मुख्यमंत्री ने इस्कॉन की रसोई का उद्घाटन किया; 500 स्कूलों के छात्रों को मिलेगा मध्याह्न भोजन
पवनेश
- 01 Aug 2026, 08:14 PM
- Updated: 08:14 PM
कोलकाता, एक अगस्त (भाषा) पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को इस्कॉन की एक रसोई का उद्घाटन किया, जहां शहर के 500 स्कूलों के 44,000 छात्रों के लिए मध्याह्न भोजन तैयार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने छात्रों की मांग को देखते हुए अलग से अंडे देने का निर्णय लिया है न कि विपक्ष की आलोचना के कारण।
कोलकाता में इस विशाल रसोई के उद्घाटन कार्यक्रम से इतर बात करते हुए अधिकारी ने कहा कि उन्हें विपक्ष की मांगों पर ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि जनता ने राज्य विधानसभा में 208 विधायकों के प्रचंड बहुमत के साथ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को सत्ता सौंपी है।
मुख्यमंत्री ने कहा, "इस्कॉन के भोजन के 'मेनू' में दाल, राजमा, सोयाबीन और पनीर शामिल हैं, जिनमें भरपूर मात्रा में प्रोटीन होता है। मौसमी फलों के साथ यह छात्रों के पूरे पोषण की भरपाई करता है। हमने अलग से अंडे देने का विकल्प इसलिए चुना क्योंकि छात्रों और अभिभावकों ने मांसाहारी खाद्य पदार्थों की मांग की थी।"
अधिकारी ने बुधवार को घोषणा की थी कि उनकी सरकार मध्याह्न भोजन में छात्रों को अलग से अंडे उपलब्ध कराएगी, भले ही एक अगस्त से एक प्रायोगिक परियोजना के तहत कोलकाता के सभी सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में भोजन पकाने और आपूर्ति करने का जिम्मा इस्कॉन संभालेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा, "हम वही करेंगे जो जनता हमसे कहेगी, न कि वह जो विपक्ष या मीडिया के कुछ लोग हमसे करने को कहेंगे। 208 विधायकों के साथ हमारे पास जनता का पूरा आशीर्वाद है।"
अधिकारी ने शहर के दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र में स्थित तरातला में इस्कॉन की शाखा 'अन्नमृता फाउंडेशन' की रसोई का औपचारिक शुभारंभ करने से पहले एक यज्ञ में भाग लिया और छात्रों के लिए दिन का भोजन तैयार करने में हाथ भी बंटाया।
यह परियोजना राज्य स्कूल शिक्षा विभाग और इस्कॉन के बीच हुए एक समझौते पर आधारित है।
उन्होंने कहा, "शुरुआत में इस्कॉन कोलकाता के 500 स्कूलों के 44,000 छात्रों को मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराएगा। अगले तीन महीनों के भीतर यह सुविधा ढाई लाख छात्रों को उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही प्रति छात्र भोजन की आवंटित राशि बढ़ाकर 10 रुपये कर दी गई है।"
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस्कॉन द्वारा तैयार किए जाने वाले भोजन के अलावा, राज्य सरकार स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से छात्रों को सप्ताह में दो बार उबले अंडे अलग से उपलब्ध कराएगी।
मध्याह्न भोजन पहल के लिए इस्कॉन का धन्यवाद करते हुए अधिकारी ने कहा कि संतुलित पोषण छात्रों के समग्र विकास में मदद करेगा।
अधिकारी ने स्पष्ट किया कि अब तक खाना बनाने वाले किसी भी रसोइया को काम से नहीं निकाला जाएगा। उन्होंने बताया कि उनकी सरकार पहले ही रसोइयों का मासिक मानदेय 2,000 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये कर चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा, "इस्कॉन की शुद्ध शाकाहारी भोजन पकाने की एक परंपरा रही है, और सरकार का उनसे इस पर कोई समझौता कराने का कोई इरादा नहीं है। हम अलग से अंडे उपलब्ध कराएंगे। ओडिशा सरकार भी इसी व्यवस्था का पालन करती है। मुझे उम्मीद है कि विपक्ष अब चैन की सांस लेगा और हिंसा की अपनी प्रवृत्ति पर अंकुश रखेगा।"
उन्होंने बिजली से चलने वाले उन वाहनों को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिनके जरिए स्कूलों तक भोजन पहुंचाया जाएगा।
इस अवसर पर मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल और स्कूल शिक्षा मंत्री दीपक बर्मन भी मौजूद थे। इसके अलावा पांच स्कूलों के लगभग 40 छात्रों ने भी उद्घाटन कार्यक्रम में शिरकत की।
अधिकारियों के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य इस्कॉन के सहयोग से राज्य की मध्याह्न भोजन योजना के तहत खाना पकाने और उसके वितरण की व्यवस्था को अधिक सुगम एवं बेहतर बनाना है।
भाषा सुमित पवनेश
पवनेश
0108 2014 कोलकाता