सपा के 'पीडीए' में पंडित भी शामिल, सरकार बनने पर बराबर का सम्मान मिलेगा: अखिलेश
पारुल
- 05 Aug 2026, 06:29 PM
- Updated: 06:29 PM
लखनऊ, पांच अगस्त (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ब्राह्मण समुदाय को लुभाने की कोशिश करते हुए बुधवार को कहा कि सपा के 'पीडीए' में पंडित भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में सपा की सरकार बनने पर ब्राह्मण समुदाय को बराबर का स्थान और सम्मान दिया जाएगा।
अखिलेश ने सपा नेता जनेश्वर मिश्र की जयंती पर यहां पार्टी मुख्यालय में आयोजित 'ब्राह्मण सम्मेलन' के दौरान राज्य सरकार पर विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं, ब्राह्मणों और शंकराचार्य समेत धार्मिक नेताओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने गोमती नगर स्थित जनेश्वर मिश्र पार्क में कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति नहीं दी, जिसके कारण पार्टी को इसका आयोजन अपने कार्यालय परिसर में करना पड़ा।
अखिलेश ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तरफ इशारा करते हुए कहा, "वे लोग जब से पीडीए से हारे हैं, तब से पीडीए की नयी-नयी परिभाषा गढ़ रहे हैं, लेकिन वे भूल गए हैं कि 'पीडीए' में 'पी' तो 'पंडित' का ही 'शॉर्ट फॉर्म' है।"
उन्होंने कहा, "जितनी ही पीड़ा बढ़ाओगे, पीडीए उतना ही मजबूत दिखाई देगा।"
पीडीए सपा प्रमुख का गढ़ा एक नारा है, जिसका आमतौर पर अर्थ पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग से लगाया जाता है।
अखिलेश ने कानपुर के बिकरू कांड के आरोपी विकास दुबे की कार पलटने और फिर कथित मुठभेड़ में उसके मारे जाने की घटना का जिक्र करते हुए दावा किया कि सरकार ने वह गाड़ी पलटाकर खुद को बचा लिया, क्योंकि अगर गाड़ी न पलटती तो सरकार की सच्चाई सामने आ जाती और वह खुद ही पलट जाती।
उन्होंने सरकार पर ब्राह्मणों को निशाना बनाने का आरोप लगाते हुए कहा, "सरकार के लोग हमें और हमारे साथियों को तो मार ही रहे थे, लेकिन अब वे पीडीए के 'पी' के पीछे भी पड़ गए हैं।"
अखिलेश ने भरोसा दिलाते हुए कहा कि पिछली बार ब्राह्मण समाज के कई साथी चुनाव हार गए थे, लेकिन इस बार कोई गलती नहीं होगी। उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद सपा की सरकार बनने पर ब्राह्मण समाज के लोगों को बराबर का स्थान और सम्मान दिया जाएगा।
अखिलेश ने सनातन धर्म को समाजवाद का रास्ता बताते हुए कहा, "हमारा सनातन धर्म ही समाजवादी रास्ता है। सनातन और समाजवादी व्यवस्था में गैर-बराबरी नहीं है, कोई भेदभाव नहीं है। हम मित्रता का समाज बनाना चाहते हैं, साथ मिलकर रहने की हमारी जो सदियों पुरानी परंपरा है, उसे आगे बढ़ाने का काम समाजवादी लोग करेंगे और किसी के हक को छिनने नहीं देंगे।"
सपा प्रमुख ने भाजपा पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का अपमान करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सनातन धर्म में शंकराचार्य के स्थान को सबसे अहम माना जाता है, लेकिन भाजपा सरकार ने इसी साल प्रयागराज में उन्हें त्रिवेणी में स्नान नहीं करने दिया।
उन्होंने कहा, "इतिहास में कोई ऐसा उदाहरण हो कि किसी सरकार ने शंकराचार्य को रोका हो, तो हमें बताओ। शंकराचार्य को धरना देना पड़ा। उन्होंने अपनी मांग रखी थी, लेकिन सरकार ने उसे नहीं माना।"
अखिलेश ने कहा, "पुलिस ने शंकराचार्य के बटुकों के साथ जो दुर्व्यवहार किया, वह कोई भूल नहीं सकता। शंकराचार्य को डराने के लिए उन पर पॉक्सो अधिनियम के तहत झूठा मुकदमा दर्ज कर दिया गया। लेकिन मुझे खुशी है कि शंकराचार्य झुके नहीं और अपनी मांगों को लेकर डटे रहे।"
उन्होंने कहा कि भाजपा के शासनकाल में केवल ब्राह्मण समाज ही नहीं, बल्कि हर वर्ग के लोग दुखी हैं।
अखिलेश ने भाजपा पर अटल बिहारी वाजपेयी की उपेक्षा करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस पार्टी ने वाजपेयी के नाम पर भी कोई काम नहीं किया।
अखिलेश ने दावा किया कि वाजपेयी के नाम पर जो विश्वविद्यालय बनाया गया, उसमें पढ़ाई ही नहीं होती है और जिस बटेश्वर गांव से वाजपेयी का पुश्तैनी रिश्ता था, वहां जो विकास कार्य हो रहे हैं, उनकी गुणवत्ता भी खराब है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश और राजस्थान को मुंबई से जोडने वाली सड़क अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर बननी थी, लेकिन भाजपा ने उससे जुड़ा प्रस्ताव ही खत्म कर दिया है।
उन्होंने कहा, "समाजवादियों को जब भी मौका मिला, उन्होंने ब्राह्मणों को सम्मान देने का काम किया और आज भी विधानसभा में विपक्ष का सबसे बड़ा पद (नेता प्रतिपक्ष) माता प्रसाद पांडेय के पास है।"
अखिलेश ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि जो 'एकरंगी' लोग हैं, उनकी भाषा और व्यवहार कैसा है, आप जानते हैं।
अखिलेश ने दिल्ली में युवाओं के हालिया विरोध-प्रदर्शन कर जिक्र करते हुए कहा कि युवाओं ने उन्हें सबक सिखा दिया है और जब चुनाव होंगे, तो सरकार को पता चल जाएगा कि उसके खिलाफ कितना गुस्सा है।
सपा प्रमुख ने सरकार पर जानबूझकर प्रश्नपत्र लीक कराने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसा इसलिए करती है, ताकि उसे नौकरियां न देनी पड़ें।
भाषा
सलीम पारुल
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