बघेल और वडिंग की मौजूदगी में कांग्रेस के कार्यक्रमों में चन्नी समर्थकों ने लगाए नारे
दिलीप
- 01 Aug 2026, 10:11 PM
- Updated: 10:11 PM
पटियाला/संगरूर, एक अगस्त (भाषा) कांग्रेस की पंजाब इकाई में अंदरूनी कलह कम होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं, क्योंकि शनिवार को पटियाला और संगरूर में पार्टी की जिला इकाइयों के दो कार्यक्रमों के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री चरनजीत सिंह चन्नी के समर्थकों ने उनके पक्ष में नारे लगाकर हंगामा किया।
कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी एवं पार्टी महासचिव भूपेश बघेल ने कहा कि पंजाब विधानसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार और मंत्रियों का फैसला पार्टी का शीर्ष नेतृत्व करेगा। पंजाब में विधानसभा चुनाव अगले वर्ष होना है।
नेतृत्व को लेकर खींचतान बढ़ने के बीच, बघेल ने कहा कि जो भी पार्टी में अनुशासनहीनता करेगा, उसे बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। इससे पहले शुक्रवार को उन्होंने पार्टी की प्रदेश काई में किसी भी तरह की गुटबाजी से इनकार किया था।
पार्टी के 'हर बूथ, कांग्रेस मजबूत' कार्यक्रम में सांसद अमर सिंह और ब्रह्म मोहिंद्रा समेत कई अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद थे।
कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने जैसे ही अपना भाषण शुरू किया, चन्नी समर्थकों ने "चरनजीत सिंह चन्नी जिंदाबाद" और "चन्नी लियाओ, पंजाब बचाओ" जैसे नारे लगाने शुरू कर दिए, जिससे कुछ समय के लिए कार्यक्रम बाधित हो गया।
इस दौरान नाराज दिख रहे वडिंग ने कार्यकर्ताओं से कई बार अनुशासन बनाए रखने और बैठक को जारी रखने देने की अपील की। हालांकि, उनके आग्रह के बावजूद कुछ देर तक नारेबाजी जारी रही, जिसके बाद कार्यक्रम दोबारा शुरू हो सका।
बघेल समेत वरिष्ठ नेता इस पूरे घटनाक्रम को देखते रहे, जबकि अन्य नेताओं ने कार्यकर्ताओं को शांत कराने की कोशिश की।
इसी तरह के दृश्य संगरूर में आयोजित कार्यक्रम में भी देखने को मिले, जहां चन्नी समर्थकों के एक समूह ने उनके समर्थन में और बघेल के खिलाफ नारे लगाए।
तनाव उस समय और बढ़ गया, जब चन्नी समर्थक कई लोगों की अन्य पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ तीखी बहस हो गई। एक चन्नी समर्थक ने मांग की कि जालंधर के सांसद को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित किया जाए। उसने कहा कि यह पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाओं को दर्शाता है।
हालांकि, वडिंग ने संगरूर में कांग्रेस के कार्यक्रम को बाधित करने के लिए आम आदमी पार्टी (आप) पर लोगों को भेजने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ''चन्नी ने इन लोगों को नहीं भेजा है। वह हमारे लिए सम्मान और गौरव का प्रतीक हैं।''
बघेल ने कहा कि पंजाब के लोग बेहतर और जनहितैषी शासन के विकल्प के रूप में कांग्रेस की ओर देख रहे हैं।
पार्टी में एकजुटता की अपील करते हुए बघेल ने कहा कि हर राजनीतिक दल में छोटे-मोटे मतभेद होते हैं, जिन्हें कांग्रेस की आम आदमी पार्टी (आप), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और अकाली दल के खिलाफ बड़ी राजनीतिक लड़ाई के लिए दूर किया जा सकता है।
उन्होंने विश्वास जताया कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और मजबूत होकर उभरेगी, क्योंकि सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं का साझा लक्ष्य पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनाना है।
