता प्रतिशत में बदलाव हो सकता है।
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने मंगलौर में कांग्रेस प्रत्याशी काजी निजामुद्दीन के खिलाफ पार्टी विधायक सरवत करीम अंसारी के बेटे उबेदुर रहमान को चुनाव मैदान में उतारा है। अंसारी के निधन के कारण विधानसभा सीट पर उपचुनाव हो रहा है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गुज्जर नेता करतार सिंह भड़ाना को चुनाव मैदान में उतारा है।
वहीं बद्रीनाथ में भाजपा के राजेंद्र भंडारी और कांग्रेस उम्मीदवार लखपत सिंह बुटोला के बीच सीधा मुकाबला है।
रुड़की सिविल लाइन कोतवाली प्रभारी आ रके सकलानी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि मंगलौर के लिब्बरहेड़ी में बूथ संख्या 53-54 पर दो पक्षों के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प की सूचना मिली थी।
उन्होंने बताया कि झड़प में घायल चार लोगों को अस्पताल भेज दिया गया।
सोशल मीडिया पर प्रसारित झड़प के कथित वीडियो में कांग्रेस उम्मीदवार और पूर्व विधायक काजी निजामुद्दीन खून से सने कपड़े पहने एक व्यक्ति को अस्पताल ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं।
उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर नफरत के बीज बोकर लोकतंत्र का गला घोंटने का आरोप लगाया। भाजपा की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
एक अन्य वीडियो में निजामुद्दीन अस्पताल में घायल पार्टी कार्यकर्ता को गले लगाते और जोर-जोर से रोते हुए दिखाई दिये।
घायल लोग दर्द से कराह रहे थे और उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ मारपीट की गई तथा उन्हें वोट न देने को कहा गया।
एक अन्य वीडियो में कुछ लोग मतदाताओं को मतदान केंद्र से बाहर खदेड़ते हुए दिखाई दिये।
बूथ में घुसे लोगों ने अपना चेहरा ढका हुआ था।
निजामुद्दीन ने दावा किया कि असामाजिक तत्वों ने हवा में कई गोलियां चलाईं।
काजी ने संवाददाताओं से कहा, “बूथ की दीवारों पर गोलियों के निशान हैं, जो दर्शाते हैं कि गोलीबारी हुई थी।”
उन्होंने कहा कि पिछले कई चुनावों से यह बूथ संवेदनशील श्रेणी में आता है इसके बावजूद पर्याप्त संख्या में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती नहीं गयी।
उन्होंने कहा कि बूथ पर दो उपनिरीक्षक स्तर के अधिकारी और एक सिपाही तैनात था लेकिन वहां कोई एंबुलेंस नहीं थी।
हरिद्वार में पुलिस और जिला प्रशासन दोनों ने हालांकि बूथ पर गोलीबारी की घटना से इनकार करते हुए बताया कि ये खबरें निराधार हैं।
भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने मंगलौर में हिंसा के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह मतदाताओं को प्रभावित करने की कांग्रेस की साजिश का हिस्सा है।
भट्ट ने आरोप लगाया, “कांग्रेस को पता था कि मतदाता विकास के लिए वोट करेंगे इसलिए उसने साजिश रची और मंगलौर के बाहर से कार्यकर्ताओं का इस्तेमाल कर परेशानी पैदा की और मतदाताओं को प्रभावित किया।”
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता यशपाल आर्य और उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद सहित कई कांग्रेस नेताओं ने हिंसा की निंदा करते हुए कहा कि उत्तराखंड में ऐसी घटना पहले कभी नहीं हुई।
रावत ने आरोप लगाया, “यह घटना भाजपा के इशारे पर और अधिकारियों की मिलीभगत से अंजाम दी गयी।”
उन्होंने भाजपा पर लोगों को कांग्रेस को वोट देने से रोकने और ‘‘लोकतंत्र की हत्या’’ करने का आरोप लगाया।
मसूद ने कहा कि भाजपा, उत्तराखंड में चुनावी हिंसा और गुंडागर्दी की शुरुआत कर रही है। आर्य ने लोगों से भाजपा की हरकतों से सावधान रहने को कहा।
बाद में कांग्रेस नेता पुलिस अधीक्षक (देहात) स्वप्न किशोर के कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए।
मुस्लिम और दलित बहुल मंगलौर सीट पर अतीत में बसपा और कांग्रेस का दबदबा रहा है। वहीं, बद्रीनाथ में भाजपा प्रत्याशी राजेंद्र भंडारी और कांग्रेस उम्मीदवार लखपत सिंह बुटोला के बीच सीधी टक्कर मानी जा रही है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के पूर्व अधिकारी हिम्मत सिंह सैनिक समाज पार्टी के प्रत्याशी हैं, जबकि पेशे से पत्रकार नवल खाली निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर बद्रीनाथ से किस्मत आजमा रहे हैं।
मंगलौर से बसपा विधायक सरवत करीम अंसारी का पिछले साल अक्टूबर में निधन होने के कारण इस सीट पर उपचुनाव जरूरी हो गया था। वहीं, बद्रीनाथ में कांग्रेस विधायक राजेंद्र भंडारी के इस साल मार्च में इस्तीफा देने और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने के बाद यह सीट खाली हो गई थी।
उपचुनाव की मतगणना 13 जुलाई को की जाएगी।
भाषा जितेंद्र