एनएसयूआई ने 'डूसू' अध्यक्ष के कथित फर्जी अंकपत्र के जांच की मांग की
शुभम राजकुमार
- 10 Jul 2024, 08:42 PM
- Updated: 08:42 PM
नयी दिल्ली, दस जुलाई (भाषा) भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ (एनएसयूआई) ने बुधवार को दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) के अध्यक्ष तुषार डेढ़ा पर विश्वविद्यालय में प्रवेश पाने के लिए कथित तौर पर बारहवीं कक्षा का "फर्जी" अंकपत्र का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया और प्रशासन से इस मामले की त्वरित जांच की मांग की।
डूसू के राष्ट्रीय सचिव अक्षय लाखड़ा ने यहां कांग्रेस की छात्र शाखा एनएसयूआई के मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह आरोप लगाया।
उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) से संबद्ध तुषार डेढ़ा द्वारा 2016 में नियमित छात्र के तौर पर दो अलग-अलग बोर्ड (उत्तर प्रदेश बोर्ड और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड) से एक साथ प्राप्त की गई बारहवीं के अंकपत्र की वैधता पर सवाल उठाया।
सीबीएसई परीक्षा नियमों का हवाला देते हुए लाखड़ा ने कहा, "परीक्षा में बैठने के लिए कम से कम 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य है। हम डेढ़ा से पूछना चाहते हैं कि वह दो अलग-अलग बोर्ड में नियमित छात्र के रूप में अपनी उपस्थिति कैसे बनाए रख सके जबकि एक विद्यायल उत्तर प्रदेश में है और दूसरा करीब 200 किलोमीटर दूर दिल्ली में है। इससे स्पष्ट रूप से पता चलता है कि डेढ़ा धोखाधड़ी में लिप्त हैं और उनका अंकपत्र फर्जी है।"
'डूसू' उपाध्यक्ष और एनएसयूआई सदस्य अभि दहिया ने भी संवाददाता सम्मेलन में डेढ़ा के अंकपत्र में कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाए। दहिया ने ही छह जुलाई को दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति योगेश सिंह के समक्ष डेढ़ा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।
एनएसयूआई ने विश्वविद्यालय प्रशासन से इस मामले की त्वरित जांच करने और सत्यवती कॉलेज से स्नातकोत्तर (एमए) छात्र के रूप में डेढ़ा का प्रवेश रद्द करने की मांग की।
एनएसयूआई के दोनों नेताओं ने 'डूसू' अध्यक्ष पद से डेढा के इस्तीफे की भी मांग की। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से उन्हें छात्र संघ के प्रमुख पद से हटाने की मांग की।
इससे पहले 'पीटीआई भाषा' से बात करते हुए डेढा ने अपने अंकपत्र में किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया था और कहा था कि वह एनएसयूआई सदस्यों के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करेंगे।
मंगलवार को उन्होंने एनएसयूआई और इसके कुछ सदस्यों तथा रोहतक के कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।
दावों को "निराधार" बताते हुए डेढ़ा ने आरोप लगाया कि एनएसयूआई जानबूझकर उनकी प्रतिष्ठा को धूमिल करने के लिए सोशल मीडिया पर उन्हें "निशाना" बना रही है।
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