सरकार युवाओं के साथ खड़ी है, विपक्ष संसद में चर्चा से बच रहा है: एकनाथ शिंदे
दिलीप
- 07 Aug 2026, 08:06 PM
- Updated: 08:06 PM
नयी दिल्ली, सात अगस्त (भाषा) सरकार के "युवा-विरोधी" होने के विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शुक्रवार को कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
उनकी यह टिप्पणी आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के 'जेन-जी' के समर्थन में खुलकर सामने आने के एक दिन बाद आई है। भागवत ने कहा कि उनकी शिकायतें जायज हैं और उनके विरोध-प्रदर्शन उन्हें "राष्ट्र-विरोधी" नहीं बनाते।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात के बाद यहां पत्रकारों से बात करते हुए शिंदे ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री ने हमेशा युवाओं को अहमियत दी है, लेकिन विपक्ष संसद में मुद्दों पर चर्चा करने को तैयार नहीं था।
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की अहम सहयोगी पार्टी शिवसेना के प्रमुख शिंदे ने कहा कि मोदी ने उनकी पार्टी के छह नए सांसदों को चाय पर बुलाया था। उन्होंने भरोसा जताया कि इस बातचीत से उनके संसदीय क्षेत्रों में विकास कार्यों को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि वे प्रधानमंत्री से मिले और बारिश तथा महाराष्ट्र के विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।
शिंदे ने कहा, "हमने उनके संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में किए जाने वाले विकास कार्यों पर चर्चा की। इससे राज्य सरकार और केंद्र, दोनों को फायदा होगा और हमारे सांसदों को विकास कार्यों के लिए समर्थन मिलेगा।"
मुंबई में बृहस्पतिवार को युवाओं के एक समूह के साथ बातचीत के दौरान आरएसएस प्रमुख भागवत की टिप्पणियों पर शिंदे ने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और 2047 तक "विकसित भारत" का लक्ष्य हासिल करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
उन्होंने कहा, "हम प्रधानमंत्री मोदी को युवाओं से सीधे बातचीत करते हुए भी देख रहे हैं और यह एक अच्छी बात है।"
शिंदे ने कहा, "पीएम मोदी ने हमेशा युवाओं को अहमियत दी है। चाहे शिक्षा हो, स्टार्टअप हों या कौशल विकास, उन्होंने युवाओं के लिए बहुत काम किया है।"
सरकार के "युवा-विरोधी" होने के विपक्ष के आरोपों पर शिंदे ने कहा कि संसद का सत्र चल रहा है और सभी मुद्दों पर वहीं चर्चा होनी चाहिए।
उन्होंने कहा, "सबसे पहले, उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की और उन्होंने इस्तीफा दे दिया। आंदोलन में शामिल युवा अब अपने-अपने काम पर लौट गए हैं। लेकिन विपक्ष, संसद का सत्र चलने के बावजूद, चर्चा के लिए तैयार नहीं है।"
शिंदे ने कहा, "सरकार इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए तैयार है। सरकार युवाओं के साथ खड़ी है और युवाओं के प्रति सम्मान और लिहाज के कारण ही धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया।"
उन्होंने कहा कि वे सिर्फ युवाओं के नाम पर राजनीति करना चाहते हैं और अपने राजनीतिक फायदे के लिए उनका इस्तेमाल करना चाहते हैं, जो बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।
शिंदे ने कहा, "देश को आगे ले जाने और संसद में अपने मुद्दे उठाने के लिए सभी को मिलकर काम करना चाहिए। वे चर्चा से बच रहे हैं और सिर्फ राजनीति कर रहे हैं। यह सही नहीं है।"
भाषा प्रशांत दिलीप
दिलीप
0708 2006 दिल्ली