प्रियंका गांधी ने आरएमएल अस्पताल में भर्ती छात्रा के बारे में 'गलत तथ्य बताए': भाजपा
पारुल
- 28 Jul 2026, 11:45 PM
- Updated: 11:45 PM
नयी दिल्ली, 28 जुलाई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल में इलाज करा रही छात्रा के बारे में ''गलत और तोड़-मरोड़कर तथ्य पेश किए।''
लोकसभा में 'लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026' पर चर्चा के दौरान प्रियंका ने पिछले हफ्ते विरोध-प्रदर्शन के दौरान घायल हुई छात्रा से आरएमएल अस्पताल में जाकर मुलाकात करने और उसकी मां से हुई बातचीत का जिक्र किया।
कांग्रेस नेता ने कहा, ''कुछ दिन पहले हमने आरएमएल अस्पताल जाकर एक छात्रा से मुलाकात की थी, जो आईसीयू (गहन चिकित्सा इकाई) में अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी लड़ाई लड़ रही है...।''
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से पूछा कि एक मासूम छात्रा को दबाने, लड़कियों को अपमानित करने और उनके कपड़े फाड़ने, तथा छात्रों पर आंसू गैस, पैलेट गन और एके-47 का इस्तेमाल करने की क्या जरूरत थी।
कांग्रेस सांसद के दावे को ''गलत'' बताते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा, ''प्रियंका गांधी ने कहा कि 'संसद चलो' आंदोलन में शामिल एक छात्रा को पुलिस की बर्बरता के कारण आरएमएल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है, लेकिन सच यह है कि उसे चोट भगदड़ जैसी स्थिति में लगी थी, न कि पुलिस की कार्रवाई में।''
भाजपा सांसद ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा, ''प्रियंका का यह दावा गलत है कि लड़की पुलिस की बर्बरता में घायल हुई थी। तथ्यों को तोड़ा-मरोड़ा गया है।''
पात्रा ने प्रियंका पर मीडिया को ''पालतू'' कहे जाने को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और उसका सम्मान किया जाना चाहिए।
भाजपा नेता ने कहा, ''यह निंदनीय है। मेरा मानना है कि कांग्रेस ने एक तरह से भारतीय मीडिया का अपमान किया है। मीडिया को भी इसका संज्ञान लेना चाहिए।''
केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि प्रियंका गांधी को राजनीति करने के बजाय लोकसभा में चर्चा के विषय पर ध्यान केंद्रित रखना चाहिए था।
लोकसभा में प्रियंका की टिप्पणियों के बारे में पूछे जाने पर संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से बातचीत में वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा, ''विषय शिक्षा सुधार था। उन्होंने और विपक्ष के कई अन्य नेताओं ने इसे राजनीतिक मुद्दा बना दिया। लोकसभा अध्यक्ष ने भी उनसे विषय पर ध्यान केंद्रित करने को कहा था... हम कल इसका जवाब देंगे।''
भाषा सुरभि पारुल
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