उप्र : आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर बस और टैंकर की टक्कर में 18 लोगों की मौत, 19 घायल
जफर सलीम जोहेब
- 10 Jul 2024, 07:18 PM
- Updated: 07:18 PM
उन्नाव (उप्र), 10 जुलाई (भाषा) उन्नाव जिले में बुधवार को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर एक बस और टैंकर की टक्कर में 18 लोगों की मौत हो गई और 19 अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। मृतकों में एक ही परिवार के छह सदस्य शामिल हैं।
अधिकारियों ने बताया कि घटना तड़के करीब पांच बजे बेहटा मुजावर थाना क्षेत्र में जोजीकोट गांव के पास हुई, बस में 60 लोग सवार थे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुर्घटना पर दुख व्यक्त किया है।
जिलाधिकारी गौरांग राठी ने बताया कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि बिहार के मोतिहारी से दिल्ली जा रही डबल डेकर बस की रफ्तार तेज थी और उसने दूध के टैंकर को पीछे से टक्कर मार दी।
जिलाधिकारी ने कहा कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
राठी ने बताया कि हादसे में मामूली रूप से घायल हुए 20 अन्य यात्रियों को दूसरी बस से दिल्ली भेजा गया है।
अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) एसबी शिरोडकर ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि दुर्घटना में 18 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 14 पुरुष, तीन महिलाएं और एक बच्चा शामिल है। उन्होंने बताया कि हादसे में 19 लोग घायल हो गये हैं।
बांगरमऊ के क्षेत्राधिकारी अरविंद कुमार ने बताया कि मरने वाले 18 लोगों में से 10 की पहचान हो चुकी हैं। मरने वालों में मेरठ के एक ही परिवार के अशफाक (45), रूबी (40), गुलनाज (12), सुहैल (4), सोनू (32) तथा सोनी (28) शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि इस घटना में बिहार निवासी बस चालक अखलाक (49) और दूध कैंटर चालक रायबरेली निवासी सुनील कुमार (35) की भी मौत हो गयी है। दो अन्य मृतकों की पहचान बिहार के दीपक कुमार (27) और बिहार के ही शिव दयाल (28) के रूप में हुई है।
उन्नाव के पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ शंकर मीणा ने बताया कि बिहार से दिल्ली जा रही इस निजी बस में करीब 60 यात्री सवार थे, जो अलग अलग स्थानों से सवार हुए थे।
बांगरमऊ के क्षेत्राधिकारी अरविंद कुमार ने बताया कि टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस और टैंकर दोनों पलट गये।
सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची बांगरमऊ कोतवाली और उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) की टीम ने बस में फंसे लोगों को बाहर निकाल कर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
दुर्घटनास्थल पर वीभत्स नजारा था। घटनास्थल पर बिखरे पड़े शीशे के टुकड़ों और लोगों के सामान के बीच शव पड़े हुए थे, दोनों दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को क्रेन की मदद से हटाया गया।
बस पर सवार रहे यात्री शमीम ने अस्पताल में पत्रकारों को बताया कि सभी यात्री सो रहे थे, किसी को पता नहीं चला कि आखिर यह क्या हुआ।
बस दुर्घटना में अपने परिवार के छह सदस्यों को खोने वाले दिलशाद ने बताया, ''बिहार के शिवहर से बस चली थी। मैं सो रहा था कि अचानक चीख पुकार मच गई थी। मेरे परिवार के आठ लोग बस में सवार थे। उनमें से छह लोगों की मौत हो गयी है।''
दिलशाद ने बताया, “चालक पूरे रास्ते बहुत तेज रफ्तार से बस चलाता रहा। दूध के टैंकर से टक्कर होने के बाद बस में चीख-पुकार मच गयी। काफी देर बाद प्रशासनिक अधिकारियों के पहुंचने पर लोगों को निकाला गया और इलाज के लिए भेजा गया।”
उन्होंने बताया कि घटना के समय जो लोग सबसे पहले आए थे, वह मदद करने के बजाय मोबाइल फोन से वीडियो बना रहे थे।
अस्पताल में भर्ती करीब 35 साल की चांदनी ने बताया ‘‘बस में लगभग 60 लोग सवार थे। प्रशासन के लोग करीब एक घंटे बाद घटना स्थल पहुंचे। फिर हम सभी को इलाज के लिए पहले एक छोटे अस्पताल और उसके बाद यहां जिला अस्पताल भेजा गया है।’’
जिलाधिकारी गौरांग राठी और पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ शंकर मीणा ने बताया कि जिला अस्पताल में गंभीर रूप से घायल गुल मोहम्मद, राजदेव, संतोष, शमीम, रजनीश को लखनऊ ट्रामा सेंटर और एक मरीज लाल बाबू को कानपुर ट्रामा सेंटर रेफर किया गया है।
मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में इस हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए कहा, ‘‘उन्नाव में सड़क दुर्घटना में हुई जनहानि अत्यंत दुःखद एवं हृदय विदारक है। मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं।’’
उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए कहा कि जिला प्रशासन के अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस की ओर से हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्नाव सड़क हादसे में लोगों की मौत पर शोक जताया और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस हादसे में लोगों की मौत होने पर शोक जताते हुए कहा कि राज्य सरकार की देखरेख में स्थानीय प्रशासन पीड़ितों की हरसंभव मदद में जुटा है। उन्होंने मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए मुआवजे की भी घोषणा की।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस दुर्घटना में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की और कहा कि स्थानीय प्रशासन घायलों को हर संभव उपचार उपलब्ध करा रहा है।
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने इस घटना को लेकर उत्तर प्रदेश की भाजपानीत सरकार पर सवाल खड़े किये।
उन्होंने कहा, ''हाइवे पुलिस कहां है? क्या लगातार गश्त नहीं हो रही थी? हाईवे एम्बुलेंस सेवा घटना के कितनी देर बाद मौके पर पहुंची? एक्सप्रेसवे पर रोजाना टोल टैक्स के रूप में करोड़ों रुपये वसूले जाते हैं। क्या यह पैसा एक्सप्रेसवे के प्रबंधन पर खर्च होने के बजाय कहीं और जा रहा है?''
बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने 'एक्स' पर कहा, ''लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस और टैंकर की जोरदार भिड़न्त में दो महिलाओं व एक बच्चे सहित 18 लोगों की मौत तथा लगभग 20 लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की घटना अति-दुःखद। मेरी गहरी संवेदना। ऐसी दुर्घटनाओं में लोगों की मौतों को रोकने के उपाय जरूर किए जाएं।''
भाषा जफर सलीम