डिजिटल ओपीडी पंजीकरण की संख्या पच्चीस करोड़ से अधिक होना ऑनलाइन स्वास्थ्य सेवा विस्तार का प्रतीक: सरकार
नेत्रपाल
- 07 Aug 2026, 08:46 PM
- Updated: 08:46 PM
नयी दिल्ली, सात अगस्त (भाषा) देश में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के तहत 'स्कैन एंड रजिस्टर' सेवा के जरिए 25 करोड़ से अधिक बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) पंजीकरण किए जा चुके हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
'स्कैन एंड रजिस्टर' सेवा को पूर्व में 'स्कैन एंड शेयर' के नाम से जाना जाता था।
मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि अक्टूबर 2022 में शुरू की गई इस सेवा के तहत मरीज अब क्यूआर कोड स्कैन कर आसानी से डिजिटल तरीके से ओपीडी पंजीकरण करा सकते हैं, जिससे प्रक्रिया तेज और सुविधाजनक हो गई है।
इसने कहा कि यह उपलब्धि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत नागरिक केंद्रित डिजिटल सेवाओं के तेजी से विस्तार को दर्शाती है और देशभर में आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता (आभा) आधारित डिजिटल स्वास्थ्य समाधान को बढ़ते स्तर पर अपनाए जाने का प्रमाण है।
'स्कैन एंड रजिस्टर' सेवा के तहत मरीज किसी भी एबीडीएम सक्षम व्यक्तिगत स्वास्थ्य रिकॉर्ड (पीएचआर) एप्लीकेशन का उपयोग कर संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों में प्रदर्शित विशेष क्यूआर कोड को स्कैन कर सकते हैं।
सहमति देने के बाद मरीज अपने आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता (आभा) प्रोफाइल को सुरक्षित तरीके से स्वास्थ्य संस्थान के साथ साझा कर सकते हैं, जिससे बिना मैनुअल पंजीकरण या कागजी फॉर्म भरे तुरंत बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) में पंजीकरण हो जाता है।
बयान में कहा गया कि शुरुआत के बाद से, 'स्कैन एंड रजिस्टर' देश की सबसे अधिक अपनाई जाने वाली डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं में से एक बन गई है। इसमें कहा गया कि इसने लाखों मरीजों के लिए आसानी से ओपीडी पंजीकरण संभव बनाया है और साथ ही स्वास्थ्य संस्थानों में डिजिटल सेवाओं को मजबूत किया है।
इसमें कहा गया कि 'स्कैन एंड रजिस्टर' सेवा देश भर के 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों तथा 756 जिलों में फैले 30,800 स्वास्थ्य प्रतिष्ठानों में जारी है, जिनमें से 24,323 सरकारी स्वास्थ्य केंद्र हैं, जबकि 6,481 निजी केंद्र हैं।
विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में इस सेवा का तेजी से विस्तार केंद्र, राज्य सरकारों, स्वास्थ्य संस्थानों और डिजिटल समाधान उपलब्ध कराने वाली कंपनियों के संयुक्त प्रयासों को दर्शाता है।
बयान के अनुसार, प्रतिदिन औसतन करीब चार लाख मरीज 'स्कैन एंड रजिस्टर' सेवा के माध्यम से ओपीडी पंजीकरण करा रहे हैं, जो डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं में नागरिकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।
'स्कैन एंड रजिस्टर' के माध्यम से ओपीडी पंजीकरण के मामले में बिहार देश में सबसे आगे है, जहां 7.30 करोड़ से अधिक पंजीकरण हुए हैं। इसके बाद उत्तर प्रदेश में 4.09 करोड़, आंध्र प्रदेश में 3.38 करोड़ और जम्मू कश्मीर में 1.39 करोड़ पंजीकरण दर्ज किए गए हैं।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. सुनील कुमार बरनवाल ने इस उपलब्धि पर कहा कि 'स्कैन एंड रजिस्टर' के जरिए 25 करोड़ ओपीडी पंजीकरण का आंकड़ा पार करना भारत की डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था में नागरिकों और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।
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शुभम नेत्रपाल
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