लोस चुनाव: तमिलनाडु में द्रमुक और अन्नाद्रमुक के मुकाबले के बीच भाजपा भी कर रही जोर आजमाइश
वैभव माधव
- 16 Mar 2024, 06:56 PM
- Updated: 06:56 PM
चेन्नई, 16 मार्च (भाषा) तमिलनाडु में लोकसभा चुनाव सत्तारूढ़ द्रमुक के अपनी जीत का सिलसिला जारी रखने के लक्ष्य और मुख्य विपक्षी अन्नाद्रमुक के अध्यक्ष ई के पलानीस्वामी के नेतृत्व में पार्टी के छाप छोड़ने के दृढ़ संकल्प की बात हो रही है।
इन दोनों क्षेत्रीय दलों के साथ ही भारतीय जनता पार्टी भी अपने प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई के नेतृत्व में राज्य में बड़ी ताकत बनने के लिए प्रयासरत है।
तमिलनाडु में 19 अप्रैल को लोकसभा चुनाव और विधानसभा उपचुनाव होंगे।
द्रमुक ने 2021 के विधानसभा चुनावों से पहले किए गए कई वादों को पूरा किया है जिनमें महिलाओं के लिए किराया-मुक्त यात्रा और महिलाओं को 1,000 रुपये की मासिक सहायता शामिल है, वहीं हाल में स्वापक नियंत्रण ब्यूरो द्वारा द्रमुक के निष्कासित पदाधिकारी जाफर सादिक की गिरफ्तारी को अन्नाद्रमुक और भाजपा दोनों बड़ा मुद्दा बना सकती हैं।
द्रमुक विपक्षी अन्नाद्रमुक पर भाजपा के साथ 'गुपचुप’ संबंध रखने का आरोप लगा रही है। उसने पलानीस्वामी की अगुवाई वाली विपक्षी पार्टी पर सीएए का समर्थन करने का आरोप भी लगाया है।
वहीं दूसरी तरफ राज्य में विपक्ष का दावा है कि लोगों का द्रमुक से मोहभंग हो गया है, लेकिन यह देखना बाकी है कि क्या यह उनके लिए वोटों में तब्दील हो पाता है या नहीं।
द्रमुक के कुछ मंत्रियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप, जिनसे संबंधित मामले अदालतों में लंबित हैं, और सत्तारूढ़ दल की 'पारिवारिक राजनीति' उन अन्य मुद्दों में से हैं, जिनके चुनावी बहस में प्रभावी रहने की संभावना है।
आगामी लोकसभा चुनाव में द्रमुक का कांग्रेस, वाम दलों, वीसीके, एमडीएमके, आईयूएमएल और केएमडीके के साथ गठबंधन जारी रहेगा। सत्तारूढ़ गठबंधन राज्य की सभी 39 लोकसभा सीटों और पुडुचेरी की एकमात्र लोकसभा सीट पर जीत के लिए प्रयासरत है।
अन्नाद्रमुक ने पिछले दिनों भाजपा से गठबंधन तोड़ लिया है।
गठबंधन सहयोगियों के साथ सीट बंटवारे पर बातचीत पूरी होने के बाद स्टालिन ने कहा, ‘‘हमने साबित कर दिया है कि अगर लक्ष्य एक ही है तो गठबंधन में कोई बदलाव नहीं होगा।’’
भाजपा ने राज्य में अपने सहयोगी दलों के साथ सीट बंटवारे को अभी अंतिम रूप नहीं दिया है, लेकिन उसे चुनाव प्रचार में पूरी ताकत लगा दी है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अन्नामलाई ने पिछले महीने अपने ‘एन मान, एन मक्कल’ (मेरी भूमि, मेरे लोग) अभियान को पूरा किया है, वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस साल जनवरी से पांच बार राज्य का दौरा कर चुके हैं।
मोदी चेन्नई, तिरुनेलवेली, तिरुपुर और कन्याकुमारी में रैलियों को संबोधित कर चुके हैं और वह कोयंबटूर में भी एक रैली को संबोधित करने वाले हैं और एक रोडशो में शामिल होंगे।
अन्नामलाई ने तिरुपुर और कोयंबटूर समेत पश्चिमी क्षेत्र में लोकसभा सीटें जीतने का विश्वास जताया है। केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन पिछले काफी समय से नीलगिरि लोकसभा क्षेत्र पर ध्यान दे रहे हैं जहां से इस समय द्रमुक नेता ए राजा सांसद हैं।
प्रधानमंत्री अपनी रैलियों में सत्तारूढ़ द्रमुक पर निशाना साधते आ रहे हैं, जबकि उन्होंने अन्नाद्रमुक के दिग्गज नेताओं दिवंगत जे जयललिता और एमजी रामचंद्रन की प्रशंसा की, जिससे अन्नाद्रमुक नेता काफी नाराज हैं।
पलानीस्वामी के नेतृत्व में अन्नाद्रमुक के लिए यह चुनाव दो प्रमुख घटनाक्रमों के बाद पहला चुनाव है। पहला घटनाक्रम पूर्व मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम और उनके समर्थकों को पार्टी से निष्कासित किया जाना और दूसरा घटनाक्रम अन्नाद्रमुक का भाजपा से नाता तोड़ना है।
भाषा वैभव