'इंडिया' गठबंधन का निर्वाचन आयोग मामले पर राष्ट्रव्यापी अभियान का फैसला, मतपत्र से चुनाव की मांग
भाषा
- 30 Sep 2026, 05:22 PM
- Updated: 05:22 PM
नयी दिल्ली, 30 सितंबर (भाषा) विपक्षी 'इंडिया' गठबंधन ने बुधवार को ''वोट चोरी'' और मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़ी कथित अनियमितताओं के खिलाफ देशव्यापी अभियान चलाने तथा निर्वाचन आयोग के मुख्यालय तक विपक्षी सांसदों का मार्च निकालने का फैसला किया और कहा कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की जगह मतपत्रों से चुनाव होना चाहिए।
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को ''चोर और डाकू'' बताते हुए उनके इस्तीफे की मांग की, जबकि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि इस गठबंधन के नेताओं की ''निजी प्रतिबद्धता'' है कि लोकतंत्र को नष्ट करने वालों को सजा जरूर मिले।
गठबंधन के 19 घटक दलों के नेताओं ने तीन घंटे से अधिक समय तक मंथन के बाद छह सूत्री साझा कार्ययोजना पर सहमति जताई, जिसके तहत आगामी दो से आठ अक्टूबर तक जिला स्तर पर 'लोकतंत्र बचाओ' मार्च निकाले जाएंगे।
इसके साथ ही छह अक्टूबर को विपक्षी सांसद निर्वाचन आयोग तक मार्च करेंगे। विपक्षी नेता अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए समय मांगेंगे। विपक्षी दलों की ओर से पांच बड़ी रैलियां आयोजित की जाएंगी और एक नवंबर को दिल्ली में विशाल रैली भी आयोजित होगी।
विपक्षी नेताओं ने उच्चतम न्यायालय में एसआईआर और चुनाव संबंधी सभी मामलों का जल्द निपटारा किए जाने की भी अपील की।
विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस) की इस बैठक में कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश और के. सी. वेणुगोपाल के अलावा 'ममता अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस' की ममता बनर्जी सहित विभिन्न विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बैठक के बाद कहा कि सभी नेताओं ने खुलकर अपने विचार रखे और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धाव ठाकरे और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ऑनलाइन माध्यम से अपने सुझाव साझा किए।
खरगे ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह निर्वाचन आयोग से ''कठपुतली'' की तरह काम करा रहे हैं और विपक्षी दलों के अनुसार चुनाव में ''वोटों की चोरी'' की जा रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष इसके खिलाफ मजबूती से आवाज उठाएगा।
राहुल गांधी ने कहा कि 'इंडिया' गठबंधन के घटक दल भारतीय संविधान के ''सामूहिक रक्षक'' हैं और वे मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने वालों को सजा मिले।
उन्होंने बैठक के बाद कहा कि उन्हें उम्मीद है कि विपक्षी दल आने वाले कुछ महीनों में देश में महत्वपूर्ण बदलाव लाएंगे।
ममता बनर्जी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला करते हुए उन्हें ''चोर और डाकू'' करार दिया और उनके तत्काल इस्तीफे की मांग की।
बनर्जी ने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया में ''वोट चोरी'' की गई और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद ईवीएम जलाकर सबूत नष्ट करने की कोशिश की गई।
वाम दलों ने भी निर्वाचन आयोग के खिलाफ आंदोलन को केवल 'इंडिया' गठबंधन तक सीमित नहीं रखने की अपील की।
माकपा महासचिव एम ए बेबी ने कहा कि आंदोलन में सभी गैर-राजग दलों के साथ-साथ नागरिक समाज, कलाकारों, लेखकों और प्रमुख हस्तियों को भी शामिल किया जाना चाहिए।
बेबी ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा कि वाम मोर्चा मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तहत निर्वाचन आयोग के कथित गलत कामकाज के खिलाफ आंदोलन को व्यापक जन आंदोलन में बदलना चाहता है।
भाकपा नेता पी. संदोष कुमार ने कहा कि वाम दल आंदोलन को तेज करना चाहते हैं और उम्मीद करते हैं कि 'इंडिया' गठबंधन से बाहर की पार्टियां भी इसमें शामिल होंगी।
उन्होंने कहा कि कुमार का इस्तीफा ही ''एकमात्र समाधान'' है।
संदोश कुमार ने कहा कि राज्य स्तर पर 'इंडिया' गठबंधन के घटक दलों के बीच राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता हो सकती है, लेकिन इससे व्यापक मुद्दे पर सहयोग प्रभावित नहीं होना चाहिए।
'इंडिया' गठबंधन की बैठक में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, ममता अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार), शिवसेना (उबाठा), राष्ट्रीय जनता दल, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, जम्मू और कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस, जम्मू-कश्मीर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी, झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता शामिल हुए।
इनके अलावा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग, केरल कांग्रेस (एम), मरुमलार्ची द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एमडीएमके), विदुथलाई चिरुथैगल काची (वीसीके), रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी, केरल कांग्रेस (जे) और ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
इन दलों के अलावा, निर्दलीय राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल भी इस बैठक का हिस्सा बने।
'इंडिया' गठबंधन की बैठक उस समय हुई है, जब कुछ दिनों पहले ही अंग्रेजी दैनिक 'इंडियन एक्सप्रेस' की खबर में दावा किया गया था कि निर्वाचन आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने देशभर में मतदाता सूची के 'एसआईआर' के दौरान नाम जोड़े और हटाए जाने समेत कई मुद्दों पर आपत्तियां जताई थीं।
दूसरी तरफ, निर्वाचन आयोग ने कहा कि विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग मत होना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है तथा उसके सभी फैसले स्थापित वैधानिक प्रक्रियाओं के अनुरूप हैं।
भाषा