वडिंग ने अपने संबोधन में पार्टी को मजबूत करने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि कोई भी नेता कितना भी लोकप्रिय क्यों ना हो, लेकिन जमीनी स्तर पर पार्टी मजबूत नहीं होगी, तो चुनाव जीतना मुश्किल है।
उन्होंने दिवंगत गायक सिद्धू मूसेवाला का उदाहरण देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध होने के बावजूद वह उचित बूथ प्रबंधन के अभाव में 60,000 से अधिक वोट से हार गए थे।
इस अवसर पर विजय इंदर सिंगला, राजिंदर कौर भट्टल और राजिंदर दीपा समेत कई नेता मौजूद थे।
पंजाब कांग्रेस गुटबाजी से जूझ रही है, हालांकि पार्टी नेतृत्व बार-बार दावा करता रहा है कि 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने और एकजुटता बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
बघेल फिलहाल चुनावी राज्य पंजाब के दौरे पर हैं, जहां वह कई विधानसभा क्षेत्रों का दौरा करेंगे और पार्टी के जिला व ब्लॉक स्तर के नेताओं के साथ बैठकें करेंगे।
शुक्रवार को उन्होंने फतेहगढ़ साहिब और मोहाली के दौरे के दौरान 'हर बूथ, कांग्रेस मजबूत' अभियान की शुरुआत की थी।
पटियाला में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बघेल ने एकजुटता पर जोर दिया और कहा कि पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है कि पंजाब में कांग्रेस को दोबारा सत्ता में लाया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चुनाव से पहले मुख्यमंत्री पद के चेहरे का फैसला नहीं किया जाएगा।
बाद में पटियाला में पत्रकारों से बातचीत में बघेल ने कहा कि पार्टी में अनुशासनहीनता करने वाले किसी भी व्यक्ति को, चाहे उसका पद कितना भी बड़ा क्यों न हो, बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। उन्होंने इसके लिए नवजोत कौर सिद्धू को पार्टी से निष्कासित किए जाने का उदाहरण दिया।
जब उनसे पूछा गया कि क्या पार्टी चन्नी के खिलाफ भी कार्रवाई करेगी, तो बघेल ने सवाल किया कि पूर्व मुख्यमंत्री ने आखिर ऐसी कौन-सी गलती की है।
वडिंग ने कहा कि पूर्व विधायक मदन लाल जलालपुर को वरिष्ठ पार्टी नेताओं के खिलाफ बयान देने के कारण निलंबित कर दिया गया है।
जिला समिति की बैठकों से कुछ नेताओं के दूर रहने के सवाल पर बघेल ने इन दावों को खारिज किया। उन्होंने कहा, "सभी नेताओं को इन कार्यक्रमों की जानकारी दी गई है और नेता इसमें शामिल हो रहे हैं। यह कहना गलत है कि कोई नेता नहीं आया। सभी नेता अपनी सुविधा के अनुसार इसमें भाग ले रहे हैं।"
इससे पहले समाना के कार्यकर्ताओं के एक समूह ने कहा था कि पंजाब में कांग्रेस को जनता का समर्थन मिल रहा है, लेकिन संगठन से जुड़े फैसले लेते समय पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाओं को नजरअंदाज करना नुकसानदायक हो सकता है।
शुक्रवार को फतेहगढ़ साहिब में बघेल ने पार्टी की पंजाब इकाई में किसी भी तरह की गुटबाजी से इनकार करते हुए कहा था कि मीडिया और कुछ लोग संगठन में अंदरूनी कलह की धारणा बना रहे हैं।
कांग्रेस द्वारा अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को पंजाब इकाई का अध्यक्ष बनाए रखने और जालंधर से सांसद चन्नी को चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष नियुक्त किए जाने के बाद पार्टी में असंतोष की चर्चाएं शुरू हुई थीं।
चन्नी और रंधावा के नेतृत्व वाले कांग्रेस नेताओं के एक वर्ग ने वडिंग को कांग्रेस की पंजाब इकाई का अध्यक्ष बनाए रखने के फैसले का विरोध किया था और उन्हें पद से हटाने की मांग की थी।
भाषा अमित दिलीप
दिलीप
0108 2211 पटियाला