प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों की मांगों पर उचित समय पर फैसला लिया जाएगा: हेमंत सोरेन
नरेश
- 04 Aug 2026, 08:30 PM
- Updated: 08:30 PM
रांची/जमशेदपुर, चार अगस्त (भाषा) झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को कहा कि उनकी सरकार प्रदर्शन कर रहे नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों की ओर से उठाई गई चिंताओं को लेकर गंभीर है और इस संबंध में निर्णय उचित समय पर लिया जाएगा।
सोरेन का यह बयान ऐसे समय आया है जब अभ्यर्थियों ने अपना आंदोलन तेज कर दिया है। ये अभ्यर्थी 29 जुलाई से रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनिश्चितकालीन धरना दे रहे हैं और उनकी मांग है कि झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) तथा अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच झारखंड से बाहर के उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की एक स्वतंत्र समिति से कराई जाए।
सोरेन ने रांची में संवाददाताओं से कहा, "उनकी मांगों और सवालों के समाधान से जुड़े फैसले पूरी गंभीरता और बारीकी से जांच के बाद उचित समय पर घोषित किए जाएंगे। मुझे विश्वास है कि प्रदर्शनकारी इससे आश्वस्त होंगे।"
सोरेन ने जांच का उल्लेख करते हुए कहा कि जांच एजेंसियां कथित अनियमितताओं के हर पहलू की पड़ताल कर रही हैं। उन्होंने कहा, "जिस तरह जांच टीम सक्रिय है, जहां भी किसी तरह की गलती हुई है या हो रही है, उन सभी चीजों की गहन जांच की जा रही है और सब कुछ सामने आने के बाद सरकार के फैसले भी निश्चित रूप से सामने आएंगे।"
सोरेन ने रामगढ़ जिले के नेमरा गांव में इस मुद्दे पर कहा कि यह एक संवेदनशील सरकार है, जो न्याय सुनिश्चित करती है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, "मैं अपना सीना चीरकर यह नहीं दिखा सकता कि हम चीजों को कितनी गंभीरता से देख रहे हैं। जिस समस्या को हल करने का मैं प्रयास करता हूं, उसका समाधान किए बिना मुझे चैन नहीं मिलता। हम जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। बहुत जल्द हम इस मामले से छात्रों और राज्य की जनता को अवगत कराएंगे।"
यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार का कोई प्रतिनिधिमंडल प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों से मुलाकात करेगा, सोरेन ने कहा कि संवैधानिक दायरे में रहते हुए छात्रों के हित में जो भी संभव होगा, किया जाएगा।
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने कहा कि मुख्यमंत्री हर परीक्षा में अनियमितता के बाद इस तरह के बयान देते हैं। उन्होंने आयोग में पूरी तरह सुधार की मांग दोहराते हुए कहा कि सोरेन को छात्रों से मुलाकात करके उनकी समस्याएं सुननी चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) नीत राज्य सरकार, जांच राज्य सीआईडी को सौंपकर मामले को "रफा-दफा" करने का प्रयास कर रही है। इससे पहले उन्होंने कथित भर्ती घोटाले में बड़े पैमाने पर वित्तीय लेन-देन का दावा करते हुए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जांच कराने की मांग की थी।
इस बीच, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने सोरेन से आंदोलनरत युवाओं के साथ सीधी बातचीत करने और सीबीआई जांच की उनकी मांग पर विचार करने का आग्रह किया।
दास ने जमशेदपुर में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर छात्रों से बातचीत करने और उचित कार्रवाई शुरू करने की अपील की है।
दास ने कहा कि यह पत्र उन्होंने एक पूर्व मुख्यमंत्री के नाते या किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि छात्र आंदोलनों को समझने वाले व्यक्ति के रूप में लिखा है, क्योंकि उन्होंने 1974 के जेपी आंदोलन के दौरान अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की थी।
दास ने कहा, "छात्र बिना किसी कारण के सड़कों पर नहीं उतरे हैं। वे भर्ती परीक्षाओं में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के गंभीर आरोपों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। सरकार को उनसे सीधे बातचीत करनी चाहिए और सीबीआई जांच की मांग पर विचार करने के साथ ही न्याय दिलाना चाहिए।"
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों को तंबू, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी शिकायतों का समाधान नहीं हुआ तो यह आंदोलन बड़े जन आंदोलन का रूप ले सकता है।
राष्ट्रीय पात्रता व प्रवेश परीक्षा (नीट) प्रश्नपत्र लीक मामले का उदाहरण देते हुए दास ने कहा कि केंद्र ने तुरंत कार्रवाई करते हुए परीक्षा रद्द की, सीबीआई जांच का आदेश दिया और कुछ ही दिनों में दोबारा परीक्षा आयोजित कराई। उन्होंने सवाल किया कि झारखंड में भी इसी तरह की कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है।
जेपीएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मामले में सीआईडी अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं, आयोग ने बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के बीच 25 से 27 जुलाई तक प्रस्तावित संयुक्त सिविल सेवा मुख्य परीक्षा को "अपरिहार्य परिस्थितियों" का हवाला देते हुए स्थगित कर दिया था।
सीआईडी ने कथित भर्ती अनियमितताओं की जांच के तहत जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते से 28 जुलाई से अब तक चार बार पूछताछ की है और रांची, पलामू, हजारीबाग, बोकारो तथा धनबाद में 18 स्थानों पर छापेमारी भी की है।
भाषा अमित नरेश
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