तारीखों के टकराव के चलते आसियान कप और ब्राजील के खिलाफ मैत्री मैच के लिए एआईएफएफ उतारेगा दो अलग टीम
सुधीर
- 06 Aug 2026, 09:27 PM
- Updated: 09:27 PM
नयी दिल्ली, छह अगस्त (भाषा) अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) ने बृहस्पतिवार को फैसला किया कि सितंबर के अंत में शुरू होने वाले पहले फीफा आसियान कप और तीन अक्टूबर को कोलकाता में ब्राजील के खिलाफ होने वाले अंतरराष्ट्रीय मैत्री मैच के लिए भारत दो अलग टीम उतारेगा।
हालांकि पूर्व भारतीय कप्तान बाइचुंग भूटिया ने इस फैसले का विरोध किया है।
वैश्विक फुटबॉल संस्था फीफा द्वारा दक्षिण-पूर्व एशिया में प्रतिस्पर्धी अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के जरिए फुटबॉल का स्तर ऊंचा उठाने के उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय मैच विंडो के दौरान 21 सितंबर से छह अक्टूबर तक आयोजित होने वाला फीफा आसियान कप शुरू किया गया है।
इस टूर्नामेंट के लिए भारत, चीन और हांगकांग को आमंत्रित किया गया था। लेकिन चीन ने इसमें भाग लेने से इनकार कर दिया।
फीफा आसियान कप 2026 के पहले चरण में भारत को डिवीजन-1 (प्रीमियर डिवीजन) के ग्रुप-ए में रखा गया है। ग्रुप चरण में भारत का मुकाबला इंडोनेशिया, मलेशिया और सिंगापुर से होगा।
हालांकि फीफा मान्यता प्राप्त इस टूर्नामेंट की तारीखें तीन अक्टूबर को कोलकाता में ब्राज़ील के खिलाफ प्रस्तावित मैत्री मैच से टकरा रही हैं।
एआईएफएफ ने कार्यकारी समिति की बैठक के बाद जारी बयान में कहा,''बैठक में लिए गए प्रमुख फैसलों में से एक यह था कि भारत तीन अक्टूबर 2026 को कोलकाता में पांच बार के फीफा विश्व कप विजेता ब्राजील के खिलाफ पुरुषों का अंतरराष्ट्रीय मैत्री मैच और 24 सितंबर से तीन अक्टूबर 2026 तक इंडोनेशिया में होने वाले फीफा आसियान कप दोनों में भाग लेगा। ''
बयान में आगे कहा गया, ''कार्यकारी समिति मानती है कि फीफा अंतरराष्ट्रीय मैच विंडो के दौरान ब्राजील के खिलाफ होने वाला मुकाबला भारतीय खिलाड़ियों के लिए दुनिया की सबसे मजबूत फुटबॉल टीम में से एक के खिलाफ खेलकर अनुभव हासिल करने का अनूठा मौका है। ''
इसमें कहा गया, ''इसी के अनुसार एआईएफएफ फीफा को औपचारिक रूप से सूचित करेगा कि भारत ब्राजील के खिलाफ मैच और फीफा आसियान कप में अलग-अलग टीम के साथ भाग लेगा।" ''
एआईएफएफ कार्यकारी समिति की बैठक में मौजूद भूटिया ने इस प्रस्ताव का विरोध करते हुए कहा कि भारत को अपनी सर्वश्रेष्ठ टीम फीफा आसियान कप में भेजनी चाहिए।
उन्होंने कहा, ''मैंने इस प्रस्ताव का विरोध किया। मैंने कहा कि पहली प्राथमिकता फीफा आसियान कप होनी चाहिए। हमें इस टूर्नामेंट में खेलना चाहिए। वियतनाम, इंडोनेशिया, मलेशिया और सिंगापुर जैसी टीमों के खिलाफ उच्च स्तर की प्रतिस्पर्धा मिलेगी। अगर टीम अच्छा प्रदर्शन करती है तो भागीदारी शुल्क और पुरस्कार राशि भी मिलेगी। ''
उन्होंने कहा, ''मैं ब्राज़ील के खिलाफ मैच का विरोध नहीं कर रहा हूं, जिसे लगभग एक लाख दर्शक देखेंगे। लेकिन इसका समय बिल्कुल सही नहीं है। भविष्य में भी ब्राजील के खिलाफ खेला जा सकता है। अभी हमारा ध्यान फीफा आसियान कप पर होना चाहिए था और वहां सर्वश्रेष्ठ टीम भेजनी चाहिए। ''
भूटिया के अनुसार एआईएफएफ भारत के खिलाफ मैत्री मैच खेलने के लिए ब्राजील को करोड़ों रुपये की अग्रिम राशि देगा। एआईएफएफ का कहना है कि यह राशि बाद में मैच के प्रायोजकों के जरिए वापस मिल जाएगी।
भूटिया ने कहा, ''मैंने पूछा कि क्या महासंघ इस मैच पर कोई पैसा खर्च कर रहा है। उन्होंने इससे इनकार किया और कहा कि एआईएफएफ कोई खर्च नहीं उठा रहा, लेकिन ब्राजील को अग्रिम भुगतान करेगा और बाद में यह राशि प्रायोजकों या निजी पक्षों से वापस मिल सकती है। ''
उन्होंने सवाल उठाया, ''अगर निजी पक्ष इतनी राशि नहीं जुटा पाए तो क्या होगा? एआईएफएफ इतना बड़ा जोखिम कैसे ले सकता है? ''
पूर्व कप्तान ने कहा कि भारतीय फुटबॉल इस समय कई गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है और एआईएफएफ को पहले उन पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने कहा, ''फिलहाल क्लब प्रायोजक हासिल करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। जमशेदपुर एफसी आईएसएल से हट चुका है। इस समय भारतीय फुटबॉल अव्यवस्था की स्थिति में है। पिछले सत्र के बजट में 14 करोड़ रुपये का घाटा दिखाया गया है। जब आप पहले से 14 करोड़ रुपये के घाटे में हैं तो फिर ऐसा जोखिम क्यों उठा रहे हैं? ''
एआईएफएफ की तकनीकी समिति की सिफारिश पर कार्यकारी समिति ने बिबियानो फर्नांडिस को भारत की पुरुष अंडर-15 राष्ट्रीय टीम का मुख्य कोच नियुक्त करने को मंजूरी दे दी है, बशर्ते वह यह जिम्मेदारी स्वीकार करें।
वह अक्टूबर में अजरबैजान में होने वाले पहले फीफा अंडर-15 विश्व कप एवं महोत्सव में टीम का मार्गदर्शन करेंगे।
मिनर्वा अकादमी के संस्थापक-निदेशक रंजीत बजाज को टीम मैनेजर नियुक्त किया गया है।
इस बीच प्रतियोगिता समिति द्वारा संतोष ट्रॉफी और राजमाता जीजाबाई ट्रॉफी के लिए प्रस्तावित नए तीन-स्तरीय प्रारूप को कार्यकारी समिति ने मंजूरी नहीं दी। समिति का मानना था कि इससे प्रतिस्पर्धी अवसरों और खिलाड़ियों के विकास पर असर पड़ सकता है।
कार्यकारी समिति ने 2026-27 के लिए एआईएफएफ के बजट को भी मंजूरी दी। साथ ही जिन राज्य फुटबॉल संघों के चुनाव इस वर्ष होने हैं, उनसे 20 अक्टूबर तक राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम 2025 और इसके तहत बनाए गए नियमों को अपनाने के लिए कहा गया है।
भाषा नमिता सुधीर
सुधीर
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