व्यय वित्त समिति ने एलएनजेपी व दो अन्य अस्पतालों के निर्माण के लिए संशोधित लागत मंजूर की
नेत्रपाल
- 05 Aug 2026, 10:37 PM
- Updated: 10:37 PM
नयी दिल्ली, पांच अगस्त (भाषा) मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता वाली दिल्ली सरकार की व्यय वित्त समिति (ईएफसी) ने तीन अस्पताल परियोजनाओं के लिए संशोधित लागत अनुमान को मंजूरी दे दी है।
समिति ने साथ ही, लोकनायक जयप्रकाश (एलएनजेपी) अस्पताल में विस्तार के कार्य को लेकर मध्यस्थता अधिकरण के तहत 94 करोड़ रुपये के भुगतान की प्रक्रिया की सतर्कता जांच के निर्देश दिए हैं।
ईएफसी ने अपनी हालिया बैठक में लोक नायक अस्पताल में एक नए ब्लॉक के निर्माण की लागत 533.91 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1,268.85 करोड़ रुपये करने के स्वास्थ्य विभाग के प्रस्तावों को स्वीकार करते हुए इनकी सिफारिश करने का फैसला किया। संशोधित अनुमान अब मंजूरी के लिए कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा।
समिति ने एलएनजेपी अस्पताल से जुड़े मध्यस्थता अधिकरण फैसले के तहत किए गए भुगतान की प्रक्रिया की सतर्कता जांच कराने के आदेश दिए। समिति का मानना है कि इसी कारण परियोजना की लागत में सबसे अधिक बढ़ोतरी हुई।
अधिकारियों ने कहा कि ईएफसी ने मादीपुर और ज्वालापुरी अस्पताल परियोजनाओं के लिए संशोधित अनुमानों को मंजूरी दी।
स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया गया है कि वह मध्यस्थता अधिकरण के फैसले पर विस्तृत रिपोर्ट दे, यह जांच करे कि क्या पिछले ठेकेदार के खिलाफ कोई प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी, और अस्पताल परियोजनाओं से जुड़ी सतर्कता विभाग तथा भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) की जांच की ताजा वस्तुस्थिति प्राप्त करे।
आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार, एलएनजेपी अस्पताल परियोजना को वर्ष 2019 में 533.91 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से मंजूरी दी गई थी। इसके तहत औषधि, मातृत्व और उन्नत बाल चिकित्सा सेवाओं के लिए दो बेसमेंट और 22 मंजिला भवन बनाया जाना था, जिससे अस्पताल में 1,570 बिस्तरों की बढ़ोतरी होती।
स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि निर्माण कार्य आगे बढ़ रहा था, तभी संविदात्मक शर्तों और संरचनात्मक स्टील के काम के भुगतान को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया। ठेकेदार ने अनुबंध के तहत विवाद समाधान प्रक्रिया का इस्तेमाल किया और बाद में मध्यस्थता अधिकरण ने उसके हक में निर्णय सुनाया।
विभाग के अनुसार, इसके बाद ठेकेदार ने मध्यस्थता अधिकरण के निर्णय के कार्यान्वयन के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया, जिसके बाद राशि जारी की गई और अदालत ने इसकी वसूली के लिए पीडब्ल्यूडी स्वास्थ्य ज़ोन के खातों को कुर्क कर लिया।
विभाग ने समिति को बताया कि 586.09 करोड़ रुपये पहले ही खर्च किए जा चुके हैं और परियोजना 55 प्रतिशत पूरी हो चुकी है। इसमें कहा गया कि संशोधित लागत अनुमान 1,268.85 करोड़ रुपये रखी गई है, जिसमें शेष कार्य पूरा करने के लिए आवश्यक 682.75 करोड़ रुपये भी शामिल हैं। लागत में यह बढ़ोतरी मध्यस्थता अधिकरण के फैसले, जीएसटी दर 12 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत होने, निर्माण सामग्री और श्रम लागत में वृद्धि तथा कोविड-19 महामारी के बाद अस्पताल सेवाओं में किए गए बदलावों के कारण हुई है।
समिति ने उल्लेख किया कि मध्यस्थता अधिकरण ने 94.61 करोड़ रुपये देने का निर्देश दिया था।
इसी बैठक में ईएफसी ने 691 बिस्तरों वाले मादीपुर अस्पताल परियोजना के लिए 466.50 करोड़ रुपये के संशोधित लागत अनुमान को मंजूरी दी। इसमें शेष कार्य के लिए 203.60 करोड़ रुपये शामिल हैं।
समिति ने ज्वालापुरी अस्पताल परियोजना के लिए भी 484.04 करोड़ रुपये के संशोधित लागत अनुमान को मंजूरी दी। स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि इन दोनों अस्पतालों का काम 65-65 प्रतिशत पूरा हो चुका है।
भाषा नोमान नोमान नेत्रपाल
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