कृषि मंत्री ने दाल के दाम को लेकर दिया बयान, विपक्ष हुआ हमलावर
रंजन
- 09 Jul 2024, 10:32 PM
- Updated: 10:32 PM
लखनऊ, नौ जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने मंगलवार को दाल की बढ़ती महंगाई के सवाल पर कहा कि कहीं पर भी 100 रुपये प्रति किलोग्राम से ज्यादा दाम में दाल नहीं बिक रही है।
शाही के इस बयान को लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर हो गया है और उसने सरकार पर बढ़ती महंगाई से परेशान जनता के दर्द से अनजान होने का आरोप लगाते कहा है कि आने वाले चुनावों में जनता सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को 'आटे—दाल' का भाव मालूम करवा देगी।
दरअसल कृषि मंत्री प्राकृतिक खेती व कृषि विज्ञान पर आगामी 19 जुलाई को आयोजित होने वाले क्षेत्रीय परामर्श कार्यक्रम के सिलसिले में प्रेस कांफ्रेंस कर रहे थे। इसी दौरान एक पत्रकार ने पूछा कि सरकार कह रही है कि दलहन का उत्पादन 33 प्रतिशत बढ़ा है तो अभी कुछ दिन पहले दाल 200 रुपये किलो इसी शहर में बिकी है।
इस पर कृषि मंत्री शाही ने कहा, ''कहीं 200 रुपये किलो दाल नहीं है। यह गलत सूचना आप दे रहे हैं। 100 रुपये किलो से ज्यादा कहीं दाल नहीं है।''
हालांकि लखनऊ में अरहर की दाल 160 रुपये, उरद की दाल 145 रुपये और मसूर की दाल 110 रुपये प्रति किलो बिक रही है।
इस पर जब पत्रकारों ने एक साथ सवाल शुरू किये तो मंत्री हंसने लगे और उनके सहयोगी राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख भी मुस्कुराते हुए उनके कान में कुछ कहते दिखे।
पत्रकार लगातार सवाल कर रहे थे और मंत्री शाही मुस्कुरा रहे थे। हालांकि उन्होंने बाद में कहा, ''देखिए हमारा काम है उत्पादन को बढ़ाना। मैंने आपसे बताया कि 30 हजार करोड़ रुपए का दलहन प्रतिवर्ष अब भी आयात होता है। हमारे देश के किसान भाइयों को जरूर इस बात की है कि वे दलहन और तिलहन उत्पादन के मामले में आत्मनिर्भर बनें।''
उन्होंने कहा, "हम इस दिशा में काम कर रहे हैं और इसी वजह से हमारा उत्पादन बढ़ा है.... वरना दाल और भी ज्यादा महंगी होती।"
शाही ने 'पीटीआई—भाषा' से बातचीत में अपने बयान का खुलासा करते हुए कहा, ''मूंग की दाल 100 रूपये किलो के आसपास है। चने की दाल उससे कम की है। दाल तो कई तरह की होती है। उन्होंने (पत्रकार ने) दाल की कीमत मुझसे पूछी थी, वह मैंने बता दिया था। चने और मूंग की दाल का रेट 100 रुपये के करीब है।''
बहरहाल, विपक्ष कृषि मंत्री के इस बयान को लेकर सरकार पर हमलावर हो गया है।
राज्य के मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) के मुख्य प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने आरोप लगाते हुए कहा, ''कृषि मंत्री का दाल को लेकर दिया गया यह बयान महंगाई से जूझ रही जनता का उपहास है। दरअसल सरकार को खुद ही नहीं पता है कि बाजार में आटे—दाल का क्या भाव है। आने वाले चुनावों में जनता सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ वोट करके उसे 'आटे—दाल' का भाव मालूम करा देगी।''
कांग्रेस के प्रदेश मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष मनीष हिंदवी ने भी कृषि मंत्री के बयान पर तल्ख प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ''भाजपा के नेता और मंत्री जमीनी हकीकत से दूर हैं। वे आम जनता का दर्द नहीं समझते। महंगाई किस कदर आम लोगों को परेशान कर रही है, उन्हें उसका एहसास ही नहीं है। महंगाई का हाल यह है कि जिस घर में सब्जी बनती है वहां दाल नहीं बनती और जहां दाल बनती है वहां सब्जी नहीं बनती।''
उन्होंने दावा किया कि केन्द्र में भाजपा के पिछले 10 साल के शासनकाल में महंगाई तीन गुनी से अधिक बढ़ गयी है। गरीब वर्ग की कमाई ज्यादातर खाने पर ही खर्च हो जाती है। भाजपा के राज में खाना ही सबसे महंगा हुआ है। ऐसा करके सरकार सबसे ज्यादा गरीबों को परेशान कर रही है।
भाषा सलीम