बिहार और मध्यप्रदेश के विधानसभा उपचुनाव परिणाम 'भ्रष्ट' भाजपा के विरूद्ध जनादेश: शिवसेना (उबाठा)
पवनेश
- 05 Aug 2026, 05:33 PM
- Updated: 05:33 PM
मुंबई, पांच अगस्त (भाषा) शिवेसना (उबाठा) ने बिहार और मध्यप्रदेश के विधानसभा उपचुनाव परिणाम को 'भ्रष्ट' भाजपा सरकार के विरूद्ध जनादेश करार देते हुए बुधवार को कहा कि यदि विपक्ष 'अपना अहंकार छोड़ दे' तो केंद्र के 'तानाशाही' शासन को हराया जा सकता है।
पार्टी ने अपने मुखपत्र 'सामना' के संपादकीय में कहा कि बांकीपुर (बिहार) और दतिया (मध्यप्रदेश) के उपचुनाव में भाजपा की हार नागरिकों की बेचैनी को प्रतिबिंबित करती है। हालांकि उसने यह भी कहा कि इन उपचुनावों को 'लघु-आम चुनाव' कहना चीजों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करना होगा।
सोमवार को भाजपा को बांकीपुर और दतिया विधानसभा क्षेत्रों के उपचुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा। बांकीपुर में जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन की खाली की हुई सीट जीत ली। दतिया में कांग्रेस ने जीत दर्ज की। इन हार ने विपक्ष को मौका दे दिया और उन्होंने तुरंत इसे भाजपा के 'अंत की शुरुआत' करार दिया ।
शिवसेना (उबाठा) ने 'सामना' में कहा है, "बांकीपुर और दतिया में हार भ्रष्ट सरकार के खिलाफ जनादेश है। अगर विपक्ष अपना अहंकार छोड़कर एकजुट होकर काम करे, तो मोदी और शाह के तानाशाही शासन को निश्चित रूप से हराया जा सकता है।"
पार्टी ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और उसके नेता तेजस्वी यादव की भी आलोचना की। राजद बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में तीसरे स्थान पर रहा।
'सामना' के संपादकीय में दावा किया गया कि लोगों ने तेजस्वी यादव को इसलिए खारिज कर दिया क्योंकि उनमें निरंतरता नहीं है।
शिवसेना (उबाठा) ने कहा कि बिहार के लोग जात-पात की राजनीति से तंग आ चुके हैं तथा वे शिक्षा एवं रोजगार चाहते हैं।
उसने कहा कि बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में यादवों एवं मुसलमानों की अच्छी -खासी संख्या है लेकिन उन्होंने राजद प्रत्याशी के बजाय किशोर के पक्ष में वोट डाला।
पार्टी का दावा है कि परीक्षा से जुड़ी गड़बड़ियों को लेकर जंतर-मंतर पर विद्यार्थियों का विरोध-प्रदर्शन और उसके बाद उन पर पुलिस की कार्रवाई, राम मंदिर के नाम पर 'लूट' और इन मुद्दों पर भाजपा नेतृत्व की 'चुप्पी' ही उसके गढ़ बांकीपुर में पार्टी की हार की वजहें थीं।
संपादकीय में यह भी कहा गया कि लखनऊ में पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन के स्वागत के दौरान भगवान हनुमान के वेश में एक कलाकार का भाजपा का झंडा लहराते हुए नृत्य करने वाले वीडियो ने भी लोगों की भावनाओं को आहत किया था।
संपादकीय में कहा गया कि जैसे बोफोर्स मामले के कारण 1988 में इलाहाबाद लोकसभा सीट के उपचुनाव में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा था और उसके अगले साल आम चुनाव में भी पार्टी को नुकसान हुआ था, वैसे ही हाल के युवा प्रदर्शनों और बांकीपुर तथा दतिया उपचुनाव के नतीजों ने विपक्ष का हौसला बढ़ा दिया है। अब विपक्ष को भाजपा के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए नया आत्मविश्वास मिला है।
भाषा राजकुमार पवनेश
पवनेश
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